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14 पैरामीटर पर सभी स्कूलों का कराएं कायाकल्प
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बलरामपुर। आपरेशन कायाकल्प के तहत 14 पैरामीटर पर जिले में सिर्फ 123 स्कूलों में कार्य हुआ है। जिले के 450 स्कूलों में अब तक 13 पैरामीटर पर कार्य किए गए हैं। प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट के 1825 स्कूलों को 14 पैरामीटर पर कायाकल्प कराने का जिम्मा बेसिक शिक्षा के साथ-साथ पंचायती राज विभाग को सौंपा गया है।
जिले के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों को 14 पैरामीटर के मानक पर चाक-चौबंद कराएं। मिशन कायाकल्प में लापरवाही बरतने वाले विभागीय अफसरों व हेडमास्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा से कोई बच्चा वंचित न रहे। बेसिक शिक्षा विभाग के सभी शिक्षकों को डोर-टू-डोर संपर्क कर छूटे बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराना होगा।
यह बातें डीएम श्रुति ने बीते दिन कलेक्ट्रेट सभागार में जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति के बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बीएसए डॉ. रामचंद्र ने बैठक का संचालन करते हुए कहा कि जिले में 14 पैरामीटर के मानक पर 1825 की तुलना में अब तक सिर्फ 123 स्कूलों में ही कायाकल्प पूर्ण हुआ है जिसमें पीने के लिए पानी, बच्चों के लिए टॉयलेट, पानी से युक्त टॉयलेट, टाइल्स युक्त टॉयलेट, हैंड वाशिंग यूनिट, क्लासरुम में टाइल्स, ब्लैकबोर्ड, किचन, पेंटिंग, रैंप, विद्युतीकरण और बिजली कनेक्शन शामिल हैं।
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जिले के 450 स्कूलों को 13 पैरामीटर के मानक पर कायाकल्प कराया जा चुका है। दिव्यांग बच्चों के लिए टॉयलेट का निर्माण ही 450 स्कूलों में बचा है जिसे शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। जिले के 546 स्कूलों को 12 पैरामीटर पर कायाकल्प कराया जा चुका है।
354 स्कूलों में 11, 157 स्कूलों में 10, 103 स्कूलों में नौ, 54 स्कूलों में आठ, 14 स्कूलों में सात, 12 स्कूलों में छह, सात स्कूलों में पांच, तीन स्कूलों में चार और एक स्कूल में तीन पैरामीटर पर कायाकल्प के मानक पर कार्य कराए गए हैं। कोरोना काल में कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं को मिशन प्रेरणा के तहत ऑनलाइन पाठशालाओं में अध्यापकों की तरफ से पढ़ाया जा रहा है।
छात्र-छात्राओं के अभिभावकों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर शैक्षणिक कंटेंट रोज भेजा रहा है। मोहल्ला क्लास में छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जा रहा है। जिले में 6817 वालंटियर प्रेरणा साथी छात्र-छात्राओं को पढ़ाने में अपना सराहनीय योगदान दे रहे हैं।
डीएम ने निर्देश दिया कि विशेष अभियान चलाकर स्कूल छोड़ने वाले शत-प्रतिशत बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराएं। डीडीओ गिरीश कुमार पाठक, पीडी अनिल कुमार सिंह, डीपीआरओ नीलेश प्रताप सिंह, डीपीओ राजेन्द्र कुमार, डीसी निरंकार पांडेय, एनके सिंह, फिरोज अहमद, आभा त्रिपाठी, संजय श्रीवास्तव, आशुतोष मिश्र सहित सभी बीईओ व बीडीओ आदि मौजूद रहे।
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जिले के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों को 14 पैरामीटर के मानक पर चाक-चौबंद कराएं। मिशन कायाकल्प में लापरवाही बरतने वाले विभागीय अफसरों व हेडमास्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा से कोई बच्चा वंचित न रहे। बेसिक शिक्षा विभाग के सभी शिक्षकों को डोर-टू-डोर संपर्क कर छूटे बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराना होगा।
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यह बातें डीएम श्रुति ने बीते दिन कलेक्ट्रेट सभागार में जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति के बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। बीएसए डॉ. रामचंद्र ने बैठक का संचालन करते हुए कहा कि जिले में 14 पैरामीटर के मानक पर 1825 की तुलना में अब तक सिर्फ 123 स्कूलों में ही कायाकल्प पूर्ण हुआ है जिसमें पीने के लिए पानी, बच्चों के लिए टॉयलेट, पानी से युक्त टॉयलेट, टाइल्स युक्त टॉयलेट, हैंड वाशिंग यूनिट, क्लासरुम में टाइल्स, ब्लैकबोर्ड, किचन, पेंटिंग, रैंप, विद्युतीकरण और बिजली कनेक्शन शामिल हैं।
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जिले के 450 स्कूलों को 13 पैरामीटर के मानक पर कायाकल्प कराया जा चुका है। दिव्यांग बच्चों के लिए टॉयलेट का निर्माण ही 450 स्कूलों में बचा है जिसे शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। जिले के 546 स्कूलों को 12 पैरामीटर पर कायाकल्प कराया जा चुका है।
354 स्कूलों में 11, 157 स्कूलों में 10, 103 स्कूलों में नौ, 54 स्कूलों में आठ, 14 स्कूलों में सात, 12 स्कूलों में छह, सात स्कूलों में पांच, तीन स्कूलों में चार और एक स्कूल में तीन पैरामीटर पर कायाकल्प के मानक पर कार्य कराए गए हैं। कोरोना काल में कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं को मिशन प्रेरणा के तहत ऑनलाइन पाठशालाओं में अध्यापकों की तरफ से पढ़ाया जा रहा है।
छात्र-छात्राओं के अभिभावकों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर शैक्षणिक कंटेंट रोज भेजा रहा है। मोहल्ला क्लास में छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जा रहा है। जिले में 6817 वालंटियर प्रेरणा साथी छात्र-छात्राओं को पढ़ाने में अपना सराहनीय योगदान दे रहे हैं।
डीएम ने निर्देश दिया कि विशेष अभियान चलाकर स्कूल छोड़ने वाले शत-प्रतिशत बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराएं। डीडीओ गिरीश कुमार पाठक, पीडी अनिल कुमार सिंह, डीपीआरओ नीलेश प्रताप सिंह, डीपीओ राजेन्द्र कुमार, डीसी निरंकार पांडेय, एनके सिंह, फिरोज अहमद, आभा त्रिपाठी, संजय श्रीवास्तव, आशुतोष मिश्र सहित सभी बीईओ व बीडीओ आदि मौजूद रहे।