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श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के लिए प्राणों की आहूति देने वाले कारसेवकों को दी गई श्रद्घांलि
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बलरामपुर। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर शिलान्यास की पहली वर्षगांठ पर विश्व हिन्दू महासंघ की तरफ से ठाकुरद्वारा भगवतीगंत में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रीराम जन्म भूमि मंदिर के इतिहास पर चर्चा करते हुए राम लला के मंदिर निर्माण के लिए प्राणों की आहूति देने वाले कारसेवकों को श्रद्घांजलि अर्पित कर नमन किया गया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए विश्व हिन्दू महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति ने कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण कार्य में श्री गोरक्षपीठ की तीन पीढ़ियों का योगदान रहा है। गोरक्षपीठ के लोगों ने जात-पात को भुलाकर हिन्दुत्व के विकास का कार्य किया।
जिलाध्यक्ष गंगा शर्मा ने कहा कि यह गर्व की बात है कि हम सबी उस पीठ के संगठन का हिस्सा बनकर हिन्दुत्व के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। कहा कि श्रीराम जन्म भूमि मंदिर निर्माण में गोरक्षपीठ के साथ-साथ बलरामपुर रियासत के महाराजा स्व. पाटेश्वरी प्रसाद सिंह का योगदान भूला नहीं जा सकता है। इस दौरान विश्व हिन्दू महासंघ के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने मंदिर निर्माण के लिए जीवन की आहूति देने वाले कारसेवकों को श्रद्घांजलि अर्पित कर याद किया।
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संगोष्ठी को संबोधित करते हुए विश्व हिन्दू महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति ने कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण कार्य में श्री गोरक्षपीठ की तीन पीढ़ियों का योगदान रहा है। गोरक्षपीठ के लोगों ने जात-पात को भुलाकर हिन्दुत्व के विकास का कार्य किया।
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जिलाध्यक्ष गंगा शर्मा ने कहा कि यह गर्व की बात है कि हम सबी उस पीठ के संगठन का हिस्सा बनकर हिन्दुत्व के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। कहा कि श्रीराम जन्म भूमि मंदिर निर्माण में गोरक्षपीठ के साथ-साथ बलरामपुर रियासत के महाराजा स्व. पाटेश्वरी प्रसाद सिंह का योगदान भूला नहीं जा सकता है। इस दौरान विश्व हिन्दू महासंघ के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने मंदिर निर्माण के लिए जीवन की आहूति देने वाले कारसेवकों को श्रद्घांजलि अर्पित कर याद किया।
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