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Balrampur News: यूपी बोर्ड परीक्षा में तैयारी के लिए पर्याप्त समय, कठिन विषयों के बीच कम अंतराल
Fri, 16 Oct 2026 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 16 Oct 2026 12:27 AM IST
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बलरामपुर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा का कार्यक्रम जारी होने से विद्यार्थियों को तैयारी की रणनीति बनाने का मौका मिल गया है। परीक्षाएं पांच से 24 फरवरी 2027 तक होंगी। करीब चार महीने पहले कार्यक्रम जारी होने से विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम दोहराने, कमजोर विषयों पर ध्यान देने और मॉडल पेपर हल करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। हालांकि, कुछ विषयों के बीच कम अंतराल विद्यार्थियों की मुश्किल बढ़ा सकता है। खासकर इंटरमीडिएट में रसायन विज्ञान की परीक्षा 15 फरवरी और भौतिक विज्ञान की परीक्षा 17 फरवरी को होने से विद्यार्थियों को दोनों विषयों की तैयारी के लिए समय का बेहतर प्रबंधन करना होगा।
हाईस्कूल की परीक्षा पांच फरवरी को हिंदी विषय से शुरू होगी। आठ फरवरी को सामाजिक विज्ञान, 10 फरवरी को अंग्रेजी, 12 फरवरी को गृह विज्ञान और 13 फरवरी को गणित की परीक्षा निर्धारित है। इसके बाद 17 फरवरी को विज्ञान की परीक्षा होगी। जिन विद्यार्थियों के विषय गृह विज्ञान और गणित दोनों हैं, उन्हें लगातार दो दिन परीक्षा देनी होगी। ऐसे विद्यार्थियों को गृह विज्ञान की तैयारी पहले पूरी कर गणित के अभ्यास के लिए समय निकालना होगा।
इंटरमीडिएट में 12 फरवरी को जीव विज्ञान और गणित, 15 फरवरी को रसायन विज्ञान तथा 17 फरवरी को भौतिक विज्ञान की परीक्षा होगी। रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान के बीच केवल एक दिन का अंतर होने से विद्यार्थियों को दोनों विषयों की तैयारी पहले से करनी होगी। शिक्षा विशेषज्ञ सर्वेश सिंह ने बताया कि परीक्षा के बाद अगले विषय की तैयारी शुरू करने के बजाय अभी से विषयवार पुनरावृत्ति का कार्यक्रम बनाना अधिक उपयोगी रहेगा। डीआईओएस मृदुला आनंद ने बताया कि प्रधानाचार्यों को समय सारिणी के अनुसार विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम पूरा कराने और परीक्षा की तैयारी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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समय सारिणी से ऐसे लें सहूलियत
राजकीय हाईस्कूल रमनगरा के प्रधानाचार्य नवनीत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विद्यार्थी सबसे पहले अपने विषयों की परीक्षा तिथि और पाली अलग-अलग लिख लें। जिन विषयों के बीच कम अंतराल है, उनकी तैयारी पहले पूरी करें। गणित और भौतिक विज्ञान में नियमित रूप से सवाल हल करें, जबकि रसायन विज्ञान में सूत्र, अभिक्रियाएं और महत्वपूर्ण अवधारणाएं दोहराएं। हिंदी, अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों को अंतिम दिनों के लिए न छोड़ें। सप्ताह में एक दिन निर्धारित समय सीमा के भीतर मॉडल पेपर हल करके अपनी तैयारी परखें। परीक्षाएं सुबह 8:30 से 11:45 बजे और दोपहर दो बजे से शाम 5:15 बजे तक दो पालियों में होंगी। विद्यार्थियों को अपनी पाली के अनुसार सोने, जागने और पढ़ाई का समय तय करना चाहिए।
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हाईस्कूल की परीक्षा पांच फरवरी को हिंदी विषय से शुरू होगी। आठ फरवरी को सामाजिक विज्ञान, 10 फरवरी को अंग्रेजी, 12 फरवरी को गृह विज्ञान और 13 फरवरी को गणित की परीक्षा निर्धारित है। इसके बाद 17 फरवरी को विज्ञान की परीक्षा होगी। जिन विद्यार्थियों के विषय गृह विज्ञान और गणित दोनों हैं, उन्हें लगातार दो दिन परीक्षा देनी होगी। ऐसे विद्यार्थियों को गृह विज्ञान की तैयारी पहले पूरी कर गणित के अभ्यास के लिए समय निकालना होगा।
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इंटरमीडिएट में 12 फरवरी को जीव विज्ञान और गणित, 15 फरवरी को रसायन विज्ञान तथा 17 फरवरी को भौतिक विज्ञान की परीक्षा होगी। रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान के बीच केवल एक दिन का अंतर होने से विद्यार्थियों को दोनों विषयों की तैयारी पहले से करनी होगी। शिक्षा विशेषज्ञ सर्वेश सिंह ने बताया कि परीक्षा के बाद अगले विषय की तैयारी शुरू करने के बजाय अभी से विषयवार पुनरावृत्ति का कार्यक्रम बनाना अधिक उपयोगी रहेगा। डीआईओएस मृदुला आनंद ने बताया कि प्रधानाचार्यों को समय सारिणी के अनुसार विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम पूरा कराने और परीक्षा की तैयारी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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समय सारिणी से ऐसे लें सहूलियत
राजकीय हाईस्कूल रमनगरा के प्रधानाचार्य नवनीत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विद्यार्थी सबसे पहले अपने विषयों की परीक्षा तिथि और पाली अलग-अलग लिख लें। जिन विषयों के बीच कम अंतराल है, उनकी तैयारी पहले पूरी करें। गणित और भौतिक विज्ञान में नियमित रूप से सवाल हल करें, जबकि रसायन विज्ञान में सूत्र, अभिक्रियाएं और महत्वपूर्ण अवधारणाएं दोहराएं। हिंदी, अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों को अंतिम दिनों के लिए न छोड़ें। सप्ताह में एक दिन निर्धारित समय सीमा के भीतर मॉडल पेपर हल करके अपनी तैयारी परखें। परीक्षाएं सुबह 8:30 से 11:45 बजे और दोपहर दो बजे से शाम 5:15 बजे तक दो पालियों में होंगी। विद्यार्थियों को अपनी पाली के अनुसार सोने, जागने और पढ़ाई का समय तय करना चाहिए।