फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Balrampur News ›   Two colleges will be able to conduct research again after a year

Balrampur News: साल भर बाद दो महाविद्यालय फिर से करा सकेंगे शोध

Fri, 10 Nov 2023 11:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Fri, 10 Nov 2023 11:49 PM IST
विज्ञापन
Two colleges will be able to conduct research again after a year
बलरामपुर। जिले के दो महाविद्यालयों में साल भर बाद फिर से विद्यार्थियों को शोध कार्य करने की सुविधा मुहैया हो सकेगी। इसके लिए सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु ने शोध कार्य के लिए गाइड चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत विद्यार्थी परास्नातक के बाद राजकीय महाविद्यालय में दो व एमएलके पीजी कॉलेज में 15 विषयों में पीएचडी कर सकेंगे। वर्ष 2022 में शोध पात्रता परीक्षा नहीं हो पाने के कारण शोध कार्य के इच्छुक छात्रों को मायूसी व्याप्त थी।
विज्ञापन

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की अनुमति के बाद इस बार दिसंबर अथवा जनवरी 2024 में शोध पात्रता परीक्षा आयोजित होने की उम्मीद भी कई गुना बढ़ गई है। परीक्षा की तिथि का निर्धारण कॉलेज स्तर पर होने वाली गाइड चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगा। बीते एक साल से जिले के विद्यार्थी अपने मनचाहे विषय में शोध करने का इंतजार कर रहे हैं। अब गाइड चयन की प्रक्रिया शुरू होने से उनकी उम्मीद साकार हो सकेगी। इसके तहत जिले के राजकीय महाविद्यालय पचपेडवा में दो व महारानी लाल कुवंरि (एमएलके) महाविद्यालय में 15 विषयों में शोध कार्य हो सकेंगे। दोनों महाविद्यालयों के शिक्षकों ने गाइड के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय दिसंबर तक गाइड चयन का कार्य पूरा करने के बाद शोध पात्रता परीक्षा आयोजित करा सकता है। एमएलके डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जेपी पांडेय
विज्ञापन

ने बताया कि महाविद्यालय में 15 विषयों में छात्र शोध कार्य कर सकेंगे। इसके लिए शोध पात्रता परीक्षा में सफल होने वाले छात्रों को विषय का आवंटन होगा।
- शोध कार्य पूरा करने के बाद छात्रों की महाविद्यालय अथवा विश्वविद्यालय में बतौर शिक्षक फैकल्टी बनने की राह आसान हो सकेगी। प्रदेश में बड़े पैमाने पर राजकीय महाविद्यालय में शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। जिले में भी एक राज्य विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में शोध पात्रता परीक्षा की तैयारी में जुटी अर्पणा बताती है कि वह एक साल से शोध कार्य में प्रवेश के लिए इंतजार कर रहीं हैं। इस बार मेरी उम्मीद परवान चढ़ सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


राजकीय महाविद्यालय पचपेड़वा के प्राचार्य डॉ. भानु प्रताप सिंह ने बताया कि महाविद्यालय में शोध कार्य होने हैं, इसके लिए विषयवार एक-एक शिक्षक का चयन गाइड पर होना है। इसके तहत दो शिक्षक शोध कार्य कराएंगे। गाइड चयन की प्रक्रिया जल्द पूरी होने की पूरी उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed