{"_id":"68125ccc38864616f8073990","slug":"students-of-council-schools-were-made-to-study-in-illegal-madrasas-balrampur-news-c-99-1-slko1029-125298-2025-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की अवैध मदरसों में कराते थे पढ़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की अवैध मदरसों में कराते थे पढ़ाई
विज्ञापन
बलरामपुर। नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में अवैध मदरसों में परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को ही पढ़ाया जा रहा था। प्रशासन ने अब तक सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में खुले 21 मदरसों पर कार्रवाई की है, जिनमें 20 को बंद कराया गया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
नेपाल के करीब होने से संवेदनशील जिले में देखते ही देखते अवैध मदरसों का जाल फैल गया। अभी तो एक निश्चित दायरे में जांच हुई है, जिसमें 21 अवैध मदरसे सामने आए हैं। इसके पूर्व में भी मदरसों के संचालन में फर्जीवाड़े की बात सामने आ चुकी है। 83 मदरसों को वर्ष 2021 में बंद कराया गया था। इसके अलावा अभी कई मदरसे हैं जो बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी यशवंत मौर्य ने बताया कि अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित विद्यालयों के विद्यार्थियों की ही मदरसे में पढ़ाई कराई जा रही थी। इससे किसी भी विद्यार्थी को आगे की पढ़ाई में दिक्कत नहीं आएगी, लेकिन जांच में यह तथ्य सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हुए हैं। फिलहाल विभाग अभी मामले की छानबीन कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नेपाल के करीब होने से संवेदनशील जिले में देखते ही देखते अवैध मदरसों का जाल फैल गया। अभी तो एक निश्चित दायरे में जांच हुई है, जिसमें 21 अवैध मदरसे सामने आए हैं। इसके पूर्व में भी मदरसों के संचालन में फर्जीवाड़े की बात सामने आ चुकी है। 83 मदरसों को वर्ष 2021 में बंद कराया गया था। इसके अलावा अभी कई मदरसे हैं जो बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं।
विज्ञापन
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी यशवंत मौर्य ने बताया कि अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित विद्यालयों के विद्यार्थियों की ही मदरसे में पढ़ाई कराई जा रही थी। इससे किसी भी विद्यार्थी को आगे की पढ़ाई में दिक्कत नहीं आएगी, लेकिन जांच में यह तथ्य सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हुए हैं। फिलहाल विभाग अभी मामले की छानबीन कर रहा है।
विज्ञापन