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बच्चों के विकास में कुपोषण सबसे बड़ी बाधा
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बलरामपुर। जिले के 215 सब सेंटरों पर प्रत्येक माह के प्रथम बुधवार को सुपोषण स्वास्थ्य मेला लगाया जा रहा है। मेले में बच्चों को कुपोषण तथा किशोरियों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को एनीमिया से बचाने के लिए इलाज के साथ बचाव के तौर-तरीके भी बताए जा रहे हैं। यह बातें सदर एसडीएम डॉ. नागेन्द्र नाथ यादव ने सोमवार को तहसील सभागार में सदर व हरैया सतघरवा ब्लॉकों के कन्वर्जेंस व ब्लॉक पोषण समिति की बैठक को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि जिले के बच्चों को कुपोषणमुक्त बनाने के लिए भारत सरकार ने नीति आयोग को जिम्मेदारी सौंपी है। देश के 115 जिलों को आकांक्षात्मक जनपद में शामिल कर पिछड़ा माना गया है। पिछड़े जनपदों में बच्चों में कुपोषण सबसे अधिक पाया गया है। बच्चों के विकास में कुपोषण सबसे बड़ी बाधा है।
बैठक को बीईओ सदर मनीराम वर्मा, डा. जगमोहन, सीडीपीओ सदर राकेश शर्मा, सीडीपीओ हरैया सतघरवा प्रियंका दूबे, तहसीलदार सदर रोहित कुमार मौर्य व जिला पोषण विशेषज्ञ सीमा शुक्ला आदि संबोधित कर अपने-अपने विभाग के कार्यक्रमों को बताया।
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उन्होंने कहा कि जिले के बच्चों को कुपोषणमुक्त बनाने के लिए भारत सरकार ने नीति आयोग को जिम्मेदारी सौंपी है। देश के 115 जिलों को आकांक्षात्मक जनपद में शामिल कर पिछड़ा माना गया है। पिछड़े जनपदों में बच्चों में कुपोषण सबसे अधिक पाया गया है। बच्चों के विकास में कुपोषण सबसे बड़ी बाधा है।
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बैठक को बीईओ सदर मनीराम वर्मा, डा. जगमोहन, सीडीपीओ सदर राकेश शर्मा, सीडीपीओ हरैया सतघरवा प्रियंका दूबे, तहसीलदार सदर रोहित कुमार मौर्य व जिला पोषण विशेषज्ञ सीमा शुक्ला आदि संबोधित कर अपने-अपने विभाग के कार्यक्रमों को बताया।
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