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Balrampur News: विद्यालयों की वाटिका में लगाए जाएंगे औषधीय पौधे
Tue, 04 Feb 2025 11:17 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 04 Feb 2025 11:17 PM IST
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बलरामपुर। उपचार की पद्धति भले ही बदली हो, लेकिन आयुर्वेद आज भी कारगर साबित हो रहा है। इसकी उपयोगिता को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने भी लोगों को जागरूक करने की एक पहल की है। इसके तहत परिषदीय विद्यालयों की वाटिका में अब औषधीय पौधे राेपे जाएंगे। ताकि विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पौधों की खूबियां पता चल सके और वह निरोगी रहने के लिए आयुर्वेद के नुस्खे भी अपना सके।
सभी विद्यालयों में आरोग्य वाटिका बनाने के लिए भी निर्देशित किया गया है। इसके लिए हर प्राथमिक विद्यालय को 1500 रुपये और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को 2000 रुपये की धनराशि मुहैया कराई गई है। शिक्षक औषधीय पौधे रोपित कर इसकी महत्ता के बारे में बच्चों को जागरूक बनाएंगे। जिस विद्यालय में वाटिका बन जाएगी उसकी देखरेख के लिए एक अध्यापक को नामित किया जाएगा। (संवाद)
जिले में खर्च होंगे 30.34 लाख
जिले के 1164 प्राथमिक विद्यालयों में औषधि वाटिका के लिए 17 लाख 46 हजार रूपये खर्च होंगे। इसके अलावा 644 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 12 लाख 88 हजार रुपये खर्च होंगे। इसके लिए विद्यालयों को बजट जारी किया गया है।
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विद्यार्थियों और अभिभावकों को करेंगे जागरुक
विद्यालयों में विकसित होने वाली आरोग्य वाटिका में लगाए जाने वाले औषधीय पौधों की पहचान और गुणवत्ता की जानकारी विद्यार्थियों को दी जाएगी। ताकि वह घरों में भी औषधीय पौधे लगा सके। इसके अलावा विद्यालयों में शिक्षक-अभिभावक संघ की बैठक में भी आरोग्य वाटिका में रोपित पौधों के औषधीय गुणों के विषय में जानकारी दी जाएगी।
इन पौधों को आरोग्य वाटिका में मिलेगा स्थान
आरोग्य वाटिका में औषधीय गगुणवत्ता एवं उच्च रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले पेड़-पौधे रोपित किए जाएंगे। जिसमें प्रमुख तौर पर हल्दी, चंदन, मीठी नीम, गिलोय, सर्पगंधा, ब्राह्मी, सहजन, चाय करंज, आवंला, अमरूद एवं तुलसी के पौधे शामिल होंगे।साथ ही विद्यालयों को पौधों की सिंचाई, निराई, गुड़ाई के लिए संसाधन भी क्रय करने होंगे।
विद्यालयों में शुरू हुई पहल
विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को औषधिये पौधों को रोपे जाने के निर्देश दिये गये हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों की देखरेख में कार्य पूरा कराया जा रहा है।
शुभम शुक्ल, बीएसए
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सभी विद्यालयों में आरोग्य वाटिका बनाने के लिए भी निर्देशित किया गया है। इसके लिए हर प्राथमिक विद्यालय को 1500 रुपये और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को 2000 रुपये की धनराशि मुहैया कराई गई है। शिक्षक औषधीय पौधे रोपित कर इसकी महत्ता के बारे में बच्चों को जागरूक बनाएंगे। जिस विद्यालय में वाटिका बन जाएगी उसकी देखरेख के लिए एक अध्यापक को नामित किया जाएगा। (संवाद)
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जिले में खर्च होंगे 30.34 लाख
जिले के 1164 प्राथमिक विद्यालयों में औषधि वाटिका के लिए 17 लाख 46 हजार रूपये खर्च होंगे। इसके अलावा 644 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 12 लाख 88 हजार रुपये खर्च होंगे। इसके लिए विद्यालयों को बजट जारी किया गया है।
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विद्यार्थियों और अभिभावकों को करेंगे जागरुक
विद्यालयों में विकसित होने वाली आरोग्य वाटिका में लगाए जाने वाले औषधीय पौधों की पहचान और गुणवत्ता की जानकारी विद्यार्थियों को दी जाएगी। ताकि वह घरों में भी औषधीय पौधे लगा सके। इसके अलावा विद्यालयों में शिक्षक-अभिभावक संघ की बैठक में भी आरोग्य वाटिका में रोपित पौधों के औषधीय गुणों के विषय में जानकारी दी जाएगी।
इन पौधों को आरोग्य वाटिका में मिलेगा स्थान
आरोग्य वाटिका में औषधीय गगुणवत्ता एवं उच्च रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले पेड़-पौधे रोपित किए जाएंगे। जिसमें प्रमुख तौर पर हल्दी, चंदन, मीठी नीम, गिलोय, सर्पगंधा, ब्राह्मी, सहजन, चाय करंज, आवंला, अमरूद एवं तुलसी के पौधे शामिल होंगे।साथ ही विद्यालयों को पौधों की सिंचाई, निराई, गुड़ाई के लिए संसाधन भी क्रय करने होंगे।
विद्यालयों में शुरू हुई पहल
विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को औषधिये पौधों को रोपे जाने के निर्देश दिये गये हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों की देखरेख में कार्य पूरा कराया जा रहा है।
शुभम शुक्ल, बीएसए