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Balrampur News: नहीं हुआ दवाओं का उठान, कर दिया 80 लाख का भुगतान
Wed, 21 Jun 2023 11:15 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 21 Jun 2023 11:15 PM IST
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बलरामपुर। जिले में मरीजों के उपचार के लिए दी जाने वाली दवाओं के नाम पर बड़ा घोटाला सामने आया है। गैसड़ी व पचपेड़वा ब्लॉक के 28 हेल्थ एडं वेलनेस सेटर पर तैनात सीएचओ दो साल से बिना दवा के ही मरीजों का उपचार कर रहे हैं। गैसड़ी व पचपेड़वा के 14-14 सीएचओ तैनाती के दिन से अबतक सेंट्रल ड्रग वेयर हाऊस से एक भी दवा नहीं ले गए हैं। यह तथ्य स्टेट ड्रग वेयर हाउस द्वारा जिले को भेजी गई दवा न लेने वाले स्वास्थ्य केंद्रों की सूची से उजागर हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सीएचओ के कार्यों का बिना स्थलीय सत्यापन कराए ही उन्हें प्रोत्साहन राशि के नाम पर करीब 80 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है।
गांवों की स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने के लिए शासन ने वर्ष 2019 में उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में उच्चीकृत कर दिया। प्रत्येक केंद्र पर एक कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) की तैनात की गई। सीएचओ का कार्य हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर रहकर गांव के मरीजों की प्राथमिक जांच व उन्हें आवश्यक दवा देना है। लेकिन गैसड़ी व पचपेड़वा के 14-14 सीएचसओ अबतक एक भी दवा नहीं ले गए हैं।
उतरौला रोड पर स्थित ड्रग वेयर हाउस के प्रभारी गणेशजी पाठक व मोहम्मद सईद ने बताया कि वेयर हाउस बनने से अब तक गैसड़ी का कोई सीएचओ दवा लेने नहीं आया है। जबकि पचपेड़वा ब्लाॅक के सिर्फ दो केंद्र बनघुसरी व कोहरगड्डी के सीएचओ ही दवा ले गए हैं।
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हर बार लेते रहे प्रोत्साहन राशि
स्वास्थ्य विभाग सीएचओ को प्रतिमाह मानदेय के अलाव कार्य के अनुसार अधिकतम 15 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि का भी भुगतान करता है। बीते दो साल में दवा की उठान न करने वाले गैसड़ी और पचपेड़व के 28 सीएचओ को प्रतिमाह औसतन 12 हजार रुपये की दर से 24 महीने में 80 लाख 64 हजार रुपये का भुगतान हो चुका है।
स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे अधीक्षक
सीएचओ द्वारा दवा न उठाने के सवाल पर अधीक्षक स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं। सीएचसी गैसड़ी के अधीक्षक डॉ. अरविंद कुमार सीएचओ द्वारा अस्पताल से दवा ले जाने की बात कह रहे हैं। जबकि दो साल में सीएचसी द्वारा की जाने वाली दवाओं की मांग में बढ़ोतरी नहीं हुई है। पचपेड़वा के अधीक्षक डॉ. विजय कुमार मामले की जांच कराने की बात कह रहे हैं।
जांच कर होगी कार्रवाई
राज्य ड्रग वेयर हाउस से दवा की उठान न करने वाले स्वास्थ्य केंद्रों की सूची जिले को भेजी गई है। प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद दोषी कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सुशील कुमार, सीएमओ
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गांवों की स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने के लिए शासन ने वर्ष 2019 में उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में उच्चीकृत कर दिया। प्रत्येक केंद्र पर एक कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) की तैनात की गई। सीएचओ का कार्य हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर रहकर गांव के मरीजों की प्राथमिक जांच व उन्हें आवश्यक दवा देना है। लेकिन गैसड़ी व पचपेड़वा के 14-14 सीएचसओ अबतक एक भी दवा नहीं ले गए हैं।
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उतरौला रोड पर स्थित ड्रग वेयर हाउस के प्रभारी गणेशजी पाठक व मोहम्मद सईद ने बताया कि वेयर हाउस बनने से अब तक गैसड़ी का कोई सीएचओ दवा लेने नहीं आया है। जबकि पचपेड़वा ब्लाॅक के सिर्फ दो केंद्र बनघुसरी व कोहरगड्डी के सीएचओ ही दवा ले गए हैं।
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हर बार लेते रहे प्रोत्साहन राशि
स्वास्थ्य विभाग सीएचओ को प्रतिमाह मानदेय के अलाव कार्य के अनुसार अधिकतम 15 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि का भी भुगतान करता है। बीते दो साल में दवा की उठान न करने वाले गैसड़ी और पचपेड़व के 28 सीएचओ को प्रतिमाह औसतन 12 हजार रुपये की दर से 24 महीने में 80 लाख 64 हजार रुपये का भुगतान हो चुका है।
स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे अधीक्षक
सीएचओ द्वारा दवा न उठाने के सवाल पर अधीक्षक स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं। सीएचसी गैसड़ी के अधीक्षक डॉ. अरविंद कुमार सीएचओ द्वारा अस्पताल से दवा ले जाने की बात कह रहे हैं। जबकि दो साल में सीएचसी द्वारा की जाने वाली दवाओं की मांग में बढ़ोतरी नहीं हुई है। पचपेड़वा के अधीक्षक डॉ. विजय कुमार मामले की जांच कराने की बात कह रहे हैं।
जांच कर होगी कार्रवाई
राज्य ड्रग वेयर हाउस से दवा की उठान न करने वाले स्वास्थ्य केंद्रों की सूची जिले को भेजी गई है। प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद दोषी कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सुशील कुमार, सीएमओ