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धान बेचना बन गया मुसीबत, किसान परेशान
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बलरामपुर। उचित दाम पर धान बेचना अन्नदाताओं के लिए मुसीबत बन गई है। धान बेचने के लिए अन्नदाताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी केंद्रों पर धान की तौल कराने के लिए अन्नदाताओं को कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। इंतजार के बाद भी धान बिकेगा इस बात की कोई गारंटी नहीं है। किसानों ने डीएम से इस समस्या का निराकरण कराने की मांग की है।
अन्नदाता राम शंकर, राजाराम, शिव कुमार, प्रभुदयाल, किशोरी लाल, रामराज, शिवशंकर, बिहारी लाल, मनोहर व सुजीत कुमार आदि ने आरोप लगाया कि है कि क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए कई-कई दिनों का इंतजार करना पड़ रहा है।
इंतजार करने के बाद भी धान बिकने की कोई गारंटी नहीं है। सरकारी क्रय केंद्रों पर नमी के नाम पर निर्धारित मात्रा से अधिक धान की कटौती की जा रही है। क्रय केंद्र प्रभारियों की मनमानी के चलते अन्नदाताओं को बिचौलियों के हाथ औने पौने दामों में अपनी उपज बेचनी पड़ी रही है।
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सरकारी केंद्रों पर समय से भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। सहालग का मौसम होने के चलते किसानों को शादी व अन्य कार्यक्रमों के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। धान का समय से भुगतान न होने के चलते किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने डीएम से धान बेचने में आने वाली समस्याओं का तत्काल निराकरण कराने की मांग की है।
डिप्टी आरएमओ नरेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि जिले के किसानों से धान खरीदने के लिए सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिये गए हैं। निर्धारित मात्रा से अधिक की कटौती करने की शिकायत मिलने पर संबंधित केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। धान बेचने के 72 घंटे के अंदर भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।
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अन्नदाता राम शंकर, राजाराम, शिव कुमार, प्रभुदयाल, किशोरी लाल, रामराज, शिवशंकर, बिहारी लाल, मनोहर व सुजीत कुमार आदि ने आरोप लगाया कि है कि क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए कई-कई दिनों का इंतजार करना पड़ रहा है।
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इंतजार करने के बाद भी धान बिकने की कोई गारंटी नहीं है। सरकारी क्रय केंद्रों पर नमी के नाम पर निर्धारित मात्रा से अधिक धान की कटौती की जा रही है। क्रय केंद्र प्रभारियों की मनमानी के चलते अन्नदाताओं को बिचौलियों के हाथ औने पौने दामों में अपनी उपज बेचनी पड़ी रही है।
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सरकारी केंद्रों पर समय से भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। सहालग का मौसम होने के चलते किसानों को शादी व अन्य कार्यक्रमों के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। धान का समय से भुगतान न होने के चलते किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने डीएम से धान बेचने में आने वाली समस्याओं का तत्काल निराकरण कराने की मांग की है।
डिप्टी आरएमओ नरेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि जिले के किसानों से धान खरीदने के लिए सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिये गए हैं। निर्धारित मात्रा से अधिक की कटौती करने की शिकायत मिलने पर संबंधित केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। धान बेचने के 72 घंटे के अंदर भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।