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पैथालॉजी की भ्रामक रिपोर्ट पर भ्रम में अधिकारी
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बलरामपुर। नगर क्षेत्र में फैला पैथालॉजी सेंटरों का जाल मरीजों के जी का जंजाल बन गया है। एक जांच अलग-अलग केन्द्रों पर अलग-अलग दर्शाई जा रही है। जांच रिपोर्ट देखकर मरीज व डाक्टर दोनों भ्रमित हैं। पीड़ित की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग के अफसर भी बेबस नजर आ रहे हैं। कौन सी रिपोर्ट गलत है और कौन सी सही इसका पता नहीं लग पा रहा है।
मामला नगर के मोहल्ला नहरबालागंज निवासी मिथिलेश कुमार पांडेय का है। मिथिलेश ने अपनी बेटी मिष्ठी (5) की जांच गत अगस्त माह के पहले सप्ताह पीलिया से ग्रसित होने पर कराई लगातार तीन दिनों तक तीन पैथालॉजी सेंटरों की जांच का परिणाम अलग-अलग निकला। मिथिलेश का आरोप है कि बेटी का इलाज कर रहे डाक्टर भी जांच रिपोर्ट देखकर भ्रमित हो गए।
मिथिलेश ने सेंटरों की अलग-अलग रिपोर्ट की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है। पोर्टल पर शिकायत के बाद डीएम ने मामले की जांच सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह को सौंपा। जांच अधिकारी का कहना है कि उन्होंने तीनों सेंटरों के संचालकों से मिष्ठी की जांच के संबंध में रिपोर्ट व बयान लिया। सभी सेंटर संचालक अपनी-अपनी रिपोर्ट सही होने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में किस सेंटर की जांच सही है और किसकी झूठी है यह बता पाना संभव नहीं है।
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ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि गलत जांच के चलते यदि किसी मरीज के साथ अनहोनी हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। डीएम कृष्णा करूणेश ने बताया कि सीएमओ को टीम गठित कर दोबारा मामले की जांच कराने का निर्देश दिया गया है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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मामला नगर के मोहल्ला नहरबालागंज निवासी मिथिलेश कुमार पांडेय का है। मिथिलेश ने अपनी बेटी मिष्ठी (5) की जांच गत अगस्त माह के पहले सप्ताह पीलिया से ग्रसित होने पर कराई लगातार तीन दिनों तक तीन पैथालॉजी सेंटरों की जांच का परिणाम अलग-अलग निकला। मिथिलेश का आरोप है कि बेटी का इलाज कर रहे डाक्टर भी जांच रिपोर्ट देखकर भ्रमित हो गए।
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मिथिलेश ने सेंटरों की अलग-अलग रिपोर्ट की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है। पोर्टल पर शिकायत के बाद डीएम ने मामले की जांच सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह को सौंपा। जांच अधिकारी का कहना है कि उन्होंने तीनों सेंटरों के संचालकों से मिष्ठी की जांच के संबंध में रिपोर्ट व बयान लिया। सभी सेंटर संचालक अपनी-अपनी रिपोर्ट सही होने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में किस सेंटर की जांच सही है और किसकी झूठी है यह बता पाना संभव नहीं है।
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ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि गलत जांच के चलते यदि किसी मरीज के साथ अनहोनी हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। डीएम कृष्णा करूणेश ने बताया कि सीएमओ को टीम गठित कर दोबारा मामले की जांच कराने का निर्देश दिया गया है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।