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Balrampur News: 691 राजस्व क्षेत्रों में लेखपालों के काम छोड़ने से अटके काम
Wed, 23 Sep 2026 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 23 Sep 2026 11:55 PM IST
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फोटो-22-बलरामपुर के सदर तहसील में लेखपालों द्वारा जमा किया गया बस्ता ।-संवाद
बलरामपुर। लेखपालों के आंदोलन के चलते जिले के 1001 राजस्व क्षेत्रों में से 691 में राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हो गया है। अतिरिक्त हल्के का काम छोड़ने से जमीनों की पैमाइश, सीमांकन, वरासत और भूमि संबंधी रिपोर्ट के साथ ही आय, जाति व निवास प्रमाणपत्रों की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है। कई मामलों में लेखपाल की रिपोर्ट नहीं लगने से प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। जरूरी काम के लिए तहसीलों में पहुंच रहे लोगों को तारीख और आश्वासन लेकर लौटना पड़ रहा है।
जिले में 310 राजस्व लेखपाल तैनात हैं। ऐसे में अतिरिक्त क्षेत्र आवंटित कर काम कराया जा रहा था। बुधवार को भी लेखपालों ने अतिरिक्त क्षेत्रों के बस्ते कानूनगो के पास जमा करा दिए। आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र जारी करने में कई मामलों में लेखपाल की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होती है। रिपोर्ट लंबित होने से प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। इसका असर छात्रवृत्ति, प्रवेश, सरकारी योजनाओं और अन्य जरूरी कार्यों के लिए प्रमाणपत्र बनवाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। कई छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को प्रमाणपत्र के लिए तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
जमीन से जुड़े मामलों में भी स्थिति ऐसी ही है। पैमाइश और सीमांकन के लिए मौके पर जांच व रिपोर्ट की जरूरत होती है। वरासत के मामलों में भी सत्यापन और रिपोर्ट की प्रक्रिया प्रभावित है। भूमि विवाद से जुड़े मामलों में पैमाइश नहीं होने से पक्षकारों को इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ मामलों में बैंक ऋण, जमीन के दस्तावेज और अन्य राजस्व कार्य भी रिपोर्ट लंबित होने से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
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तीनों तहसीलों में जारी रहा कार्य बहिष्कार
सदर तहसील में जिला अध्यक्ष अमित कुमार तिवारी, सुरेश तिवारी और अवधेश यादव के नेतृत्व में लेखपालों ने अतिरिक्त क्षेत्र का बस्ता जमा कराया। तुलसीपुर में सुहेल अहमद, विजय सोनी और माया शंकर तथा उतरौला में बृजेश सिंह, अखिलेश वर्मा, देवी सिंह और मनोज यादव के नेतृत्व में अतिरिक्त हल्के का काम नहीं किया गया।
लेखपाल अंतर्मंडलीय स्थानांतरण, 2800 ग्रेड पे, वेतन विसंगति दूर करने, पुरानी पेंशन और एक वेतन-एक हल्का व्यवस्था लागू करने समेत दस मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। संघ ने लंबित देयों के भुगतान, डीपीसी सूची जारी करने, तकनीकी संवर्ग का दर्जा देने और रिक्त पद भरने की मांग भी उठाई है। संघ का कहना है कि मांगें पूरी होने तक अतिरिक्त क्षेत्र का काम नहीं किया जाएगा।
रोज हो रहे आवेदन, निस्तारण में देरी से परेशानी
शैक्षिक और रोजगार से जुड़े कार्यों के लिए आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र के लिए रोज ऑनलाइन आवेदन हो रहे हैं। जनसेवा केंद्र संचालक राजेश का कहना है कि हर दिन जिले में 200 से 300 आवेदन हो रहे हैं। इनका निस्तारण लेखपाल की रिपोर्ट के बिना नहीं हो सकता।
सदर के राजकुमार ने बताया कि आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन किया है। रिपोर्ट के लिए मामला लेखपाल के पास गया, लेकिन अतिरिक्त क्षेत्र का काम बंद होने की जानकारी मिली। प्रमाणपत्र कब बनेगा, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है।
हरैया क्षेत्र की शांति देवी ने कहा कि जमीन की पैमाइश के लिए आवेदन किया था। लेखपाल के काम पर नहीं होने से पैमाइश नहीं हो पा रही है। उतरौला क्षेत्र के प्रमोद कुमार का कहना है कि आय और जाति प्रमाणपत्र की जरूरत है। रिपोर्ट लंबित होने के कारण प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पा रहा है। इसके बिना आगे का जरूरी काम भी पूरा नहीं हो रहा है।
तुलसीपुर के राहुल का कहना है कि जमीन से जुड़े मामले में लेखपाल की रिपोर्ट चाहिए। अतिरिक्त हल्के का काम बंद होने के कारण मामला आगे नहीं बढ़ रहा है। आंदोलन का समाधान जल्द होना चाहिए।
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जिले में 310 राजस्व लेखपाल तैनात हैं। ऐसे में अतिरिक्त क्षेत्र आवंटित कर काम कराया जा रहा था। बुधवार को भी लेखपालों ने अतिरिक्त क्षेत्रों के बस्ते कानूनगो के पास जमा करा दिए। आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र जारी करने में कई मामलों में लेखपाल की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होती है। रिपोर्ट लंबित होने से प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। इसका असर छात्रवृत्ति, प्रवेश, सरकारी योजनाओं और अन्य जरूरी कार्यों के लिए प्रमाणपत्र बनवाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। कई छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को प्रमाणपत्र के लिए तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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जमीन से जुड़े मामलों में भी स्थिति ऐसी ही है। पैमाइश और सीमांकन के लिए मौके पर जांच व रिपोर्ट की जरूरत होती है। वरासत के मामलों में भी सत्यापन और रिपोर्ट की प्रक्रिया प्रभावित है। भूमि विवाद से जुड़े मामलों में पैमाइश नहीं होने से पक्षकारों को इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ मामलों में बैंक ऋण, जमीन के दस्तावेज और अन्य राजस्व कार्य भी रिपोर्ट लंबित होने से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
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तीनों तहसीलों में जारी रहा कार्य बहिष्कार
सदर तहसील में जिला अध्यक्ष अमित कुमार तिवारी, सुरेश तिवारी और अवधेश यादव के नेतृत्व में लेखपालों ने अतिरिक्त क्षेत्र का बस्ता जमा कराया। तुलसीपुर में सुहेल अहमद, विजय सोनी और माया शंकर तथा उतरौला में बृजेश सिंह, अखिलेश वर्मा, देवी सिंह और मनोज यादव के नेतृत्व में अतिरिक्त हल्के का काम नहीं किया गया।
लेखपाल अंतर्मंडलीय स्थानांतरण, 2800 ग्रेड पे, वेतन विसंगति दूर करने, पुरानी पेंशन और एक वेतन-एक हल्का व्यवस्था लागू करने समेत दस मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। संघ ने लंबित देयों के भुगतान, डीपीसी सूची जारी करने, तकनीकी संवर्ग का दर्जा देने और रिक्त पद भरने की मांग भी उठाई है। संघ का कहना है कि मांगें पूरी होने तक अतिरिक्त क्षेत्र का काम नहीं किया जाएगा।
रोज हो रहे आवेदन, निस्तारण में देरी से परेशानी
शैक्षिक और रोजगार से जुड़े कार्यों के लिए आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र के लिए रोज ऑनलाइन आवेदन हो रहे हैं। जनसेवा केंद्र संचालक राजेश का कहना है कि हर दिन जिले में 200 से 300 आवेदन हो रहे हैं। इनका निस्तारण लेखपाल की रिपोर्ट के बिना नहीं हो सकता।
सदर के राजकुमार ने बताया कि आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन किया है। रिपोर्ट के लिए मामला लेखपाल के पास गया, लेकिन अतिरिक्त क्षेत्र का काम बंद होने की जानकारी मिली। प्रमाणपत्र कब बनेगा, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है।
हरैया क्षेत्र की शांति देवी ने कहा कि जमीन की पैमाइश के लिए आवेदन किया था। लेखपाल के काम पर नहीं होने से पैमाइश नहीं हो पा रही है। उतरौला क्षेत्र के प्रमोद कुमार का कहना है कि आय और जाति प्रमाणपत्र की जरूरत है। रिपोर्ट लंबित होने के कारण प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पा रहा है। इसके बिना आगे का जरूरी काम भी पूरा नहीं हो रहा है।
तुलसीपुर के राहुल का कहना है कि जमीन से जुड़े मामले में लेखपाल की रिपोर्ट चाहिए। अतिरिक्त हल्के का काम बंद होने के कारण मामला आगे नहीं बढ़ रहा है। आंदोलन का समाधान जल्द होना चाहिए।

फोटो-22-बलरामपुर के सदर तहसील में लेखपालों द्वारा जमा किया गया बस्ता ।-संवाद