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Balrampur News: 2.94 करोड़ से संवर रहा स्टेडियम, खिलाड़ियों को अब भी कोच का इंतजार
Tue, 13 Oct 2026 11:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 13 Oct 2026 11:42 PM IST
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फोटो-24-बलरामपुर के स्पोटर्स स्टेडियम में हॉकी खेलती खिलाड़ी ।-संवाद
बलरामपुर। जिले में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। क्रिकेट से लेकर फुटबॉल, हॉकी, एथलेटिक्स और मार्शल आर्ट तक में युवा अपनी पहचान बनाने के लिए नियमित अभ्यास कर रहे हैं। इसके बावजूद खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने की चुनौती बनी हुई है। स्टेडियम में सुविधाओं के विस्तार के लिए 2.94 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। स्टेडियम के विकास की कार्ययोजना में हरित क्षेत्र विकसित करने, बहुउद्देश्यीय क्रीड़ा हॉल के सुदृढ़ीकरण और मिनी स्विमिंग पूल के निर्माण जैसी योजनाएं भी शामिल हैं।
स्पोर्ट्स स्टेडियम में क्रिकेट, वॉलीबॉल, फुटबॉल और कबड्डी के प्रशिक्षकों की कमी खिलाड़ियों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। क्रिकेट के लिए मैदान और बैडमिंटन के लिए कोर्ट होने के बावजूद प्रशिक्षकों के अभाव में खिलाड़ियों को तकनीकी मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है। खिलाड़ी खुद अभ्यास करते हैं, लेकिन उनकी गलतियों को सुधारने और खेल की बारीकियां समझाने के लिए विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं।
क्रिकेट खिलाड़ी मयंक और स्वदेश ने पहले अपनी समस्या बताते हुए कहा था कि नियमित प्रशिक्षक की तैनाती से खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर हो सकता है। तकनीक और फिटनेस का सही मार्गदर्शन मिलने से उन्हें मंडल और प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभा दिखाने के अधिक अवसर मिलेंगे। फुटबॉल खिलाड़ी राजू और पवन ने भी प्रशिक्षक की कमी का मुद्दा उठाया था। उनका कहना था कि जिले में बड़ी संख्या में युवा फुटबॉल खेलते हैं, लेकिन प्रशिक्षक नहीं होने से उन्हें अपेक्षित मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। ऐसे में खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान अपनी मेहनत और अनुभव पर ही निर्भर रहना पड़ता है।
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हालांकि, स्टेडियम में हॉकी, बॉक्सिंग, तीरंदाजी, जूडो, ताइक्वांडो और एथलेटिक्स जैसे खेलों के प्रशिक्षकों की तैनाती से खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर अभ्यास का अवसर मिला है। जून में बॉक्सिंग प्रशिक्षक अभिषेक कुमार और तीरंदाजी प्रशिक्षक अनुपमा धानुक की तैनाती की जानकारी सामने आई थी। जुलाई में हॉकी प्रशिक्षक की तैनाती से भी खिलाड़ियों को लाभ मिलने लगा था।
जिला क्रीड़ा अधिकारी अभिषेक कुमार ने पहले बताया था कि अन्य खेलों के प्रशिक्षकों की तैनाती के लिए खेल निदेशालय को पत्र भेजा गया है। उन्होंने बताया था कि जारी बजट से होने वाले प्रमुख कार्यों में स्विमिंग पूल का निर्माण शामिल है। इसके बनने से खिलाड़ियों को तैराकी की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा स्टेडियम में मिट्टी पटाई का कार्य भी प्रस्तावित है। खिलाड़ी रोहित पासवान और वंदना ने कहा कि स्विमिंग पूल बनने से जिले के खिलाड़ियों को भी तैराकी का मौका मिलेगा।
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स्पोर्ट्स स्टेडियम में क्रिकेट, वॉलीबॉल, फुटबॉल और कबड्डी के प्रशिक्षकों की कमी खिलाड़ियों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। क्रिकेट के लिए मैदान और बैडमिंटन के लिए कोर्ट होने के बावजूद प्रशिक्षकों के अभाव में खिलाड़ियों को तकनीकी मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है। खिलाड़ी खुद अभ्यास करते हैं, लेकिन उनकी गलतियों को सुधारने और खेल की बारीकियां समझाने के लिए विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं।
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क्रिकेट खिलाड़ी मयंक और स्वदेश ने पहले अपनी समस्या बताते हुए कहा था कि नियमित प्रशिक्षक की तैनाती से खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर हो सकता है। तकनीक और फिटनेस का सही मार्गदर्शन मिलने से उन्हें मंडल और प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभा दिखाने के अधिक अवसर मिलेंगे। फुटबॉल खिलाड़ी राजू और पवन ने भी प्रशिक्षक की कमी का मुद्दा उठाया था। उनका कहना था कि जिले में बड़ी संख्या में युवा फुटबॉल खेलते हैं, लेकिन प्रशिक्षक नहीं होने से उन्हें अपेक्षित मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। ऐसे में खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान अपनी मेहनत और अनुभव पर ही निर्भर रहना पड़ता है।
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हालांकि, स्टेडियम में हॉकी, बॉक्सिंग, तीरंदाजी, जूडो, ताइक्वांडो और एथलेटिक्स जैसे खेलों के प्रशिक्षकों की तैनाती से खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर अभ्यास का अवसर मिला है। जून में बॉक्सिंग प्रशिक्षक अभिषेक कुमार और तीरंदाजी प्रशिक्षक अनुपमा धानुक की तैनाती की जानकारी सामने आई थी। जुलाई में हॉकी प्रशिक्षक की तैनाती से भी खिलाड़ियों को लाभ मिलने लगा था।
जिला क्रीड़ा अधिकारी अभिषेक कुमार ने पहले बताया था कि अन्य खेलों के प्रशिक्षकों की तैनाती के लिए खेल निदेशालय को पत्र भेजा गया है। उन्होंने बताया था कि जारी बजट से होने वाले प्रमुख कार्यों में स्विमिंग पूल का निर्माण शामिल है। इसके बनने से खिलाड़ियों को तैराकी की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा स्टेडियम में मिट्टी पटाई का कार्य भी प्रस्तावित है। खिलाड़ी रोहित पासवान और वंदना ने कहा कि स्विमिंग पूल बनने से जिले के खिलाड़ियों को भी तैराकी का मौका मिलेगा।