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डीजल की बढ़ती महंगाई से किसानों की टूट रही कमर
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बलरामपुर। डीजल की बढ़ती महंगाई से किसानों की कमर टूट रही है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की तरफ से बुधवार को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया है। ज्ञापन के माध्यम से मांग किया गया है कि सामानों की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ अन्य समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाए।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव हाजी नब्बन खां, कल्लू सिंह चौहान, राम तीरथ मौर्य, कामता प्रसाद यादव, विनोद चौहान, राधिका प्रसाद यादव, असगर अली, ननके चौहान, चंदर चौहान, कन्धई गुप्ता, पीतांबर व देवपुरी चौहान आदि ने डीएम को सौंपे गए ज्ञापन में कहा है कि डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से आम जनमानस की कमर टूअ रही है। महंगाई से सबसे ज्यादा किसान परेशान है जिनके पास सिर्फ खेती ही सहारा है। कोरोना महामारी के चलते श्रमिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों व खेतिहर मजदूरों को हर माह तीन-तीन हजार रुपये पेंशन दिया जाए। बीपीएल राशन कार्डधारकों को 35 किलोग्राम राशन हर परिवार को दिया जाए। आवास बनाने के लिए जमीन के साथ-साथ पांच लाख रुपये भी मुहैया कराए जाएं। पुरानी पेंशन को बहाल किया जाए जिससे अधिकारियों व कर्मचारियों को रिटायर्ड होने के बाद बुढ़ापे का सहारा मिल सके। 17 सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपकर राष्ट्रपति से समस्याओं का निराकरण कराने की मांग की गई है।
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव हाजी नब्बन खां, कल्लू सिंह चौहान, राम तीरथ मौर्य, कामता प्रसाद यादव, विनोद चौहान, राधिका प्रसाद यादव, असगर अली, ननके चौहान, चंदर चौहान, कन्धई गुप्ता, पीतांबर व देवपुरी चौहान आदि ने डीएम को सौंपे गए ज्ञापन में कहा है कि डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से आम जनमानस की कमर टूअ रही है। महंगाई से सबसे ज्यादा किसान परेशान है जिनके पास सिर्फ खेती ही सहारा है। कोरोना महामारी के चलते श्रमिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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किसानों व खेतिहर मजदूरों को हर माह तीन-तीन हजार रुपये पेंशन दिया जाए। बीपीएल राशन कार्डधारकों को 35 किलोग्राम राशन हर परिवार को दिया जाए। आवास बनाने के लिए जमीन के साथ-साथ पांच लाख रुपये भी मुहैया कराए जाएं। पुरानी पेंशन को बहाल किया जाए जिससे अधिकारियों व कर्मचारियों को रिटायर्ड होने के बाद बुढ़ापे का सहारा मिल सके। 17 सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपकर राष्ट्रपति से समस्याओं का निराकरण कराने की मांग की गई है।
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