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प्रमुख सड़कों व चौराहों तक सिमटा गड्ढामुक्त अभियान, अंदरूनी हिस्से बदहाल
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बलरामपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट आदेश के बावजूद दशकों से खस्ताहाल हुई सड़कों का जख्म आज तक नहीं भर पाया है। गिनी चुनी सड़कों व प्रमुख चौराहों को चमचमा कर अधिकारी व जनप्रतिनिधि अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। नगर व ग्रामीण क्षेत्र की अंदरूनी सड़कों की हालत दशकों से बदतर ही हैं। इन सड़कों की मरम्मत तो दूर गिट्टी व मिट्टी की पटाई तक नहीं हुई है। 141 सड़कों की मरम्मत के लिए शासन स्तर से तीन अरब भी जिले को मिल चुकी है।
31 दिसंबर तक सड़कों के मरम्मत का कार्य पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है। जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही हैं। महराजगंज तराई क्षेत्र में बाढ़ से तबाह हुई दर्जनों सड़कें जस की तस पड़ी हैं। नगर के हाईवे को छोड़कर बाकी सड़कें चलने लायक नहीं है। प्रधानमंत्री के आने पर चुनिंदा सड़कों पर पैचिंग का कार्य कराया गया है जो कितने दिन चलेगा यह आने वाला वक्त बताएगा। पब्लिक शिकायत भी करती है तो साहब व जनप्रतिनिधियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगती।
नगर के वीआईपी मोहल्ले में शुमार सिविल लाइन मोहल्ले की सड़क जो झारखंडी मंदिर मोड़ से रोडवेज तक जाती है। इस सड़क की मरम्मत करीब एक दशक से नहीं हुआ है।
नई सड़क बनाने से लेकर गड्ढामुक्त सड़क अभियान तक चलाया गया लेकिन इस सड़क पर एक गिट्टी तक नहीं पड़ी। रोडवेज की बसों में यात्रा करने वाले यात्री हिचकोले खाते हैं तो बाइक सवार आए दिन गिरकर दुर्घटना का शिकार होते हैं। दशकों से लोग इस सड़क मरम्मत कराने के लिए मांग भी करते आ रहे हैं।
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ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों की हालत और भी बदतर हो गई है। ग्राम चंदनजोत से साखी रेत जाने वाली सड़क बाढ़ में तबाह हो गई थी। सड़क के ऊपर की परत बह गई और मिट्टी का रास्ता बना हुआ है।
शासन स्तर से चारो विधान सभा क्षेत्रों में सड़क मरम्मत कराने के लिए तीन अरब रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। 31 दिसंबर तक सड़क के निर्माण का कार्य पूरा होना है। धरातल में काम कहीं दिखाई नहीं दे रहा है। महराजगंज तराई क्षेत्र में ही तबाह हुई दर्जनों सड़कें बनने की राह देख रही हैं।
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31 दिसंबर तक सड़कों के मरम्मत का कार्य पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है। जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही हैं। महराजगंज तराई क्षेत्र में बाढ़ से तबाह हुई दर्जनों सड़कें जस की तस पड़ी हैं। नगर के हाईवे को छोड़कर बाकी सड़कें चलने लायक नहीं है। प्रधानमंत्री के आने पर चुनिंदा सड़कों पर पैचिंग का कार्य कराया गया है जो कितने दिन चलेगा यह आने वाला वक्त बताएगा। पब्लिक शिकायत भी करती है तो साहब व जनप्रतिनिधियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगती।
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नगर के वीआईपी मोहल्ले में शुमार सिविल लाइन मोहल्ले की सड़क जो झारखंडी मंदिर मोड़ से रोडवेज तक जाती है। इस सड़क की मरम्मत करीब एक दशक से नहीं हुआ है।
नई सड़क बनाने से लेकर गड्ढामुक्त सड़क अभियान तक चलाया गया लेकिन इस सड़क पर एक गिट्टी तक नहीं पड़ी। रोडवेज की बसों में यात्रा करने वाले यात्री हिचकोले खाते हैं तो बाइक सवार आए दिन गिरकर दुर्घटना का शिकार होते हैं। दशकों से लोग इस सड़क मरम्मत कराने के लिए मांग भी करते आ रहे हैं।
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ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों की हालत और भी बदतर हो गई है। ग्राम चंदनजोत से साखी रेत जाने वाली सड़क बाढ़ में तबाह हो गई थी। सड़क के ऊपर की परत बह गई और मिट्टी का रास्ता बना हुआ है।
शासन स्तर से चारो विधान सभा क्षेत्रों में सड़क मरम्मत कराने के लिए तीन अरब रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। 31 दिसंबर तक सड़क के निर्माण का कार्य पूरा होना है। धरातल में काम कहीं दिखाई नहीं दे रहा है। महराजगंज तराई क्षेत्र में ही तबाह हुई दर्जनों सड़कें बनने की राह देख रही हैं।