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Balrampur News: मिशन शक्ति से पंचायतों में खत्म होगा ''खड़ाऊ राज''
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बलरामपुर। नारी सुरक्षा-सम्मान व स्वावलंबन के लिए शुरू हुए मिशन शक्ति अभियान फेज चार के तहत ग्राम पंचायतों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन होगा। इसके माध्यम से महिला ग्राम प्रधानों को प्रशिक्षित कर उनमें नेतृत्व की क्षमता विकसित कर उन्हें संचार कौशल में प्रवीण बनाना है। ताकि पंचायतों के काम काज के संचालन में उन्हें दूसरों की मदद के लिए मोहताज न होना पड़े।
अधिकांश ग्राम पंचायतों में महिला प्रधानों की तरफ से उनके प्रतिनिधि के बतौर प्रधान पति अथवा अन्य नाते रिश्तेदार राज करते हैं। यह प्रतिनिधि ग्राम पंचायत की बैठक से लेकर मुख्यालय स्तर पर होने वाली गतिविधियों में भी शामिल होते हैं। इस पर प्रभावी स्तर से रोक लगाने व महिला प्रतिनिधियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से ही मिशन शक्ति के फेज-4 में जागरूक बना कर प्रशिक्षित किया जाएगा। पंचायती राज विभाग ने इसमें ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित किए जाने की एक कार्ययोजना तैयार की है।
नेतृत्व के साथ निखरेगी कार्य क्षमता
अभियान के पहले चरण में मॉडल ग्राम पंचायत की महिला प्रधानों को सम्मानित किए जाने के बाद दिसंबर तक जिले की महिला जनप्रतिनिधियों व समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित कर उनमें नेतृत्व क्षमता व संचार कौशल विकसित किया जाएगा। इसके लिए पंचायत स्तर पर महिला सभा का आयोजन होगा।
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इसके साथ ही जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर सेंटर में समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर ग्राम पंचायतों के विकास से जुड़े कार्यों की योजना बनाने के बारे में भी जानकारी देने के साथ ही गांवों में बालिका जन्म की मॉनीटरिंग करने के लिए पंजीकरण व सीएसआर पोर्टल पर शत-प्रतिशत फीडिंग कराने पर भी जोर दिया जाएगा।
डीपीएम करेंगे कार्यक्रमों की निगरानी
जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया उपाध्याय ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार मिशन शक्ति अभियान फेस चार के तहत ग्राम पंचायतों में महिला जागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रमों का आयोजन होगा। दिसंबर तक होने वाली विभिन्न गतिविधियों की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) संदीप कश्यप को सौंपी गई है।
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अधिकांश ग्राम पंचायतों में महिला प्रधानों की तरफ से उनके प्रतिनिधि के बतौर प्रधान पति अथवा अन्य नाते रिश्तेदार राज करते हैं। यह प्रतिनिधि ग्राम पंचायत की बैठक से लेकर मुख्यालय स्तर पर होने वाली गतिविधियों में भी शामिल होते हैं। इस पर प्रभावी स्तर से रोक लगाने व महिला प्रतिनिधियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से ही मिशन शक्ति के फेज-4 में जागरूक बना कर प्रशिक्षित किया जाएगा। पंचायती राज विभाग ने इसमें ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित किए जाने की एक कार्ययोजना तैयार की है।
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नेतृत्व के साथ निखरेगी कार्य क्षमता
अभियान के पहले चरण में मॉडल ग्राम पंचायत की महिला प्रधानों को सम्मानित किए जाने के बाद दिसंबर तक जिले की महिला जनप्रतिनिधियों व समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित कर उनमें नेतृत्व क्षमता व संचार कौशल विकसित किया जाएगा। इसके लिए पंचायत स्तर पर महिला सभा का आयोजन होगा।
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इसके साथ ही जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर सेंटर में समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर ग्राम पंचायतों के विकास से जुड़े कार्यों की योजना बनाने के बारे में भी जानकारी देने के साथ ही गांवों में बालिका जन्म की मॉनीटरिंग करने के लिए पंजीकरण व सीएसआर पोर्टल पर शत-प्रतिशत फीडिंग कराने पर भी जोर दिया जाएगा।
डीपीएम करेंगे कार्यक्रमों की निगरानी
जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया उपाध्याय ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार मिशन शक्ति अभियान फेस चार के तहत ग्राम पंचायतों में महिला जागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रमों का आयोजन होगा। दिसंबर तक होने वाली विभिन्न गतिविधियों की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) संदीप कश्यप को सौंपी गई है।