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बुखार वाले मरीजों की बाढ़ से घटा पैरासिटामॉल टेबलेट का स्टाक
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बलरामपुर के बिराहिमपुर गांव में फागिंग करता स्वास्थ्य कर्मी। -संवाद
- फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। बुखार के बढ़ते मरीजों से अस्पताल में पैरासिटामॉल दवा का स्टॉक कम कर दिया है। जिले में अबतक डेंगू के 12 मरीज मिल चुके हैं। शुक्रवार को सदर ब्लॉक के बिराहिमपुर गांव में जापानी इंसेफलाटिस का एक मरीज मिल चुका है। दवाओं का घटता स्टॉक मरीजों के लिए मुसीबत बन सकता है। विभागीय अधिकारियों ने दस लाख टेबलेट दवाओं की डिमांड भेज दी है।
प्रतिदिन चार से पांच सौ बुखार के मरीज इलाज के लिए अस्पताल आ रहे हैं। मगर डेंगू को लेकर ब्लॉक स्तरीय अस्पताल में कोई इंतजाम नहीं है। डेंगू की एलाइजा जांच की व्यवस्था सिर्फ जिला मेमोरियल अस्पताल में है, अन्य अस्पतालों में सिर्फ किट से जांच होती है। किट जांच में रिपोर्ट पाजिटिव आने पर दोबारा उसका सैंपल एलाइजा जांच के लिए मेमोरियल भेजा जाता है। ऐसे में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उतरौला रोड स्थित कारपोरेशन स्टोर के प्रभारी आरके पाठक बताते हैं कि अस्पतालों में प्रतिदिन करीब दो गुना पैरासिटामोल की खपत हो रही है। स्टोर में करीब तीन लाख पैरासिटामोल बची है। दवाओं की कमी से बचने के लिए पोर्टल पर दस लाख टेबलेट की डिमांड भेज दी गई है।
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जिला मलेरिया अधिकारी राजेश कुमार पांडेय के साथ मलेरिया निरीक्षक अमरेंद्र सिंह व पवन यादव रविवार को जेई मरीज के गांव बिराहिमपुर पहुंचे। टीम ने गांव में फागिंग कराने के साथ लोगों को जेई के लक्षण व बचाव की जानकारी दी। राजेश पांडेय ने बताया कि गांव में सभी लोग स्वस्थ्य हैं।
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प्रतिदिन चार से पांच सौ बुखार के मरीज इलाज के लिए अस्पताल आ रहे हैं। मगर डेंगू को लेकर ब्लॉक स्तरीय अस्पताल में कोई इंतजाम नहीं है। डेंगू की एलाइजा जांच की व्यवस्था सिर्फ जिला मेमोरियल अस्पताल में है, अन्य अस्पतालों में सिर्फ किट से जांच होती है। किट जांच में रिपोर्ट पाजिटिव आने पर दोबारा उसका सैंपल एलाइजा जांच के लिए मेमोरियल भेजा जाता है। ऐसे में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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उतरौला रोड स्थित कारपोरेशन स्टोर के प्रभारी आरके पाठक बताते हैं कि अस्पतालों में प्रतिदिन करीब दो गुना पैरासिटामोल की खपत हो रही है। स्टोर में करीब तीन लाख पैरासिटामोल बची है। दवाओं की कमी से बचने के लिए पोर्टल पर दस लाख टेबलेट की डिमांड भेज दी गई है।
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जिला मलेरिया अधिकारी राजेश कुमार पांडेय के साथ मलेरिया निरीक्षक अमरेंद्र सिंह व पवन यादव रविवार को जेई मरीज के गांव बिराहिमपुर पहुंचे। टीम ने गांव में फागिंग कराने के साथ लोगों को जेई के लक्षण व बचाव की जानकारी दी। राजेश पांडेय ने बताया कि गांव में सभी लोग स्वस्थ्य हैं।