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UP: भारत-नेपाल बॉर्डर पर पहचान का खेल, 27 नेपाली नागरिकों पर FIR; भारतीय दस्तावेज से ले रहे थे योजनाओं का लाभ

Sat, 04 Jul 2026 08:08 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर Published by: Bhupendra Singh Updated Sat, 04 Jul 2026 08:08 PM IST
सार

भारतीय पहचान का नेपाल कनेक्शन सामने आया है। 27 नेपाली नगारिकों पर एफआईआर दर्ज की गई है। दोहरी मतदाता सूची से मामले का खुलासा हुआ। अब आधार बनाने से लेकर सरकारी योजनाओं तक की पड़ताल होगी। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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Nepal connection regarding Indian identity has come to light FIR  registered against 27 Nepali citizens
भारतीय पहचान का नेपाल कनेक्शन सामने आया - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

विस्तार

यूपी के बलरामपुर में भारत-नेपाल की खुली सीमा से जुड़े जिले में दोहरी पहचान का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जरवा पुलिस ने नेपाल के 27 नागरिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि इन लोगों ने नेपाल की नागरिकता और वहां की मतदाता सूची में नाम होने के बावजूद भारत में भी आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र समेत अन्य पहचान पत्र बनवा लिए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की भी बात सामने आई है। अब पुलिस और प्रशासन पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की तैयारी में जुट गए हैं।
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जांच की शुरुआत जिलाधिकारी कार्यालय से प्राप्त सूची के आधार पर हुई। इसके बाद थाना जरवा में तैनात उपनिरीक्षक शंभू सिंह ने दस्तावेजों का सत्यापन कराया। जांच में सामने आया कि सूची में शामिल अधिकांश लोगों का मूल निवास नेपाल के जिला डांग स्थित कोईलाबास क्षेत्र में है, जबकि भारत में उन्होंने जिले के बालापुर (अनवरडीह), शीतलापुर, रिजवान गली और नई बाजार जैसे पते दर्ज कराकर भारतीय पहचान पत्र हासिल किए। 
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सरकारी योजनाओं का लाभ भी लिया गया

इन लोगों के नाम भारत और नेपाल दोनों देशों की मतदाता सूचियों में दर्ज मिले। आरोप है कि इसी आधार पर आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज तैयार कराए गए तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी लिया गया। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि पहचान पत्र किस प्रक्रिया के तहत बने, किन अभिलेखों के आधार पर बने और इसमें किसी स्थानीय व्यक्ति या कर्मचारी की भूमिका तो नहीं रही। एसपी विकास कुमार ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पूरे मामले में कार्रवाई की जा रही है।

दर्ज पतें की हुई पड़ताल तो सामने आया खेल

जांच के दौरान कुछ चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए हैं। सूची में शामिल अब्दुल रहमान पुत्र कल्लू के बारे में सत्यापन में पता चला कि वह जिस भारतीय पते पर दर्ज है, वहां कभी रहता ही नहीं था। वहीं अब्दुल अजीज सिद्दीकी की कुछ माह पहले मृत्यु हो चुकी है, इसके बावजूद उनका नाम संबंधित अभिलेखों में दर्ज मिला। इन तथ्यों ने जांच को और गंभीर बना दिया है। 
 
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इन पर दर्ज हुई रिपोर्ट

एफआईआर में अब्दुल कादिर सिद्दीकी, सलीम सिद्दीकी, अब्दुल अजीज सिद्दीकी, अब्दुल अलीम सिद्दीकी, अब्दुल वहीद सिद्दीकी, अब्दुल करीम सिद्दीकी, अब्दुल रहीम, जकरुन्निशा, जाहिर खातून, हलिमा खातून, रेशमा, कमाल अहमद, जमीला, शाहिद अख्तर, सनाउल्ला सिद्दीकी, निशरत नूरसबा, यासिर अराफात, ओसामा, मोहम्मद अनस सिद्दीकी, फातिमा सिद्दीकी समेत कुल 27 लोगों को नामजद किया गया है। 

प्रभारी निरीक्षक योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। मतदाता सूची, आधार कार्ड, निवास प्रमाणपत्र, राशन कार्ड और अन्य सरकारी अभिलेखों का मिलान कराया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों से रिकॉर्ड भी तलब किए जाएंगे।
 
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सिर्फ 27 लोगों की नहीं, पूरी व्यवस्था की होगी पड़ताल

यह मामला केवल दोहरी मतदाता सूची तक सीमित नहीं माना जा रहा है। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाएंगी कि भारतीय पहचान पत्र जारी करने की प्रक्रिया में किस स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत हुई। यदि जांच में किसी कर्मचारी, सत्यापन अधिकारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उन पर भी कार्रवाई की की तैयारी है। भारत-नेपाल की खुली सीमा वाले क्षेत्रों में पहचान संबंधी दस्तावेज हमेशा संवेदनशील विषय रहे हैं। अभी जांच में कुछ और मामले सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

पूर्व सांसद रिजवान जहीर के मोहल्ले का दिया पता

जिन नेपाली नागरिकों ने जिले में अपना निवास दिखाकर नागरिकता हासिल की। उनमें कईयों ने पूर्व सांसद रिजवान जहीर के मोहल्ले का पता दिखाया। पूर्व सांसद का तुलसीपुर के शीतलपुरम वार्ड में आवास है, इसके साथ ही उन्हीं के यहां रहने से एक रिजवान गली मोहल्ला भी बन गया था। इन दोनो स्थानों से पता दर्शा कर लोगों ने नागरिकता हासिल की। इस खुलासे से जांच की दिशा पूर्व सांसद से नेपाली नगारिकों से संबंधों की तरफ भी मुड़ती दिख रही है। फिलहाल जरवा पुलिस का कहना है कि अभी पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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