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यूक्रेन से लौटे जिले के दो छात्र, दो अभी भी बंकर में हैं छिपे

Fri, 04 Mar 2022 11:26 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 04 Mar 2022 11:26 PM IST
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फोटो-10-बलरामपुर में यूक्रेन से लखनऊ लौटेने पर अपने भाई से गले मिलते अविरल सिंह।-संवाद - फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। यूक्रेन में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले जिले के चार छात्रों में दो सकुशल घर लौट आए हैं। वहां से लौटे छात्रों ने बताया कि दो छात्र अभी भी बंकर में फंसे हैं। परिजन उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। परिजनों ने केंद्र सरकार से शीघ्र बच्चों की सुरक्षित वापसी की गुुहार लगाई है।
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यूक्रेन में जिले के ग्राम जखौली निवासी नवनीत त्रिपाठी, ग्राम रमनगरा निवासी सुरेश वर्मा तथा बलरामपुरनगर के मोहल्ला पहलवारा निवासी अविरल सिंह तथा मोहल्ला तुलसीपार्क निवासी विवेक श्रीवास्तव रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे। बीते दिनों रूस से छिड़ी जंग के बीच लोग वहां फंसे थे। बीते दिन घर लौटे नवनीत त्रिपाठी ने बताया कि यूूक्रेन से निकलने में वहां के लोगों ने कोई मदद नहीं की। हम लोग किसी तरह 28 फरवरी को हंगरी बार्डर पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद हमें वापस लाने की सारी व्यवस्था भारत सरकार ने की। भारत सरकार का प्रयास सराहनीय रहा। यूक्रेन में भारत के जो लोग काम करते हैं उन लोगों ने हमारे खाने-पीने की व्यवस्था की। घर पहुंचने पर नवनीत के मां-बाप व परिवार को लोग काफी खुश है।
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शुक्रवार को यूक्रेन से लखनऊ पहंचे मोहल्ला पहलवारा निवासी अविरल सिंह ने बताया कि वह लोग चार दिन तक रोमानिया बार्डर पर फंसे थे। वहां से भारत सरकार के वायुसेना के विमान से गुरुवार को उन्हें सकुशल गाजियाबाद लाया गया है। लखनऊ से वह घर आ रहे हैं। देररात तक वह घर पहुंच जाएंगे। उनकी वापसी पर भी परिजनों ने संतोष जताते हुए खुशी जाहिर की है। जखौली निवासी सुरेश वर्मा तथा मोहल्ला तुलसीपार्क निवासी विवेक श्रीवास्तव अभी भी बंकर में फंसे हुए हैं। सुरेश के भाई धर्मेंद्र वर्मा ने बताया कि भाई अभी बंकर में हैं। उससे बात हुई है। अभी तक उसके यूक्रेन से बाहर निकलने की व्यवस्था नहीं हो पाई है। विवेक के पिता सुशील श्रीवास्तव ने उनका बेटा अभी यूूक्रेन स्थित सुमी मेडिकल यूनिवर्सिटी के बंकर में छिपा है। लगातार बढ़ रही लड़ाई से दोनों छात्र डरे हैं। परिजन भी अपने बच्चों की सुरक्षा और उनकी वतन वापसी के लिए चिंतित दिख रहे हैं। परिजनों ने भारत सरकार से मांग की है कि शीघ्र ही उनके बच्चों को यूक्रेन से सुरक्षित भारत लाया जाए।
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