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Balrampur News: स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी से जान गवां रहे मरीज

Mon, 17 Nov 2025 09:38 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 17 Nov 2025 09:38 PM IST
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Patients are losing their lives due to the negligence of the health department.
-बलरामपुर के उतरौला में ​स्थित यादव नर्सिंग होम।-संवाद
बलरामपुर। जिले में संचालित प्राइवेट अस्पताल, क्लीनिक सेंटर व नर्सिंग होम की निगरानी न होने से मरीजों के साथ आए दिन घटनाएं बढ़ रही हैं। प्राइवेट क्लीनिक सेंटर व नर्सिंग होम संचालक पैसे की लालच में मरीजों को भर्ती तो कर लेते हैं, लेकिन प्रशिक्षित चिकित्सक व पर्याप्त संसाधन न होने का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है। बीते तीन-चार महीने में कई अस्पताल व नर्सिंग होम में मरीजों को जान गंवाना पड़ा है। अगर हादसे से पहले स्वास्थ्य विभाग निगरानी रखना तो ऐसे मामले न होते।
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ताजा मामला उतरौला नगर कोतवाली के पास स्थित यादव नर्सिंग होम का है। जहां गर्भवती को बेहोश करके उसका गर्भपात करा दिया गया। मामले की शिकायत होने पर स्वास्थ्य विभाग ने नर्सिंग होम को सील कर पीठ थपथपा ली।
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जच्चा-बच्चा व प्रसूता की गई जान
पचपेड़वा क्षेत्र में संचालित मिशा हेल्थ सेंटर में जुलाई 2025 में लापरवाही से प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। दो मौत के बाद जब स्वास्थ्य विभाग क्लीनिक की जांच करने पहुंचा तो पता चला कि उसका लाइसेंस ही नहीं है। कई सालों से अवैध तरीके से मिशा हेल्थ सेंटर का संचालन हो रहा था। जांच के बाद सेंटर को सील करा दिया गया था। इसी तरह जिला मुख्यालय के भगवतीगंज चौराहे पर संचालित एसपीएम हॉस्पिटल में भी इलाज में लापरवाही करने से प्रसव के दूसरे दिन एक प्रसूता की मौत हो गई थी। यह हॉस्पिटल भी बिना लाइसेंस के संचालित हो रहा था। प्रसूता की मौत के बाद मामले में अस्पताल संचालक व महिला सर्जन के खिलाफ केस भी दर्ज हो चुका है।
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महिला मरीज से दुष्कर्म का सामने आ चुका है मामला
पचपेड़वा क्षेत्र में संचालित विमला विक्रम अस्पताल में बीते जुलाई माह में एक महिला मरीज से दुष्कर्म का मामला सामने आया था। दुष्कर्म से संबंधित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अस्पताल का लाइसेंस फरवरी 2025 में समाप्त हो गया था। इतने दिनों तक अस्पताल का संचालन धड़ल्ले से होता रहा, लेकिन अधिकारियों ने जांच करना मुनासिब नहीं समझा था। दुष्कर्म की घटना के बाद अधिकारी हरकत में आए थे।
सात माह में 20 अवैध अस्पताल हो चुके हैं सील
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अप्रैल 2025 से अब तक 20 से अधिक फर्जी नर्सिंग होम व क्लीनिक सेंटर को सील किया है। एसीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। अब तक महक हॉस्पिटल, रहीमा हॉस्टिपल, शिवसेवा चैरीटेबल क्लीनिक, मिशा क्लीनिक, फातिमा पॉली क्लीनिक, पूर्वांचल हेल्थ केयर सेंटर, आइसा हेल्थ क्लीनिक, चंद्रा मौर्य क्लीनिक, आरिफ क्लीनिक व स्काई नर्सिंग होम सहित 20 से अधिक अवैध रूप से संचालित अस्पतालों को सील किया जा चुका है।

लगातार हो रही कार्रवाई
जिले में अवैध तरीके से संचालित अस्पताल व नर्सिंग होम के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। एसीएमओ के नेतृत्व में टीम छापा मारकर बिना लाइसेंस संचालित अस्पतालाें को सील कराती है।
- डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, सीएमओ बलरामपुर
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