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खरझार पहाड़ी नाले में अचानक आई बाढ़, फंसे बराती
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महराजगंज तराई (बलरामपुर)। खरझार पहाड़ी नाले में शनिवार को अचानक बाढ़ आ गई। पहाड़ी नाले के बाढ़ में 10 गांव घिर गए हैं। गांवों में आवागमन पूरी तरह से ठप हो चुका है। लोगों के घरों में रखा अनाज व अन्य सामान बाढ़ के पानी में बर्बाद हो गया है। खेतों में लगी फसलें भी बाढ़ में तबाह हो गई हैं। सूचना पाकर मौके पर पहुंची प्रशासन की टीमें लोगों की मदद में जुट गई हैं। अन्य पहाड़ी नालों में भी उफान के चलते दर्जनों गांव टापू बन गए हैं। कई रास्तों पर जलभराव के चलते आवागमन बंद हो गया है।
बीते कई दिनों से भारी बारिश के चलते राप्ती नदी व पहाड़ी नालों में बाढ़ का कहर शुरू हो गया है। हालांकि राप्ती नदी में आई बाढ़ का पानी घट गया है लेकिन लगातार बारिश के चलते फिर से राप्ती नदी में बाढ़ आने की संभावना जताई जा रही है। पहाड़ों पर भारी बारिश के चलते शनिवार की भोर से ही खरझार पहाड़ी नाले में अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ का पानी थाना महराजगंज तराई के 10 गांवों में फैल गया। 10 गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके है। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। महराजगंज तराई-ललिया मार्ग पर भी खरझार पहाड़ी नाले के बाढ़ का पानी भर गया है जिससे आवागमन ठप हो गया है। बाढ़ के पानी से खुद को बचाने के लिए लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश कर रहे है।
रामगढ़ मैटहवा गांव में चारों तरफ बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इसी गांव के ओंकार वर्मा के लड़की की शादी में आए बाराती भी बाढ़ के पानी में फंस गए है। बाढ़ घटने का बाराती इंतजार कर रहे है। ओंकार वर्मा ने बताया कि बारात ठाकुरदीनपुरवा थाना हरैया से शाम को आई थी जो अभी तक गांव में है। चारों तरफ से रास्ता बंद है और गांव में पानी भरा हुआ है। जिन गांव में बाढ़ का पानी भरा हुआ वह है शांतिनगर, रामगढ़ मैटहवा, हरिहरनगर, लेहरी, सहबिनिया, जगरामपुरवा, सुगानगर, साहेबनगर, विजयडीह, बल्दीडीह व दांदव में पहाड़ी नाले के बाढ़ का पानी भरा हुआ है। मवेशियों को भी खाने के लाले पड़ गए है।
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ग्रामीण पवन कुमार, गुड्डू, सियाराम, रामेश्वर, राघवराम जीवनलाल आदि ने बताया कि लोगों के घरों में रखा अनाज व अन्य सामान भी बर्बाद हो गया है। बर्तन भी बह गए है। इसके अलावा फुहरी, जमधरा, कचनी, धौबेनिया, भांभर व खैरहनिया पहाड़ी नालों में भी उफान के चलते ग्रामीण इलाकों के कई रास्ते तेज बहाव व जलभराव के चलते बंद हो गए हैं।
ग्रामीणों ने इन गांवों को पहाड़ी नाले के बाढ़ से बचाने के लिए बांध का निर्माण कराए जाने की मांग डीएम से की है। साथ ही ग्रामीणों ने बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा दिलाने की भी मांग की है। एसडीएम तुलसीपुर विनोद सिंह ने बताया कि मौके पर बाढ़ खंड के अधिकारियों को भेजा गया है। लोगों की मदद में टीमों को लगाया गया है। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
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बीते कई दिनों से भारी बारिश के चलते राप्ती नदी व पहाड़ी नालों में बाढ़ का कहर शुरू हो गया है। हालांकि राप्ती नदी में आई बाढ़ का पानी घट गया है लेकिन लगातार बारिश के चलते फिर से राप्ती नदी में बाढ़ आने की संभावना जताई जा रही है। पहाड़ों पर भारी बारिश के चलते शनिवार की भोर से ही खरझार पहाड़ी नाले में अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ का पानी थाना महराजगंज तराई के 10 गांवों में फैल गया। 10 गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके है। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। महराजगंज तराई-ललिया मार्ग पर भी खरझार पहाड़ी नाले के बाढ़ का पानी भर गया है जिससे आवागमन ठप हो गया है। बाढ़ के पानी से खुद को बचाने के लिए लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश कर रहे है।
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रामगढ़ मैटहवा गांव में चारों तरफ बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इसी गांव के ओंकार वर्मा के लड़की की शादी में आए बाराती भी बाढ़ के पानी में फंस गए है। बाढ़ घटने का बाराती इंतजार कर रहे है। ओंकार वर्मा ने बताया कि बारात ठाकुरदीनपुरवा थाना हरैया से शाम को आई थी जो अभी तक गांव में है। चारों तरफ से रास्ता बंद है और गांव में पानी भरा हुआ है। जिन गांव में बाढ़ का पानी भरा हुआ वह है शांतिनगर, रामगढ़ मैटहवा, हरिहरनगर, लेहरी, सहबिनिया, जगरामपुरवा, सुगानगर, साहेबनगर, विजयडीह, बल्दीडीह व दांदव में पहाड़ी नाले के बाढ़ का पानी भरा हुआ है। मवेशियों को भी खाने के लाले पड़ गए है।
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ग्रामीण पवन कुमार, गुड्डू, सियाराम, रामेश्वर, राघवराम जीवनलाल आदि ने बताया कि लोगों के घरों में रखा अनाज व अन्य सामान भी बर्बाद हो गया है। बर्तन भी बह गए है। इसके अलावा फुहरी, जमधरा, कचनी, धौबेनिया, भांभर व खैरहनिया पहाड़ी नालों में भी उफान के चलते ग्रामीण इलाकों के कई रास्ते तेज बहाव व जलभराव के चलते बंद हो गए हैं।
ग्रामीणों ने इन गांवों को पहाड़ी नाले के बाढ़ से बचाने के लिए बांध का निर्माण कराए जाने की मांग डीएम से की है। साथ ही ग्रामीणों ने बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा दिलाने की भी मांग की है। एसडीएम तुलसीपुर विनोद सिंह ने बताया कि मौके पर बाढ़ खंड के अधिकारियों को भेजा गया है। लोगों की मदद में टीमों को लगाया गया है। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।