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Balrampur News: मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में प्रस्तुत किया गया प्री-पीएचडी सिनोप्सिस
Fri, 25 Sep 2026 11:08 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 25 Sep 2026 11:08 PM IST
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बलरामपुर। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में पीएचडी शोधार्थियों के प्री-पीएचडी कोर्सवर्क के तहत शुक्रवार को पांच विषयों में सिनोप्सिस प्रेजेंटेशन कराया गया। ऑनलाइन गूगल मीट के माध्यम से आयोजित प्रस्तुतीकरण में भौतिक विज्ञान, गृह विज्ञान, गणित, वाणिज्य और उर्दू विषय के शोधार्थियों ने अपने प्रस्तावित शोध कार्य विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुत किए।
कुलपति प्रो. रवि शंकर सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में शोधार्थियों ने पीपीटी के माध्यम से अपने शोध विषय की पृष्ठभूमि, शोध समस्या, उद्देश्य, साहित्य समीक्षा, शोध पद्धति और संभावित परिणामों की जानकारी दी। प्रस्तुतीकरण के बाद विशेषज्ञों ने शोधार्थियों से शोध विषय से संबंधित प्रश्न पूछे। साथ ही शोध प्रस्तावों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और अकादमिक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए।
विश्वविद्यालय के प्री-पीएचडी कोर्सवर्क समन्वयक डॉ. बसंत कुमार ने बताया कि शोध कार्य में गुणवत्ता, मौलिकता और अकादमिक मानकों को प्राथमिकता दी जा रही है। सिनोप्सिस प्रेजेंटेशन पीएचडी शोध की आगामी दिशा तय करने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इससे शोधार्थियों को अपने शोध प्रस्ताव की कमियों को समझने और आवश्यक सुधार करने का अवसर मिलता है।
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कार्यक्रम के आयोजन में सहायक कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र वर्मा सहित संबंधित अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारियों ने सहयोग किया। ऑनलाइन कार्यक्रम में शोधार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की और विशेषज्ञों से प्रश्नोत्तर के माध्यम से अपने शोध प्रस्तावों के संबंध में मार्गदर्शन प्राप्त किया।
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कुलपति प्रो. रवि शंकर सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में शोधार्थियों ने पीपीटी के माध्यम से अपने शोध विषय की पृष्ठभूमि, शोध समस्या, उद्देश्य, साहित्य समीक्षा, शोध पद्धति और संभावित परिणामों की जानकारी दी। प्रस्तुतीकरण के बाद विशेषज्ञों ने शोधार्थियों से शोध विषय से संबंधित प्रश्न पूछे। साथ ही शोध प्रस्तावों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और अकादमिक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए।
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विश्वविद्यालय के प्री-पीएचडी कोर्सवर्क समन्वयक डॉ. बसंत कुमार ने बताया कि शोध कार्य में गुणवत्ता, मौलिकता और अकादमिक मानकों को प्राथमिकता दी जा रही है। सिनोप्सिस प्रेजेंटेशन पीएचडी शोध की आगामी दिशा तय करने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इससे शोधार्थियों को अपने शोध प्रस्ताव की कमियों को समझने और आवश्यक सुधार करने का अवसर मिलता है।
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कार्यक्रम के आयोजन में सहायक कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र वर्मा सहित संबंधित अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारियों ने सहयोग किया। ऑनलाइन कार्यक्रम में शोधार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की और विशेषज्ञों से प्रश्नोत्तर के माध्यम से अपने शोध प्रस्तावों के संबंध में मार्गदर्शन प्राप्त किया।