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Balrampur News: नकहा जंगल से गोंडा तक रेल लाइन के दोहरीकरण की तैयारी
Thu, 26 Jun 2025 10:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 26 Jun 2025 10:51 PM IST
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बलरामपुर के झारखंडी रेलवे स्टेशन का दृश्य। संवाद
बलरामपुर। पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर ने नकहा जंगल से बलरामपुर-गोंडा रेलमार्ग के दोहरीकरण की दिशा में तैयारी तेज कर दी है। सर्वे कार्य पूर्ण होने के बाद जल्द ही इस परियोजना पर कार्य शुरू होने की संभावना है। इस दोहरीकरण से ओवरब्रिज के निर्माण में भी आसानी होगी। जिससे जिले के लोगों को ट्रेनों के माध्यम से सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा। वर्तमान में एकल रेलमार्ग होने के कारण ओवरब्रिज निर्माण में दिक्कतें आ रही हैं।
दोहरीकरण के बाद जिले के रेल यातायात में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। बलरामपुर से गोंडा रेल मार्ग पर पांच प्रमुख रेलवे क्रॉसिंग हैं। जब ट्रेनों का संचालन होता है, तो ये क्रॉसिंग बंद हो जाती हैं, जिससे सड़कों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ओवरब्रिज की कमी के कारण सड़क यातायात भी प्रभावित होता है। बलरामपुर-गोंडा मार्ग पर स्थित प्रमुख क्रॉसिंग स्थानों में झारखंडी, संतोषी माता मंदिर तिराहा, बहादुरापुर, सुभागपुर और सुभागपुर मालगोदाम शामिल हैं। बलरामपुर-गोंडा रेलमार्ग पर 24 घंटे में 18 जोड़ी से अधिक सवारी और मालवाहक ट्रेनों का आवागमन होता है। इन ट्रेनों के गुजरने के दौरान रेलवे फाटकों के बंद होने से सड़क पर लंबा जाम लग जाता है। सबसे लंबा जाम झारखंडी और गोंडा मार्ग पर गोंडा-सुभागपुर मालगोदाम रेलवे क्रॉसिंग के पास लगता है। जिससे खासकर नौकरीपेशा और आम लोगों को भारी परेशानी होती है।
लोगों की खुशी
दोहरीकरण की योजना के बारे में जब झारखंडी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से बात की गई तो अधिकांश लोगों ने इसका स्वागत किया। यात्रियों का कहना है कि इससे उन्हें यात्रा करने में आसानी होगी। कमाल, राम गोपाल, अफजाल और फैजान ने कहा कि ओवरब्रिज बनने से जाम की समस्या से निजात मिलेगी और लोग बिना किसी परेशानी के ट्रेनों में यात्रा कर सकेंगे।
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सर्वे के बाद प्रक्रिया शुरू होगी
नकहा जंगल से बलरामपुर-गोंडा रेलमार्ग के दोहरीकरण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सर्वे कार्य पूरा होने के बाद, इस परियोजना के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी और निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने की संभावना है।
पंकज कुमार सिंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर
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दोहरीकरण के बाद जिले के रेल यातायात में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। बलरामपुर से गोंडा रेल मार्ग पर पांच प्रमुख रेलवे क्रॉसिंग हैं। जब ट्रेनों का संचालन होता है, तो ये क्रॉसिंग बंद हो जाती हैं, जिससे सड़कों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ओवरब्रिज की कमी के कारण सड़क यातायात भी प्रभावित होता है। बलरामपुर-गोंडा मार्ग पर स्थित प्रमुख क्रॉसिंग स्थानों में झारखंडी, संतोषी माता मंदिर तिराहा, बहादुरापुर, सुभागपुर और सुभागपुर मालगोदाम शामिल हैं। बलरामपुर-गोंडा रेलमार्ग पर 24 घंटे में 18 जोड़ी से अधिक सवारी और मालवाहक ट्रेनों का आवागमन होता है। इन ट्रेनों के गुजरने के दौरान रेलवे फाटकों के बंद होने से सड़क पर लंबा जाम लग जाता है। सबसे लंबा जाम झारखंडी और गोंडा मार्ग पर गोंडा-सुभागपुर मालगोदाम रेलवे क्रॉसिंग के पास लगता है। जिससे खासकर नौकरीपेशा और आम लोगों को भारी परेशानी होती है।
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लोगों की खुशी
दोहरीकरण की योजना के बारे में जब झारखंडी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से बात की गई तो अधिकांश लोगों ने इसका स्वागत किया। यात्रियों का कहना है कि इससे उन्हें यात्रा करने में आसानी होगी। कमाल, राम गोपाल, अफजाल और फैजान ने कहा कि ओवरब्रिज बनने से जाम की समस्या से निजात मिलेगी और लोग बिना किसी परेशानी के ट्रेनों में यात्रा कर सकेंगे।
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सर्वे के बाद प्रक्रिया शुरू होगी
नकहा जंगल से बलरामपुर-गोंडा रेलमार्ग के दोहरीकरण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सर्वे कार्य पूरा होने के बाद, इस परियोजना के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी और निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने की संभावना है।
पंकज कुमार सिंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर