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Balrampur News: छह डॉक्टरों का वेतन रोका, छह कर्मियों की बर्खास्तगी के आदेश
Sat, 16 May 2026 10:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 16 May 2026 10:56 PM IST
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बलरामपुर। मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित संयुक्त जिला चिकित्सालय में बदइंतजामी और लापरवाही पर जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बड़ी कार्रवाई की है। औचक निरीक्षण में डॉक्टरों की अनुपस्थिति से लेकर ध्वस्त सफाई व्यवस्था, वार्डों में फैली गंदगी और बदहाल शौचालयों की स्थिति सामने आने के बाद डीएम ने छह चिकित्सकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ड्यूटी से गायब मिले क्लीनिंग इंचार्ज समेत छह आउटसोर्स कर्मियों की सेवा समाप्त करने के आदेश दिए।
डीएम ने 12 मई की सुबह करीब साढ़े नौ बजे संयुक्त जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई मिलीं। कई महत्वपूर्ण विभागों में डॉक्टर मौजूद नहीं थे। निरीक्षण के समय सर्जन डॉ. आरडी रमन, अर्थोपेडिक सर्जन डॉ. केके बर्नवाल, जनरल फिजीशियन डॉ. सौरभ गुप्ता, वरिष्ठ निश्चेतक डॉ. तेजवीर सिंह, एनएचएम से तैनात डॉ. अभिनव श्रीवास्तव और डॉ. सिद्धार्थ श्रीवास्तव अनुपस्थित पाए गए। डीएम ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी का वेतन रोकने का आदेश दिया।
इतना ही नहीं, सेवा प्रदाता कंपनियों के माध्यम से तैनात अनूप कुमार दुबे, संजीव कुमार गौतम, कुलदीप, नीयत राम, ऋषिराम मिश्र और लैब टेक्नीशियन अनीता सोनकर भी ड्यूटी पर नहीं मिले। डीएम ने सीएमएस को निर्देश दिया कि यदि इन कर्मियों का जवाब संतोषजनक न मिले तो जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सेवा समाप्ति का प्रस्ताव रखा जाए। सफाई व्यवस्था की बदहाली के लिए क्लीनिंग इंचार्ज अभय सिंह को जिम्मेदार माना गया है। डीएम ने क्लीनिक इंचार्ज की सेवा समाप्ति का प्रस्ताव भी तैयार करने का निर्देश दिया है।
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अव्यवस्था ऐसी की ऊब गए डीएम, बोले- ठीक हों इंतजाम
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की सफाई व्यवस्था सबसे खराब स्थिति में मिली। टीबी वार्ड, मानसिक वार्ड और महिला सर्जिकल वार्ड में जगह-जगह गंदगी फैली थी। मेडिकल वेस्ट कूड़ेदान में डालने के बजाय वार्डों और गलियारों में पड़ा मिला। कई जगहों पर दुर्गंध का माहौल था। महिला सर्जिकल वार्ड में महिला मरीजों की जगह पुरुष मरीज भर्ती पाए गए, जिस पर डीएम नाराज हैं।
अस्पताल के शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब मिली। टीबी वार्ड के शौचालय की टाइल्स टूटी हुई थीं। कई शौचालयों में पानी की आपूर्ति बंद थी और कुछ के दरवाजे टूटे मिले। महिला वार्ड के हैंडवॉश एरिया में पानी नहीं आ रहा था। आयुष्मान वार्ड के पास स्थित शौचालय उपयोग के लायक नहीं मिला। प्रथम तल के कॉरिडोर में लगा दरवाजा टूटा पाया गया। अस्पताल में लगा वाटरकूलर भी खराब मिला, जिससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। डीएम के तेवर के बाद सुधार के लिए अस्पताल प्रशासन ने कार्य शुरू किया है।
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डीएम ने 12 मई की सुबह करीब साढ़े नौ बजे संयुक्त जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई मिलीं। कई महत्वपूर्ण विभागों में डॉक्टर मौजूद नहीं थे। निरीक्षण के समय सर्जन डॉ. आरडी रमन, अर्थोपेडिक सर्जन डॉ. केके बर्नवाल, जनरल फिजीशियन डॉ. सौरभ गुप्ता, वरिष्ठ निश्चेतक डॉ. तेजवीर सिंह, एनएचएम से तैनात डॉ. अभिनव श्रीवास्तव और डॉ. सिद्धार्थ श्रीवास्तव अनुपस्थित पाए गए। डीएम ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी का वेतन रोकने का आदेश दिया।
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इतना ही नहीं, सेवा प्रदाता कंपनियों के माध्यम से तैनात अनूप कुमार दुबे, संजीव कुमार गौतम, कुलदीप, नीयत राम, ऋषिराम मिश्र और लैब टेक्नीशियन अनीता सोनकर भी ड्यूटी पर नहीं मिले। डीएम ने सीएमएस को निर्देश दिया कि यदि इन कर्मियों का जवाब संतोषजनक न मिले तो जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सेवा समाप्ति का प्रस्ताव रखा जाए। सफाई व्यवस्था की बदहाली के लिए क्लीनिंग इंचार्ज अभय सिंह को जिम्मेदार माना गया है। डीएम ने क्लीनिक इंचार्ज की सेवा समाप्ति का प्रस्ताव भी तैयार करने का निर्देश दिया है।
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अव्यवस्था ऐसी की ऊब गए डीएम, बोले- ठीक हों इंतजाम
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की सफाई व्यवस्था सबसे खराब स्थिति में मिली। टीबी वार्ड, मानसिक वार्ड और महिला सर्जिकल वार्ड में जगह-जगह गंदगी फैली थी। मेडिकल वेस्ट कूड़ेदान में डालने के बजाय वार्डों और गलियारों में पड़ा मिला। कई जगहों पर दुर्गंध का माहौल था। महिला सर्जिकल वार्ड में महिला मरीजों की जगह पुरुष मरीज भर्ती पाए गए, जिस पर डीएम नाराज हैं।
अस्पताल के शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब मिली। टीबी वार्ड के शौचालय की टाइल्स टूटी हुई थीं। कई शौचालयों में पानी की आपूर्ति बंद थी और कुछ के दरवाजे टूटे मिले। महिला वार्ड के हैंडवॉश एरिया में पानी नहीं आ रहा था। आयुष्मान वार्ड के पास स्थित शौचालय उपयोग के लायक नहीं मिला। प्रथम तल के कॉरिडोर में लगा दरवाजा टूटा पाया गया। अस्पताल में लगा वाटरकूलर भी खराब मिला, जिससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। डीएम के तेवर के बाद सुधार के लिए अस्पताल प्रशासन ने कार्य शुरू किया है।