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Balrampur News: नवजात के लिए वरदान साबित होगा एसएनसीयू वार्ड
Fri, 31 Jan 2025 11:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 31 Jan 2025 11:58 PM IST
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बलरामपुर। संयुक्त जिला चिकित्सालय में अब नवजातों की बेहतर देखभाल हो सकेगी। नवजात को अस्पताल में भर्ती करने के लिए सिक न्यूबार्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) वार्ड बनकर तैयार हो गया है। एसएनसीयू वार्ड में 12 बच्चों को भर्ती करने की व्यवस्था रहेगी। सिक न्यूबार्न केयर यूनिट नवजात शिशुओं के लिए वरदान साबित होगी।
नवजात शिशु मृत्यु दर को रोकने के लिए अभी तक सिर्फ जिला महिला अस्पताल में सिक न्यूबार्न केयर यूनिट का संचालन होता है। यहां नवजात शिशुओं को भर्ती कर 24 घंटे बाल रोग विशेषज्ञ समेत अन्य स्टॉफ द्वारा निगरानी की जाती है। जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में बेड की संख्या सीमित होने के कारण अन्य नवजातों को निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता था। अब जिले के दो अस्पतालों में एसएनसीयू वार्ड होने से नवजात को भर्ती करने में सुविधा मिलेगी। संयुक्त जिला चिकित्सालय में चार लाख रुपये से 12 बच्चों को भर्ती करने के लिए वार्ड तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इस वार्ड का संचालन शुरु होने की उम्मीद है।
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शिशु मृत्यु दर में आएगी कमी
- अस्पताल में गंभीर स्थिति में पैदा होने वाले नवजात के लिए एसएनसीयू वार्ड वरदान साबित होगा। अक्सर देखा जाता है कि पैदा होने के बाद एक महीने तक नवजात को सांस लेने में दिक्कत होती है या मानक के अनुरूप कम वजन मिलता है तो ऐसे बच्चों को इस वार्ड में भर्ती किया जाता है। अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती होने पर नवजात को तुरंत इलाज की सुविधा मिलेगी। इससे शिशु मृत्यु दर में काफी कमी आएगी।
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फरवरी माह में शुरू होगा संचालन
संयुक्त जिला चिकित्सालय में सिक न्यू बार्न केयर यूनिट बनकर तैयार हो रहा है। ऑक्सीजन सप्लाई के लिए पाइप लाइन लगा दिए गए हैं। अन्य उपकरण लगाए जा रहे हैं। फरवरी माह में वार्ड का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों की देखभाल के लिए बाल रोग विशेषज्ञ सहित अन्य स्टाफ की तैनाती की जाएगी।
- डॉ. राजकुमार वर्मा, सीएमएस संयुक्त जिला अस्पताल
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नवजात शिशु मृत्यु दर को रोकने के लिए अभी तक सिर्फ जिला महिला अस्पताल में सिक न्यूबार्न केयर यूनिट का संचालन होता है। यहां नवजात शिशुओं को भर्ती कर 24 घंटे बाल रोग विशेषज्ञ समेत अन्य स्टॉफ द्वारा निगरानी की जाती है। जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में बेड की संख्या सीमित होने के कारण अन्य नवजातों को निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता था। अब जिले के दो अस्पतालों में एसएनसीयू वार्ड होने से नवजात को भर्ती करने में सुविधा मिलेगी। संयुक्त जिला चिकित्सालय में चार लाख रुपये से 12 बच्चों को भर्ती करने के लिए वार्ड तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इस वार्ड का संचालन शुरु होने की उम्मीद है।
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शिशु मृत्यु दर में आएगी कमी
- अस्पताल में गंभीर स्थिति में पैदा होने वाले नवजात के लिए एसएनसीयू वार्ड वरदान साबित होगा। अक्सर देखा जाता है कि पैदा होने के बाद एक महीने तक नवजात को सांस लेने में दिक्कत होती है या मानक के अनुरूप कम वजन मिलता है तो ऐसे बच्चों को इस वार्ड में भर्ती किया जाता है। अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती होने पर नवजात को तुरंत इलाज की सुविधा मिलेगी। इससे शिशु मृत्यु दर में काफी कमी आएगी।
फरवरी माह में शुरू होगा संचालन
संयुक्त जिला चिकित्सालय में सिक न्यू बार्न केयर यूनिट बनकर तैयार हो रहा है। ऑक्सीजन सप्लाई के लिए पाइप लाइन लगा दिए गए हैं। अन्य उपकरण लगाए जा रहे हैं। फरवरी माह में वार्ड का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों की देखभाल के लिए बाल रोग विशेषज्ञ सहित अन्य स्टाफ की तैनाती की जाएगी।
- डॉ. राजकुमार वर्मा, सीएमएस संयुक्त जिला अस्पताल