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Balrampur News: एक सप्ताह बाद खुला ललिया-मथुरा मार्ग, लौकहवा डिप से हटा बाढ़ का पानी
Tue, 06 Oct 2026 11:39 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 06 Oct 2026 11:39 PM IST
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फोटो-24,25,26-बलरामपुर के लौकहवा डिप पर बाढ़ का पानी खत्म होने के बाद आवागमन करते लोग ।-संवाद
ललिया। राप्ती नदी के उफान से आई बाढ़ के कारण करीब एक सप्ताह से बंद ललिया-मथुरा मार्ग पर मंगलवार को आवागमन बहाल हो गया। लौकहवा डिप पर पानी भरने से इस प्रमुख मार्ग पर वाहनों का संचालन पूरी तरह ठप था। पानी उतरने के बाद सड़क दिखाई देने लगी तो वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। मार्ग खुलने से क्षेत्र के 34 गांवों के ग्रामीणों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क बहाल हो गया है।
मार्ग बंद होने के दौरान ललिया क्षेत्र के लोगों को कौवापुर मोड़ होकर जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा था। इससे रोजाना आने-जाने वालों का समय, ईंधन और किराया बढ़ गया था। जरूरी काम से बलरामपुर जाने वाले लोगों के साथ व्यापारी, विद्यार्थी और मरीज भी प्रभावित हुए। छोटे वाहनों के साथ बड़े वाहनों का संचालन बंद होने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा। अब मार्ग खुलने से ललिया, मथुरा बाजार और आसपास के गांवों से जिला मुख्यालय की आवाजाही आसान हो गई है। रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को राहत मिली है। स्थानीय व्यापारियों को भी बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने और कारोबार सामान्य होने की उम्मीद है।
50 किलोमीटर का चक्कर अब नहीं
मार्ग बंद होने पर ललिया क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए कौवापुर मोड़ होकर करीब 50 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी। क्षेत्रवासी आलोक अवस्थी व सुशील तिवारी ने बताया कि आने-जाने में अतिरिक्त समय लगने के साथ पेट्रोल-डीजल का खर्च भी बढ़ गया था। अब अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे रोजाना जिला मुख्यालय आने-जाने वाले लोगों को सीधी और कम दूरी वाली राह मिल गई है।
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पढ़ाई और इलाज की राह हुई आसान
मार्ग बंद रहने से एक सप्ताह तक लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। क्षेत्रवासी मोहम्मद उमर शाह व रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि स्कूल-कॉलेज आने-जाने में अतिरिक्त समय लग रहा था। इलाज के लिए बलरामपुर जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानी उठानी पड़ी। अब मार्ग खुलने से विद्यार्थियों के साथ मरीजों को अस्पताल पहुंचने में कम समय लगेगा। छात्रा कंचन ने बताया कि कई दिनों से विश्वविद्यालय जाना टल रहा था, अब वह जा सकीं। जरूरी सेवाओं के लिए जिला मुख्यालय तक सीधी आवाजाही भी फिर आसान हो गई है।
बाजार में लौटेगी रौनक
सड़क बंद होने का असर ललिया और मथुरा बाजार के कारोबार पर भी पड़ा। बाहर से आने वाले ग्राहक और सामान लेकर पहुंचने वाले वाहन प्रभावित रहे। दुकानदार संतोष कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की आवाजाही कम होने से बिक्री भी प्रभावित हुई। मार्ग खुलने के बाद वाहनों का संचालन सामान्य होने से बाजार में ग्राहकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। व्यापारी राकेश गुप्त ने बताया कि सामान की ढुलाई में भी सहूलियत मिलेगी और कारोबार धीरे-धीरे पटरी पर लौट सकेगा।
एडीएम संदीप केला ने बताया कि राप्ती नदी का जलस्तर कम होने से क्षेत्र की सड़कों से पानी उतर रहा है। लौकहवा डिप से यातायात बहाल हो गया है। स्थानीय अधिकारियों को आवागमन पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है।
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मार्ग बंद होने के दौरान ललिया क्षेत्र के लोगों को कौवापुर मोड़ होकर जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ रहा था। इससे रोजाना आने-जाने वालों का समय, ईंधन और किराया बढ़ गया था। जरूरी काम से बलरामपुर जाने वाले लोगों के साथ व्यापारी, विद्यार्थी और मरीज भी प्रभावित हुए। छोटे वाहनों के साथ बड़े वाहनों का संचालन बंद होने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा। अब मार्ग खुलने से ललिया, मथुरा बाजार और आसपास के गांवों से जिला मुख्यालय की आवाजाही आसान हो गई है। रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को राहत मिली है। स्थानीय व्यापारियों को भी बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने और कारोबार सामान्य होने की उम्मीद है।
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50 किलोमीटर का चक्कर अब नहीं
मार्ग बंद होने पर ललिया क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए कौवापुर मोड़ होकर करीब 50 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी। क्षेत्रवासी आलोक अवस्थी व सुशील तिवारी ने बताया कि आने-जाने में अतिरिक्त समय लगने के साथ पेट्रोल-डीजल का खर्च भी बढ़ गया था। अब अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे रोजाना जिला मुख्यालय आने-जाने वाले लोगों को सीधी और कम दूरी वाली राह मिल गई है।
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पढ़ाई और इलाज की राह हुई आसान
मार्ग बंद रहने से एक सप्ताह तक लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। क्षेत्रवासी मोहम्मद उमर शाह व रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि स्कूल-कॉलेज आने-जाने में अतिरिक्त समय लग रहा था। इलाज के लिए बलरामपुर जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानी उठानी पड़ी। अब मार्ग खुलने से विद्यार्थियों के साथ मरीजों को अस्पताल पहुंचने में कम समय लगेगा। छात्रा कंचन ने बताया कि कई दिनों से विश्वविद्यालय जाना टल रहा था, अब वह जा सकीं। जरूरी सेवाओं के लिए जिला मुख्यालय तक सीधी आवाजाही भी फिर आसान हो गई है।
बाजार में लौटेगी रौनक
सड़क बंद होने का असर ललिया और मथुरा बाजार के कारोबार पर भी पड़ा। बाहर से आने वाले ग्राहक और सामान लेकर पहुंचने वाले वाहन प्रभावित रहे। दुकानदार संतोष कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की आवाजाही कम होने से बिक्री भी प्रभावित हुई। मार्ग खुलने के बाद वाहनों का संचालन सामान्य होने से बाजार में ग्राहकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। व्यापारी राकेश गुप्त ने बताया कि सामान की ढुलाई में भी सहूलियत मिलेगी और कारोबार धीरे-धीरे पटरी पर लौट सकेगा।
एडीएम संदीप केला ने बताया कि राप्ती नदी का जलस्तर कम होने से क्षेत्र की सड़कों से पानी उतर रहा है। लौकहवा डिप से यातायात बहाल हो गया है। स्थानीय अधिकारियों को आवागमन पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है।

फोटो-24,25,26-बलरामपुर के लौकहवा डिप पर बाढ़ का पानी खत्म होने के बाद आवागमन करते लोग ।-संवाद