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Balrampur News: हर खामोशी में बेचैनी, नेपाल की आग से झुलस रही सीमावर्ती गांवों की उम्मीद

Thu, 11 Sep 2025 09:02 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 11 Sep 2025 09:02 PM IST
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There is restlessness in every silence, hope of border villages scorched by Nepal's fire
बलरामपुर के सीमातर्वी क्षेत्र में पैदल गश्त करती एसएसबी व पुलिस टीम ।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर।
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नेपाल में भड़की हिंसा की आग अब सीमावर्ती गांवों की उम्मीदों को भी झुलसा रही है। रोटी-बेटी के मधुूर रिश्ते पर भी नजर लग गई है। नेपाली रौनक से चमकने वाले बाजार अब सूने हैं और लोगों की उम्मीद हर बार बज रही फोन की घंटी पर टिकी है। कौन जाने कब दूसरी ओर से मिलने वाली आवाज अपनों की खैरियत सुना जाए।
शहर से 40 किलोमीटर दूर नेपाल से सटा बरदौलिया बाजार अब वीरान है। दुकानदार अशोक कुमार, संतोष कुमार गुप्त और धर्मप्रकाश गुप्त बताते हैं कि व्यापार ठप हो गया है। बरदौलिया चौराहे के सैंग कुमार गुप्त की रिश्तेदारी नेपाल के दांग जिले में है। उनके दामाद राजेश कसौधन ने फोन पर बताया कि बाजार बंद है। विदेश जाने का टिकट भी बेकार हो सकता है। कतर में वह नौकरी करते हैं, 22 को दिल्ली से फ्लाइट है। अब बस नेपाल में हालात सामान्य होने का इंतजार है।
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रोजगार ठप, मुश्किल हुए हालात

नेपाल में कपिलवस्तु जिले के तौलिहवा में वीरेंद्र कसौधन की इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान पर ताला लगा है। नेपालगंज के रमेश कसौधन कहते हैं कि खाना तो है, लेकिन काम नहीं है। गैसड़ी निवासी अश्वनी गुप्त ने बताया कि ससुराल बहादुरगंज (नेपाल) जाना था, पर बढ़नी से आगे नहीं बढ़ सके। फोन ही अब सहारा है। तुलसीपुर से नेपाल से सटे खंगिरा नाका जाने वाले मार्ग पर बनकटवा, दोदेडीह और लंबीकोहल गांवों में सन्नाटा है। पचपेड़वा ब्लॉक के कुकुरभुकवा, बड़का कुकुरभुकवा, चंदनपुर, भुसहरपुरवा समेत 22 सीमावर्ती ग्राम पंचायतों का भी यही हाल है। जरवा क्षेत्र का बालापुर बाजार, जहां नेपाल से सब्जियां और रोजमर्रा का सामान बिकता था, अब वीरान है। व्यापारी एहसान और कल्लू गुप्त कहते हैं कि दुआ बस यही है कि नेपाल के हालात जल्द सुधरें।
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बेटियों की ससुराल में चिंता
नवानगर निवासी परमिंदर शुक्ल नेपाल के भालूबांग में फंसे हैं। परिजन हर रोज फोन से उनका हाल पूछते हैं। सीमावर्ती गांवों की कई बेटियां नेपाल में ब्याही हैं। उनके मायके वाले बताते हैं कि जब फोन नहीं लगता तो दिल बैठ जाता है। गांव के बुजुर्ग पूजा-पाठ और नमाज में यही दुआ मांग रहे हैं कि नेपाल के हालात सामान्य हों। रिश्तों और व्यापार की डोर फिर से मजबूत हो सके। संवाद
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