{"_id":"6993579019d3c9b3eb00bd25","slug":"listening-to-the-ramayana-purifies-the-mind-ramanandacharya-balrampur-news-c-99-1-brp1010-142880-2026-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामकथा के श्रवण से मन होता है निर्मल : रामानंदाचार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामकथा के श्रवण से मन होता है निर्मल : रामानंदाचार्य
Mon, 16 Feb 2026 11:14 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 16 Feb 2026 11:14 PM IST
विज्ञापन
ललिया। क्षेत्र के रतोही गांव स्थित समयमाता मंदिर परिसर में आयोजित संगीतमय श्रीरामकथा में रविवार शाम को रामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, धैर्य और नीति का वर्णन किया गया। अयोध्या धाम से आए संत रामानंदाचार्य ने कहा कि रामकथा का श्रवण मन को निर्मल करता है। साथ ही व्यक्ति को सत्य व मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
प्रवाचक ने बताया कि परिवार और समाज के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए ईश्वर स्मरण, गुरु व माता-पिता का आदर तथा गोसेवा जैसे पुण्य कार्य जीवन को सार्थक बनाते हैं। कहा कि जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब ईश्वर विभिन्न रूपों में अवतार लेकर संतुलन स्थापित करते हैं। आध्यात्मिक विचारधारा से जुड़े प्रदीप तिवारी ने कहा कि श्रीराम का चरित्र त्याग, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। इस अवसर पर जया किशोरी, दान बहादुर मिश्र, ओमप्रकाश सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विज्ञापन
प्रवाचक ने बताया कि परिवार और समाज के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए ईश्वर स्मरण, गुरु व माता-पिता का आदर तथा गोसेवा जैसे पुण्य कार्य जीवन को सार्थक बनाते हैं। कहा कि जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब ईश्वर विभिन्न रूपों में अवतार लेकर संतुलन स्थापित करते हैं। आध्यात्मिक विचारधारा से जुड़े प्रदीप तिवारी ने कहा कि श्रीराम का चरित्र त्याग, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। इस अवसर पर जया किशोरी, दान बहादुर मिश्र, ओमप्रकाश सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विज्ञापन