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Balrampur News: चार माह तक चली धान खरीद, लक्ष्य फिर भी पूरा नहीं
Sat, 02 Mar 2024 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 02 Mar 2024 11:57 PM IST
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बलरामपुर। जिले में 29 फरवरी से धान की खरीद बंद हो गई है। चार माह तक चली सरकारी धान की खरीद के बावजूद विभाग सासन की तरफ से तय लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया। इस बार खरीद के लिए जिले को 35 हजार मीट्रिक टन धान का लक्ष्य मिला था। विपणन विभाग लक्ष्य के इतर 81.06 प्रतिशत अर्थात 28370.87 मीट्रिक टन धान की खरीद ही पूरी कर सका।
जिले में एक नवंबर से धान खरीद शुरू हुई थी। इसके लिए चार क्रय एजेंसियों ने 42 क्रय केंद्र बनाए थे। इसमें खाद्य विभाग के 13, पीसीएफ के 14, यूपीएसएस के 14 व भारतीय खाद्य निगम का एक क्रय केंद्र था। चार माह तक चली खरीद प्रक्रिया के बावजूद खरीद का तय लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। चारों क्रय एजेंसियों ने 29 फरवरी तक 4348 किसानों से 28370.87 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। इसके एवज में विपणन विभाग ने 4303 किसानों को 6121.01 लाख रुपये का भुगतान किया है। धान बेचने वाले 45 किसानों का 72.35 लाख रुपये अभी भी देना बकाया है।
खरीद प्रक्रिया से जुड़े लोगों की माने तो धान बेचने के लिए पंजीकरण में होने वाली समस्या व बिक्री के बाद भुगतान में होने वाली देरी के कारण इस बार किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने में कोई खास रुचि नहीं दिखाई। इसी कारण तमाम क्रय केंद्रों पर किसानों के न पहुंचने से धान खरीद का तय लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया।
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जिला खाद्य विपणन अधिकारी नरेंद्र कुमार तिंवारी ने बताया कि विभाग में पंजीकरण कराने वाले सभी किसानों से उनकी उपज की खरीदारी की गई है। इसके एवज में उपज का पूरा भुगतान भी कर दिया गया है। फिलहाल कुछ किसानों का भुगतान बचा है, उसे भी जल्द ही संबंधित के खातों में भेज दिया जाएगा।
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जिले में एक नवंबर से धान खरीद शुरू हुई थी। इसके लिए चार क्रय एजेंसियों ने 42 क्रय केंद्र बनाए थे। इसमें खाद्य विभाग के 13, पीसीएफ के 14, यूपीएसएस के 14 व भारतीय खाद्य निगम का एक क्रय केंद्र था। चार माह तक चली खरीद प्रक्रिया के बावजूद खरीद का तय लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। चारों क्रय एजेंसियों ने 29 फरवरी तक 4348 किसानों से 28370.87 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। इसके एवज में विपणन विभाग ने 4303 किसानों को 6121.01 लाख रुपये का भुगतान किया है। धान बेचने वाले 45 किसानों का 72.35 लाख रुपये अभी भी देना बकाया है।
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खरीद प्रक्रिया से जुड़े लोगों की माने तो धान बेचने के लिए पंजीकरण में होने वाली समस्या व बिक्री के बाद भुगतान में होने वाली देरी के कारण इस बार किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने में कोई खास रुचि नहीं दिखाई। इसी कारण तमाम क्रय केंद्रों पर किसानों के न पहुंचने से धान खरीद का तय लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया।
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जिला खाद्य विपणन अधिकारी नरेंद्र कुमार तिंवारी ने बताया कि विभाग में पंजीकरण कराने वाले सभी किसानों से उनकी उपज की खरीदारी की गई है। इसके एवज में उपज का पूरा भुगतान भी कर दिया गया है। फिलहाल कुछ किसानों का भुगतान बचा है, उसे भी जल्द ही संबंधित के खातों में भेज दिया जाएगा।