विद्यालयों में अव्यवस्था को लेकर विफरे शिक्षक, कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 14 Oct 2021 11:27 PM IST
फोटो-3-बलरामपुर के कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपते यूटा के पदाधिकारी व शिक्षक। (संवाद)
फोटो-3-बलरामपुर के कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपते यूटा के पदाधिकारी व शिक्षक। (संवाद) - फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। विद्यालय में ग्राम प्रधानों व पंचायत विभाग के अधिकारियों द्वारा रुचि न लेने से निर्धारित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। शासन के निर्देश के बावजूद विद्यालयों में पाठ्य पुस्तकें न पहुंच पाने से नौनिहालों की पढ़ाई बाधित हो रही है। डीबीटी की फीडिंग कराने का दबाव अप्रशिक्षित एवं संसाधन विहीन शिक्षकों पर बनाया जा रहा है। यदि शीघ्र ही इन समस्याओं का निस्तारण न हुआ तो यूटा के शिक्षक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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ये बातें बीते दिन कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के दौरान यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के जिलाध्यक्ष देव कुमार मिश्र ने कही। उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं के लिए कायाकल्प योजना संचालित की जा रही है लेकिन ग्राम प्रधान व पंचायत विभाग के अधिकारियों द्वारा रुचि न लेने से जिले के करीब 60-70 प्रतिशत विद्यालयों में शासन द्वारा निर्धारित मानक पूर्ण नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि शासन की तरफ से छात्र-छात्राओं को निशुल्क पाठ्य पुस्तकें विद्यालय स्तर पर उपलब्ध कराने का निर्देश खंड शिक्षा अधिकारियों को दिया गया है लेकिन शिक्षकों पर दबाव बनाकर ब्लॉक संसाधन केंद्र से पुस्तकों का उठान करवा रहे हैं।
जिला महामंत्री अशोक सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मो. फैजान अंसारी संयोजक अभिषेक ओझा एवं उपाध्यक्ष बलवीर सिंह ने कहा कि शासन की तरफ से डीबीटी की डाटा फीडिंग के लिए ब्लॉक संसाधन केंद्र पर कंप्यूटर ऑपरेटर की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश बीएसए को दिया गया है। बावजूद इसके ज्यादातर ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर समुचित कंप्यूटर ऑपरेटर की व्यवस्था न होने से अप्रशिक्षित एवं संसाधन विहीन शिक्षकों से डाटा फीडिंग का दबाव बनाया जा रहा है। विद्यालयों में अनुुपस्थित शिक्षकों का बिना स्पष्टीकरण लिए वेतन काट अथवा रोक दिया जा रहा है।
उपाध्यक्ष राकेश कुशवाहा एवं कोषाध्यक्ष पीयूष कुमार शर्मा ने कहा कि ब्लॉक संसाधन केंद्रों एवं डायट स्तर पर होने वाले शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए शासन स्तर से ग्रांट भेजा जाता है शिक्षकों का यात्रा भत्ता भी शामिल होता है लेकिन कभी भी यात्रा भत्ता का भुगतान नहीं किया गया। इन लोगों ने डीएम से शिक्षकों की इन समस्याओं का निस्तारण यथाशीघ्र कराने की मांग की है। इस दौरान कौशल कुमार, शिव प्रसाद वर्मा, सचिन शुक्ला, सोमनाथ शर्मा, सतीश व दुर्गेश सैनी आदि मौजूद रहे।

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