{"_id":"6a2ee32a7441beae3a09adcf","slug":"the-contractor-has-now-filled-in-the-drain-and-constructed-a-diversion-route-balrampur-news-c-99-1-slko1019-150023-2026-06-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: अब ठेकेदार ने नाला पाटकर बना दिया डायवर्जन मार्ग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: अब ठेकेदार ने नाला पाटकर बना दिया डायवर्जन मार्ग
Sun, 14 Jun 2026 10:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 14 Jun 2026 10:51 PM IST
विज्ञापन
फोटो-27-बलरामपुर के बेलहा पुल के पास मिट्टी से पटा नाला ।-संवाद
विज्ञापन
बलरामपुर। बेलहा-इटवा मार्ग (एनएच-159) पर बन रहे पुल के निर्माण में लगातार लापरवाहियां सामने आ रही हैं। पहले सुरक्षा व्यवस्था में कमी के कारण एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था। इसके बाद हाईटेंशन बिजली लाइन के नीचे से डायवर्जन मार्ग बनाने का मामला सामने आया। अब ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण एजेंसी ने जल निकासी के मुख्य नाले को मिट्टी डालकर बंद कर दिया है, जिससे बरसात में आसपास के गांवों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह नाला वर्षों से बरसात का पानी निकालने का काम करती थी। पुल निर्माण के दौरान ठेकेदार ने बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के नाला को पाट दिया। इससे बारिश होने पर पानी गांव और खेतों में भर सकता है।
लोगों का आरोप है कि काम को आसान बनाने और अतिरिक्त खर्च बचाने के लिए जल निकासी की व्यवस्था की अनदेखी की गई है। लगातार सामने आ रही लापरवाहियों के बावजूद निर्माण एजेंसी कोई सुधार नहीं कर रही है।
विज्ञापन
कुछ दिन पहले इसी निर्माण स्थल के पास सिद्धार्थनगर निवासी शुभांकर सिंह पुलिस भर्ती परीक्षा देने जाते समय दुर्घटना का शिकार हो गए थे। मामले की जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलने पर दो अवर अभियंताओं को निलंबित किया गया था। इसके बाद हाईटेंशन लाइन के नीचे से वाहनों की आवाजाही का रास्ता बना दिया।
अब नाली बंद होने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीण प्रमोद, राहुल, विजय और राजू का कहना है कि यदि जल्द ही नाले को दोबारा नहीं खोला गया तो बरसात में गांव की गलियां, घर और खेत पानी से भर सकते हैं। इससे फसलों को नुकसान होगा और लोगों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ेगी।
ग्रामीणों का कहना है कि यह नाला वर्षों से बरसात का पानी निकालने का काम करती थी। पुल निर्माण के दौरान ठेकेदार ने बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के नाला को पाट दिया। इससे बारिश होने पर पानी गांव और खेतों में भर सकता है।
विज्ञापन
लोगों का आरोप है कि काम को आसान बनाने और अतिरिक्त खर्च बचाने के लिए जल निकासी की व्यवस्था की अनदेखी की गई है। लगातार सामने आ रही लापरवाहियों के बावजूद निर्माण एजेंसी कोई सुधार नहीं कर रही है।
विज्ञापन
कुछ दिन पहले इसी निर्माण स्थल के पास सिद्धार्थनगर निवासी शुभांकर सिंह पुलिस भर्ती परीक्षा देने जाते समय दुर्घटना का शिकार हो गए थे। मामले की जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलने पर दो अवर अभियंताओं को निलंबित किया गया था। इसके बाद हाईटेंशन लाइन के नीचे से वाहनों की आवाजाही का रास्ता बना दिया।
अब नाली बंद होने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीण प्रमोद, राहुल, विजय और राजू का कहना है कि यदि जल्द ही नाले को दोबारा नहीं खोला गया तो बरसात में गांव की गलियां, घर और खेत पानी से भर सकते हैं। इससे फसलों को नुकसान होगा और लोगों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ेगी।