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बेहतर संसाधन वाले स्कूलों को पुरस्कार पाने का मौका
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बलरामपुर। बेहतर संसाधन व शिक्षण कार्य करने वाले बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों को राज्य स्तरीय पुरस्कार पाने का सुनहरा मौका मिला है। सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को 30 नवंबर तक आवेदन करने का मौका दिया गया है।
प्रधानाध्यापकों को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान को अपने विद्यालय में नामांकन, ठहराव, सामुदायिक सहयोग से आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था व बेटियों को प्रोत्साहित करने सहित जैसे विवरण साथ 500 शब्दों में चार फोटोग्राफ के साथ रिपोर्ट देना होगा। शानदार रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों कोएससीईआरटी की तरफ से पुरस्कार दिया जाएगा।
उप शिक्षा निदेशक देवीपाटन मंडल/डायट प्राचार्य विनय मोहन वन ने सोमवार को बताया कि एससीईआरटी की तरफ से शिक्षकों के क्षमता का आंकलन करने के लिए मेरा विद्यालय, मेरी पहचान विषय पर प्रतियोगिता कराई जा रही है।
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प्रतियोगिता में शामिल कराने के लिए जिले के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व प्रभारी प्रधानाध्यापकों से 30 नवंबर तक विद्यालय में नामांकन, ठहराव, सामुदायिक सहयोग से आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था व बेटियों को प्रोत्साहित करने सहित जैसे विवरण साथ 500 शब्दों में चार फोटोग्राफ के साथ रिपोर्ट देना होगी।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की तीन सदस्यीय कमेटी पुरस्कार देने वाले विद्यालयों का चयन करने के लिए स्क्रीनिंग करेगी। कमेटी की तरफ से विद्यालय की छात्र संख्या, विद्यार्थियों की प्रतिदिन औसत उपस्थिति, कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों भाषा व गणित में दक्षता, प्रत्येक कक्षा में विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार खेलकूद/सहगामी क्रियाओं में प्रतिभागिता, समुदाय सहयोग से विद्यालय में आधारभूत सुविधाओं जैसे स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर, प्रोजेक्टर व फर्नीचर आदि की उपलब्धता व क्रियाशीलता, विद्यालय परिसर में स्वच्छता व्यवस्था, शौचालयों की क्रियाशीलता के साथ पुस्तकालय की व्यवस्था आदि का आंकलन किया जाएगा।
डायट के ई-मेल पर 10 दिसंबर तक विद्यालय का नाम, यू-डायस कोड, ब्लॉक, जिला, प्रधानाध्यापक का नाम पासपोर्ट साइज की रंगीन फोटो, मोबाइल नंबर व ई-मेल आईडी अपलोड कर दी जाएगी।
आंकलन में खरे उतरने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व प्रभारी प्रधानाध्यापकों को एससीईआरटी लखनऊ की तरफ से पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। उप शिक्षा निदेशक ने बीएसए डॉ. रामचंद्र को सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों के बीईओ, एसआरजी व एआरपी के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराकर अधिक से अधिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को प्रतियोगिता में प्रतिभाग कराने का जिम्मा सौंपा है।
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प्रधानाध्यापकों को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान को अपने विद्यालय में नामांकन, ठहराव, सामुदायिक सहयोग से आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था व बेटियों को प्रोत्साहित करने सहित जैसे विवरण साथ 500 शब्दों में चार फोटोग्राफ के साथ रिपोर्ट देना होगा। शानदार रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों कोएससीईआरटी की तरफ से पुरस्कार दिया जाएगा।
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उप शिक्षा निदेशक देवीपाटन मंडल/डायट प्राचार्य विनय मोहन वन ने सोमवार को बताया कि एससीईआरटी की तरफ से शिक्षकों के क्षमता का आंकलन करने के लिए मेरा विद्यालय, मेरी पहचान विषय पर प्रतियोगिता कराई जा रही है।
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प्रतियोगिता में शामिल कराने के लिए जिले के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व प्रभारी प्रधानाध्यापकों से 30 नवंबर तक विद्यालय में नामांकन, ठहराव, सामुदायिक सहयोग से आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था व बेटियों को प्रोत्साहित करने सहित जैसे विवरण साथ 500 शब्दों में चार फोटोग्राफ के साथ रिपोर्ट देना होगी।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की तीन सदस्यीय कमेटी पुरस्कार देने वाले विद्यालयों का चयन करने के लिए स्क्रीनिंग करेगी। कमेटी की तरफ से विद्यालय की छात्र संख्या, विद्यार्थियों की प्रतिदिन औसत उपस्थिति, कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों भाषा व गणित में दक्षता, प्रत्येक कक्षा में विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार खेलकूद/सहगामी क्रियाओं में प्रतिभागिता, समुदाय सहयोग से विद्यालय में आधारभूत सुविधाओं जैसे स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर, प्रोजेक्टर व फर्नीचर आदि की उपलब्धता व क्रियाशीलता, विद्यालय परिसर में स्वच्छता व्यवस्था, शौचालयों की क्रियाशीलता के साथ पुस्तकालय की व्यवस्था आदि का आंकलन किया जाएगा।
डायट के ई-मेल पर 10 दिसंबर तक विद्यालय का नाम, यू-डायस कोड, ब्लॉक, जिला, प्रधानाध्यापक का नाम पासपोर्ट साइज की रंगीन फोटो, मोबाइल नंबर व ई-मेल आईडी अपलोड कर दी जाएगी।
आंकलन में खरे उतरने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व प्रभारी प्रधानाध्यापकों को एससीईआरटी लखनऊ की तरफ से पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। उप शिक्षा निदेशक ने बीएसए डॉ. रामचंद्र को सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों के बीईओ, एसआरजी व एआरपी के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराकर अधिक से अधिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को प्रतियोगिता में प्रतिभाग कराने का जिम्मा सौंपा है।