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Balrampur News: निपुण लक्ष्य की राह पर शिक्षक, आधुनिक शिक्षण तकनीकों का मिला प्रशिक्षण
Fri, 11 Sep 2026 11:15 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 11 Sep 2026 11:15 PM IST
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फोटो-24- गैड़ासबुजुर्ग बीआरसी पर आयोजित प्रशिक्षण में शामिल शिक्षक। स्रोत विभाग
उतरौला/ललिया। निपुण भारत मिशन के तहत प्राथमिक विद्यालयों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान (एफएलएन) को मजबूत करने के लिए गैड़ास बुजुर्ग और हरैया सतघरवा के शिवपुरा बीआरसी में आयोजित पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण का पहला चरण संपन्न हो गया। प्रशिक्षण में शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, गतिविधि आधारित शिक्षा और बच्चों के सीखने के स्तर के अनुरूप कक्षा संचालन की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
गैड़ास बुजुर्ग बीआरसी में प्रशिक्षण के दौरान एआरपी डॉ. मनोज कुमार दूबे, रामगोपाल शुक्ला, मनीष पांडेय, उत्कर्ष मोहन श्रीवास्तव और वाचस्पति पांडेय ने निपुण टीचर एप, ज्ञान समीक्षा एप और निपुण प्लस एप के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 तथा नवीन निपुण लक्ष्यों की जानकारी दी। शिक्षकों को नई पाठ्यपुस्तकों, उपचारात्मक शिक्षण, जीआरआर पद्धति, प्रवाहपूर्ण पठन, स्वतंत्र लेखन, साप्ताहिक आकलन और प्रगति ट्रैकर के प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान ऑनलाइन प्री-टेस्ट और पोस्ट-टेस्ट आयोजित किए गए।
वहीं, शिवपुरा बीआरसी में आयोजित एफएलएन प्रशिक्षण में 110 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कक्षा चार और पांच के विद्यार्थियों में भाषा एवं गणित की बुनियादी समझ विकसित करना रहा। शिक्षकों को रटने के बजाय समझ आधारित, गतिविधि प्रधान और रुचिकर शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने के तरीके बताए गए।
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खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. स्वामीनाथ और शमशेर सिंह राणा ने कहा कि प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू कर बच्चों को निपुण लक्ष्य तक पहुंचाना शिक्षकों की अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य हासिल करने वाले विद्यालयों को निपुण विद्यालय के रूप में विकसित कर सम्मानित भी किया जाएगा।
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गैड़ास बुजुर्ग बीआरसी में प्रशिक्षण के दौरान एआरपी डॉ. मनोज कुमार दूबे, रामगोपाल शुक्ला, मनीष पांडेय, उत्कर्ष मोहन श्रीवास्तव और वाचस्पति पांडेय ने निपुण टीचर एप, ज्ञान समीक्षा एप और निपुण प्लस एप के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 तथा नवीन निपुण लक्ष्यों की जानकारी दी। शिक्षकों को नई पाठ्यपुस्तकों, उपचारात्मक शिक्षण, जीआरआर पद्धति, प्रवाहपूर्ण पठन, स्वतंत्र लेखन, साप्ताहिक आकलन और प्रगति ट्रैकर के प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान ऑनलाइन प्री-टेस्ट और पोस्ट-टेस्ट आयोजित किए गए।
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वहीं, शिवपुरा बीआरसी में आयोजित एफएलएन प्रशिक्षण में 110 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कक्षा चार और पांच के विद्यार्थियों में भाषा एवं गणित की बुनियादी समझ विकसित करना रहा। शिक्षकों को रटने के बजाय समझ आधारित, गतिविधि प्रधान और रुचिकर शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने के तरीके बताए गए।
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खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. स्वामीनाथ और शमशेर सिंह राणा ने कहा कि प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू कर बच्चों को निपुण लक्ष्य तक पहुंचाना शिक्षकों की अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य हासिल करने वाले विद्यालयों को निपुण विद्यालय के रूप में विकसित कर सम्मानित भी किया जाएगा।