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Balrampur News: खपरैल के मकान में तेंदुए के मिले तीन शावक, उमड़ी भीड़
Sun, 27 Apr 2025 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 27 Apr 2025 11:57 PM IST
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बलरामपुर के टिकुइया गांव में मिला तेंदुए का शावक।-संवाद
गौरा चौराहा/गैसड़ी (बलरामपुर)। भांभर रेंज के ग्राम मनकौरा-भगवानपुर के मजरा टिकुइया में रविवार को तेंदुए के तीन शावक पाए गए। मादा तेंदुआ गांव के आसपास घूम रही है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। शावकों को देखने के लिए आसपास के गांवों से भीड़ उमड़ रही है, और पुलिस व वन विभाग को इसकी सूचना दी गई है।
ग्राम टिकुइया के निवासी दिलीप ने बताया कि उनका पुराना खपरैल मकान गांव में ही स्थित है। रविवार सुबह वह जब अपने मकान पर पहुंचे, तो देखा कि तीन तेंदुए के शावक आपस में खेल रहे थे। गांव के अन्य ग्रामीणों जैसे सुनील पाठक, सूरज पाठक, रामगोपाल पाठक, अविनाश चौधरी, बच्चा राम चौहान, सूर्यांश पाठक, विजय यादव, नंदलाल यादव, राम प्रसाद चौधरी, गोविंद पाठक, दिनेश गुप्ता और रमेश चौधरी ने बताया कि गांव के बीचोबीच तेंदुए के तीन शावक मिलने से ग्रामीणों में डर फैल गया है। मादा तेंदुआ पास की झाड़ियों में छिपी हुई है, जिससे कभी भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. एम सेम्मारन ने बताया कि सभी शावक सुरक्षित हैं। मादा तेंदुआ उन्हें लेने जरूर आएगी। गांव में वन विभाग की चौकसी बढ़ा दी गई है।
वीडियो सोशल मीडिया में वायरल
गांव के आसपास के क्षेत्र जैसे झौव्वा, धोबहा, त्रिलोकपुर, हज्जीडीह, रतनपुर, बेनीनगर, चिवटिहवा, भोजपुर, नेबुलडीह, बखरकोटवा, कुड़वा, मदरहवा, जमुवरिया, जहांदारिया, मनकी, चौकिया, बाड़ी बिजूलिया और नेवरी में पिछले तीन वर्षों से तेंदुए अपना ठिकाना बनाए हुए हैं। तेंदुआ गाय, बछड़ा, भैंस, बकरी, कुत्ता, नीलगाय और हिरण को अपना शिकार बना रहा है, लेकिन वन विभाग से कभी भी मुआवजा नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों ने तेंदुए के शावकों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जिससे दूर-दराज के गांवों के लोग भी शावकों को देखने के लिए आ रहे हैं।
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मौके पर भेजे गए वन कर्मी
उप प्रभागीय वनाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि दोपहर में ग्रामीणों ने फोन करके सूचना दी थी। मौके पर वन विभाग की टीम भेजी गई, जिसने शावकों को सुरक्षित कब्जे में ले लिया है। मादा तेंदुआ की तलाश झाड़ियों में की जा रही है। वनकर्मियों ने शावकों को दूध पिलाया और ग्रामीणों को सलाह दी कि वे झाड़ियों के पास न जाएं और शावकों के साथ कोई छेड़छाड़ न करें।
एक माह में अब तक हुई घटनाएं
एक माह पहले टिकुइया गांव में तेंदुए ने एक बछिया को मारकर घायल कर दिया था।
एक सप्ताह पहले चिवटिहवा गांव के पास तेंदुए ने मंटू वर्मा पर हमला किया था।
एक सप्ताह पहले रात में रतनपुर गांव में तेंदुए ने सर्वजीत चौधरी के कुत्ते को उठा लिया था।
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ग्राम टिकुइया के निवासी दिलीप ने बताया कि उनका पुराना खपरैल मकान गांव में ही स्थित है। रविवार सुबह वह जब अपने मकान पर पहुंचे, तो देखा कि तीन तेंदुए के शावक आपस में खेल रहे थे। गांव के अन्य ग्रामीणों जैसे सुनील पाठक, सूरज पाठक, रामगोपाल पाठक, अविनाश चौधरी, बच्चा राम चौहान, सूर्यांश पाठक, विजय यादव, नंदलाल यादव, राम प्रसाद चौधरी, गोविंद पाठक, दिनेश गुप्ता और रमेश चौधरी ने बताया कि गांव के बीचोबीच तेंदुए के तीन शावक मिलने से ग्रामीणों में डर फैल गया है। मादा तेंदुआ पास की झाड़ियों में छिपी हुई है, जिससे कभी भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. एम सेम्मारन ने बताया कि सभी शावक सुरक्षित हैं। मादा तेंदुआ उन्हें लेने जरूर आएगी। गांव में वन विभाग की चौकसी बढ़ा दी गई है।
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वीडियो सोशल मीडिया में वायरल
गांव के आसपास के क्षेत्र जैसे झौव्वा, धोबहा, त्रिलोकपुर, हज्जीडीह, रतनपुर, बेनीनगर, चिवटिहवा, भोजपुर, नेबुलडीह, बखरकोटवा, कुड़वा, मदरहवा, जमुवरिया, जहांदारिया, मनकी, चौकिया, बाड़ी बिजूलिया और नेवरी में पिछले तीन वर्षों से तेंदुए अपना ठिकाना बनाए हुए हैं। तेंदुआ गाय, बछड़ा, भैंस, बकरी, कुत्ता, नीलगाय और हिरण को अपना शिकार बना रहा है, लेकिन वन विभाग से कभी भी मुआवजा नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों ने तेंदुए के शावकों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जिससे दूर-दराज के गांवों के लोग भी शावकों को देखने के लिए आ रहे हैं।
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मौके पर भेजे गए वन कर्मी
उप प्रभागीय वनाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि दोपहर में ग्रामीणों ने फोन करके सूचना दी थी। मौके पर वन विभाग की टीम भेजी गई, जिसने शावकों को सुरक्षित कब्जे में ले लिया है। मादा तेंदुआ की तलाश झाड़ियों में की जा रही है। वनकर्मियों ने शावकों को दूध पिलाया और ग्रामीणों को सलाह दी कि वे झाड़ियों के पास न जाएं और शावकों के साथ कोई छेड़छाड़ न करें।
एक माह में अब तक हुई घटनाएं
एक माह पहले टिकुइया गांव में तेंदुए ने एक बछिया को मारकर घायल कर दिया था।
एक सप्ताह पहले चिवटिहवा गांव के पास तेंदुए ने मंटू वर्मा पर हमला किया था।
एक सप्ताह पहले रात में रतनपुर गांव में तेंदुए ने सर्वजीत चौधरी के कुत्ते को उठा लिया था।