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मनरेगा : 286 पंचायतों में काम ठप, रोजगार के लिए भटक रहे मजदूर
Thu, 16 May 2024 01:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Thu, 16 May 2024 01:04 AM IST
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793 के सापेक्ष 507 ग्राम पंचायतों में ही चल रही मनरेगा की योजना संवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम प्रभावित है। गांवों में रोजगार पाने को लेकर मनरेगा श्रमिक भटक रहे हैं। जिले में 793 के सापेक्ष 507 ग्राम पंचायतों में ही सोमवार को मानव दिवस का सृजन हुआ, जबकि 286 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम ठप रहा है। गांवों में श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार देने में जनपद मंडल में पहले स्थान पर रहा, इस बार पंचायतों ने हाथ ही खींच लिया है।
जिले के 507 ग्राम पंचायतों में ही मनरेगा से काम चल रहे हैं। इससे 22 हजार 241 श्रमिकों को गांवों में ही रोजगार मिल सका है। वहीं इसके अलावा तीन हजार 18 जॉबकार्डधारकों ने गांवों में ही रोजगार मांगा है, जिन्हें काम देने की प्रक्रिया चल रही है। जबकि दो लाख से अधिक श्रमिक मनरेगा में पंजीकृत हैं। इसके अलावा ब्लॉक सदर में 63, गैंड़ास बुजुर्ग में आठ, गैसड़ी में 31, हरैया सतघरवा में 65, पचपेड़वा में 29, रेहरा बाजार में 31, श्रीदत्तगंज में 14, तुलसीपुर में 26 व उतरौला में 19 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम ठप रहा।
-आदर्श चुनाव आचार संहिता से गांवों में नए कार्यों का सृजन नहीं हो पा रहा है। आचार संहिता लागू होने से पहले ही स्वीकृत कार्यों को कराकर मनरेगा श्रमिकों को रोजगार के अवसर मुहैया कराए जा रहे हैं। -सतीश कुमार पांडेय, डीसी मनरेगा
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बलरामपुर। ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम प्रभावित है। गांवों में रोजगार पाने को लेकर मनरेगा श्रमिक भटक रहे हैं। जिले में 793 के सापेक्ष 507 ग्राम पंचायतों में ही सोमवार को मानव दिवस का सृजन हुआ, जबकि 286 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम ठप रहा है। गांवों में श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार देने में जनपद मंडल में पहले स्थान पर रहा, इस बार पंचायतों ने हाथ ही खींच लिया है।
जिले के 507 ग्राम पंचायतों में ही मनरेगा से काम चल रहे हैं। इससे 22 हजार 241 श्रमिकों को गांवों में ही रोजगार मिल सका है। वहीं इसके अलावा तीन हजार 18 जॉबकार्डधारकों ने गांवों में ही रोजगार मांगा है, जिन्हें काम देने की प्रक्रिया चल रही है। जबकि दो लाख से अधिक श्रमिक मनरेगा में पंजीकृत हैं। इसके अलावा ब्लॉक सदर में 63, गैंड़ास बुजुर्ग में आठ, गैसड़ी में 31, हरैया सतघरवा में 65, पचपेड़वा में 29, रेहरा बाजार में 31, श्रीदत्तगंज में 14, तुलसीपुर में 26 व उतरौला में 19 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम ठप रहा।
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-आदर्श चुनाव आचार संहिता से गांवों में नए कार्यों का सृजन नहीं हो पा रहा है। आचार संहिता लागू होने से पहले ही स्वीकृत कार्यों को कराकर मनरेगा श्रमिकों को रोजगार के अवसर मुहैया कराए जा रहे हैं। -सतीश कुमार पांडेय, डीसी मनरेगा
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