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Balrampur News: बलरामपुर में पहली बार होगी स्ट्रॉबेरी की खेती
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बलरामपुर। जिले में पहली बार स्ट्रॉबेरी की खेती की जाएगी। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत किसानों को इसके लिए 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान भी मिलेगा। पहले साल एक हेक्टेयर में स्ट्रॉबेरी की खेती की जाएगी। विभाग ने किसानों की चयन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। किसानों को प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर लाभ मिलेगा।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। कई किसानों का परंपरागत खेती को छोड़ कर तकनीकी खेती की ओर रुझान बढ़ा है। अब तक अधिकतर किसान गेंहू और धान की खेती तक सीमित थे। हालांकि अब किसानों में बदलाव आ रहा है। किसान परंपरागत खेती को छोड़कर तकनीकी खेती की ओर बढ़े हैं। अब वे सब्जी सहित विभिन्न प्राकृतिक खेती में अपने हाथ आजमा रहे हैं।
स्ट्रॉबेरी की खेती में किसानों को कम लागत में बेहतर मुनाफा होता है। इस साल जिले में पहली बार स्ट्रॉबेरी की खेती की जाएगी। एक हेक्टेयर की स्ट्रॉबेरी की खेती में करीब 1.25 लाख रुपये अनुमानित खर्च आता है। उद्यान विभाग की ओर से किसानों को 50 हजार रुपये अनुदान मिलेगा। किसान स्ट्रॉबेरी की खेती करके एक साल में करीब एक लाख से दो लाख रुपये तक प्रति हेक्टेयर आमदनी कमा सकते हैं।
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जिला उद्यान अधिकारी संतोष कुमार दूबे ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत आम, अमरूद, लीची, केला, पपीता व ड्रेगन फ्रूट को शामिल किया गया है। इसी में एक हेक्टेयर में स्ट्रॉबेरी की खेती की जाएगी। कार्यालय से सत्यापन के बाद ही किसानों का चयन किया जाएगा। (संवाद)
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किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। कई किसानों का परंपरागत खेती को छोड़ कर तकनीकी खेती की ओर रुझान बढ़ा है। अब तक अधिकतर किसान गेंहू और धान की खेती तक सीमित थे। हालांकि अब किसानों में बदलाव आ रहा है। किसान परंपरागत खेती को छोड़कर तकनीकी खेती की ओर बढ़े हैं। अब वे सब्जी सहित विभिन्न प्राकृतिक खेती में अपने हाथ आजमा रहे हैं।
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स्ट्रॉबेरी की खेती में किसानों को कम लागत में बेहतर मुनाफा होता है। इस साल जिले में पहली बार स्ट्रॉबेरी की खेती की जाएगी। एक हेक्टेयर की स्ट्रॉबेरी की खेती में करीब 1.25 लाख रुपये अनुमानित खर्च आता है। उद्यान विभाग की ओर से किसानों को 50 हजार रुपये अनुदान मिलेगा। किसान स्ट्रॉबेरी की खेती करके एक साल में करीब एक लाख से दो लाख रुपये तक प्रति हेक्टेयर आमदनी कमा सकते हैं।
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जिला उद्यान अधिकारी संतोष कुमार दूबे ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत आम, अमरूद, लीची, केला, पपीता व ड्रेगन फ्रूट को शामिल किया गया है। इसी में एक हेक्टेयर में स्ट्रॉबेरी की खेती की जाएगी। कार्यालय से सत्यापन के बाद ही किसानों का चयन किया जाएगा। (संवाद)