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Balrampur News: मां स्कंदमाता की आराधना से गूंजे देवी मंदिर, उमड़े श्रद्धालु
Fri, 16 Oct 2026 12:40 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 16 Oct 2026 12:40 AM IST
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तुलसीपुर/बलरामपुर। शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की आराधना से जिले के देवी मंदिर गूंज उठे। शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में भोर पहर से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भक्तों ने मां के दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। नगर के झारखंडी मंदिर, काली धाम, समय माता मंदिर, तुलसीपुर के नौ देवी मंदिर, उतरौला के ज्वाला माता मंदिर, पेहर बाजार के दुर्गा माता मंदिर और महुवा के करिया दुर्गा मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
देवीपाटन मंदिर के पीठाधीश्वर मिथिलेश नाथ योगी ने भोर पहर मां स्कंदमाता की विशेष पूजा-अर्चना की और हलवा-रोट का भोग लगाया। मंदिर के पुजारी वशिष्ठ नाथ योगी ने बताया कि भगवान स्कंद कुमार की माता होने के कारण देवी के इस स्वरूप को स्कंदमाता कहा जाता है। इनकी उपासना से भक्तों को भक्ति और मुक्ति दोनों की प्राप्ति होती है। मां की आराधना से मन शुद्ध होता है और साधक को परम शांति मिलती है।
मंदिर पहुंचीं श्रद्धालु शारदा देवी ने कहा कि नवरात्र के पांचवें दिन मां स्कंदमाता के दर्शन से मन को असीम शांति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। वहीं, नीता देवी ने बताया कि वह हर साल नवरात्र में मां के दर्शन करने आती हैं। मां की आराधना से उन्हें विशेष ऊर्जा और आनंद की अनुभूति होती है।
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मंदिर की व्यवस्था देख रहे अरुण गुप्ता ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, पेयजल और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। देवीपाटन मंदिर के आसपास लगे मेले और सजे बाजारों में भी खूब चहल-पहल रही। श्रद्धालुओं ने चुनरी, नारियल, फूल-माला, शृंगार सामग्री और पूजा-पाठ का सामान खरीदा। बच्चों ने खिलौनों की दुकानों से खरीदारी की।
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देवीपाटन मंदिर के पीठाधीश्वर मिथिलेश नाथ योगी ने भोर पहर मां स्कंदमाता की विशेष पूजा-अर्चना की और हलवा-रोट का भोग लगाया। मंदिर के पुजारी वशिष्ठ नाथ योगी ने बताया कि भगवान स्कंद कुमार की माता होने के कारण देवी के इस स्वरूप को स्कंदमाता कहा जाता है। इनकी उपासना से भक्तों को भक्ति और मुक्ति दोनों की प्राप्ति होती है। मां की आराधना से मन शुद्ध होता है और साधक को परम शांति मिलती है।
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मंदिर पहुंचीं श्रद्धालु शारदा देवी ने कहा कि नवरात्र के पांचवें दिन मां स्कंदमाता के दर्शन से मन को असीम शांति मिलती है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। वहीं, नीता देवी ने बताया कि वह हर साल नवरात्र में मां के दर्शन करने आती हैं। मां की आराधना से उन्हें विशेष ऊर्जा और आनंद की अनुभूति होती है।
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मंदिर की व्यवस्था देख रहे अरुण गुप्ता ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, पेयजल और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। देवीपाटन मंदिर के आसपास लगे मेले और सजे बाजारों में भी खूब चहल-पहल रही। श्रद्धालुओं ने चुनरी, नारियल, फूल-माला, शृंगार सामग्री और पूजा-पाठ का सामान खरीदा। बच्चों ने खिलौनों की दुकानों से खरीदारी की।