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भारी बारिश से दो लाख हेक्टअर में लगी फसलों को नुकसान

Fri, 17 Sep 2021 10:32 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 17 Sep 2021 10:32 PM IST
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फोटो-5-बलरामपुर के रेहरा बाजार क्षेत्र में तेज बारिश व हवा के चलते गिरा गन्ना।(संवाद) - फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। बीते दो दिनों की भारी बारिश ने जिले में दो लाख हेक्टेयर में लगी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। तेज हवाओं के साथ बारिश होने से जमीन में फसलें गिरकर तहस-नहस हो गई हैं। बारिश का पानी जमा होने से सड़कों की हालत बदहाल हो गई है जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राप्ती नदी व पहाड़ी नालों में उफान आने की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन की टीमें नुकसान आदि का आंकलन करने में जुट गई हैं।
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जिले में खरीफ अभियान 2021-22 के दौरान किसानों ने 7315 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की नर्सरी लगाई। किसानों ने 76002 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की संकर प्रजाति, 675 हेक्टेयर में सुगंधित प्रजाति व 33018 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान के अन्य प्रजाति की बोआई की है। जिले में किसानों ने चालू सत्र में 109797 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सभी प्रकार के धान की बोआई की है। मक्का 2474 हेक्टेयर, ज्वार पांच हेक्टेयर, उर्द 1820 हेक्टेयर, अरहर 10386 हेक्टेयर, मिल 18 हेक्टेयर और मूंगफली 10 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बोया गया है। वर्ष 2021-22 में जिले के एक लाख 90 हजार किसानों ने 93049.36 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की बोआई की है। किसान बलदेव, शिव कुमार, शिव प्रसाद, विन्देश्वरी प्रसाद व मनीराम आदि ने बताया कि तेज हवाओं के साथ दो दिनों की भारी बारिश के चलते उनके खेतों में सभी फसलों का आधे से ज्यादा नुकसान हो चुका है।
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फसलों का नुकसान होने से किसानों को भारी आर्थिक संकट से जूझना पड़ सकता है। किसानों ने शासन-प्रशासन से फसलों के हुए नुकसान का आंकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। जिला कृषि अधिकारी आरपी राना ने फसल बीमा कराने वाले किसानों को सुझाव दिया है कि नुकसान की भरपाई के लिए तत्काल कंपनी को या कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों को सूचना दें जिससे उनके नुकसान की भरपाई कराई जा सके। दो दिनों की भारी बारिश होने से सड़कें पूरी तरह से बदहाल हो चुकी हैं। सड़कों पर कीचड़ व गंदगी लबालब है जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नेशनल हाइवे हो या ग्रामीण सभी सड़कों पर लोगों को कीचड़ व गंदगी से आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं।
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बारिश के दौरान बिजली की कटौती ने भी लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। रेहरा बाजार में 33 हजार व 11 हजार की लाइनों पर पेड़ गिर गए हैं जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। एसडीओ रेहरा बाजार अंकुर पटेल ने विद्युत आपूर्ति बहाल कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बारिश के चलते राप्ती नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। शुक्रवार को राप्ती नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु 103.62 मीटर की तुलना में 103.23 मीटर रिकार्ड किया गया जो चेतावनी बिंदु से 39 सेंटीमीटर नीचे है। पहाड़ों पर बारिश होने पर राप्ती नदी व पहाड़ी नालों में भी उफान आने की संभावना जताई जा रही है जिससे तटवर्ती इलाकों के लोगों की दुश्वारियां बढ़ जाएंगी।

टीमों से कराया जा रहा आकलन
बीते दो दिनों की भारी बारिश को ध्यान में रखकर अधिकारियों की टीमें निरीक्षण करने के लिए पहले से ही गठित कर दी गई हैं। बारिश से अभी तक जिले में किसी के भी मकान व हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। सभी टीमें भ्रमण कर रही हैं। टीमों से भ्रमण रिपोर्ट तलब की गई है। टीमों की रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
श्रुति, डीएम
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