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पांच डॉक्टर सहित सिस्टर इंचार्ज व सभी उपचारिका का रोका गया वेतन

Fri, 17 Sep 2021 10:32 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 17 Sep 2021 10:32 PM IST
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Stopped salary of five doctors, sister in-charge and all the doctors
बलरामपुर। राज्य महिला आयोग की सदस्य द्वारा बीते दिनों संयुक्त जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान कई खामियां पाई थी। मरीजों ने डॉक्टरों पर धन उगाही करने, बाहर की दवा लिखने तथा खून के लिए पैसा लिए जाने की शिकायत की थी।
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मरीजों की शिकायत एवं महिला आयोग की सदस्य के निर्देश पर संयुक्त जिला चिकित्सालय के सीएमएस ने पांच डॉक्टरों सहित प्रसव कक्ष की सिस्टर इंचार्ज एवं सभी उपचारिका के एक माह का वेतन रोक दिया है। सीएमएस ने स्पष्टीकरण मांगते हुए तीन दिन में संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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बीते 15 सितंबर को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बसंल ने संयुक्त जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के समय मरीजों ने रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एके यादव पर अल्ट्रासाउंड के लिए अवैध वसूली करने, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन कुमार चौधरी पर बाहर से जांच व दवा लिखे जाने, पैथालॉजिस्ट डॉ. एपी मिश्र द्वारा तीमारदारों से बीता रक्त लिए ही पैसा लेकर मरीजों के लिए रक्त दिए जाने, नेत्र सर्जन डॉ. सुनील कुमार द्वारा अच्छे लेंस के नाम पर मरीजों से धन उगाही किए जाने तथा प्रसव कक्ष के प्रभारी चिकित्सक, सिस्टर इंचार्ज एवं सभी उपचारिका द्वारा प्रसूता के परिजनों से प्रसव के लिए पैसा लिए जाने की शिकायत की गई थी।
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मरीजों की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए राज्य महिला आयोग की सदस्य ने सभी डॉक्टरों तथा सिस्टर इंचार्ज व उपचारिका के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का निर्देश सीएमएस को दिया था।
संयुक्त जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि आयोग की सदस्य के निर्देश पर डॉ. एके यादव, डॉ. नितिन कुुमार चौधरी, डॉ. एपी मिश्र, डॉ. सुनील कुमार तथा प्रसव कक्ष के प्रभारी चिकित्सक, सिस्टर इंचार्ज व सभी उपचारिका के एक माह का वेतन रोका गया है।

सभी लोगों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। तीन दिन में संतोषजनक जवाब न मिलने पर वेतन काटने के साथ ही विभागीय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
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