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Balrampur News: अवैध रूप से संचालित अस्पताल में जज्चा-बच्चा की मौत, हंगामा

Mon, 28 Jul 2025 10:54 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 28 Jul 2025 10:54 PM IST
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Mother and child died in illegally run hospital, uproar
बलरामपुर के पचपेड़वा में सील किया गया अवैध क्लीनिक ।-संवाद
गैसड़ी (बलरामपुर)। पचपेड़वा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। घर वालों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इसी दौरान डॉक्टर व निजी अस्पताल पहुंचाने वाली आशा भाग निकली। प्रशासन ने अस्पताल को सील कर आगे की कार्रवाई शुरू की है।
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ग्राम लौकहवा (आदम तारा) निवासी जकरेआलम ने पुलिस को तहरीर दी। बताया कि उसकी गर्भवती बहन रहीमुन्निशा धवाई गांव में ससुराल में रहती थी। रविवार शाम प्रसव पीड़ा होने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पचपेड़वा ले जाया गया। वहां ऑक्सीजन की कमी बताकर इलाज से मना कर दिया गया। इसके बाद आशा कार्यकर्ता मरियम के कहने पर परिजन उसे पास के स्थित मिशा हेल्थ सेंटर ले गए। चहां संचालक ने ऑपरेशन की सलाह दी और 35 हजार रुपये की मांग की। तत्काल 15 हजार रुपये जमा कराए गए और शेष राशि ऑपरेशन के बाद देने की बात तय हुई।
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कुछ देर बाद बाहर से एक डॉक्टर बुलाया गया और रहीमुन्निशा को ऑपरेशन थिएटर में ले गए। थोड़ी देर बाद स्टाफ ने बताया कि बेटी पैदा हुई है, लेकिन जब परिजनों ने नवजात को देखा तो वह मृत अवस्था में थी। रहीमुन्निशा के बारे में पूछने पर जवाब नहीं दिया गया। बार-बार टाला जाता रहा। परिजन जब ऑपरेशन थिएटर में घुसे तो देखा कि वह भी मृत अवस्था में पड़ी थी।
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मुंह पर कपड़ा बांधकर भागे डॉक्टर, आशा भी लापता
परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टर एक-एक करके मुंह पर कपड़ा बांधकर मौके से फरार हो गए। कोई बाइक से, कोई चारपहिया वाहन से और कोई पैदल निकल गया। यहां तक कि आशा कार्यकर्ता मरियम भी मौके से भाग निकली। घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पर जुट गए। सूचना पर तुलसीपुर के उपजिलाधिकारी अभय कुमार सिंह और सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय सिंह मौके पर पहुंचे और भीड़ को शांत कराया। थानाध्यक्ष ओपी सिंह चौहान ने बताया कि अस्पताल को सील कर दिया गया है। दोनों शवों को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा गया है।

संवेदनाओं का उमड़ा सैलाब
जच्चा-बच्चा की मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल है। एक ही दिन में मां और बेटी का जनाजा उठने की खबर से हर आंख नम थी। परिजनों ने इंसाफ की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने मांग की कि इस तरह के लापरवाह अस्पतालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो और दोषी डॉक्टरों को सजा दिलाई जाए।
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