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दो हत्यारों को आजीवन कारावास
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बलरामपुर। हत्या के आरोप में दोषी पाए जाने पर एडीजे प्रथम ने दो भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपियों को एक लाख 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा भी सुनाई है।
थाना क्षेत्र ललिया के गांव सिकटिहवा बजरडीह निवासी संजय वर्मा ने थाने पर तहरीर दी थी कि उसके भाई अजय वर्मा को गांव के ही राम गोपाल तिवारी व राम अनुज तिवारी सात फरवरी 2017 की शाम छह बजे घर से बुला ले गए। देर रात भाई के घर न पहुंचने पर काफी तलाश की गई तो अजय का शव पेड़ पर लटकते हुए पाया गया।
संजय की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना शुरू की। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नवीन कुमार तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या किए जाने पुष्टि की गई। पुलिस ने विवेचना के बाद राम गोपाल तिवारी व राम अनुज तिवारी को दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने सात गवाहों को न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम विपिन कुमार प्रथम ने राम गोपाल तिवारी व राम अनुज तिवारी को अजय की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व प्रत्येक को एक लाख 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने दोनों पर लगाए गए जुर्माने में से 25-25 हजार रुपये मृतक अजय के वारिस को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया।
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थाना क्षेत्र ललिया के गांव सिकटिहवा बजरडीह निवासी संजय वर्मा ने थाने पर तहरीर दी थी कि उसके भाई अजय वर्मा को गांव के ही राम गोपाल तिवारी व राम अनुज तिवारी सात फरवरी 2017 की शाम छह बजे घर से बुला ले गए। देर रात भाई के घर न पहुंचने पर काफी तलाश की गई तो अजय का शव पेड़ पर लटकते हुए पाया गया।
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संजय की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना शुरू की। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नवीन कुमार तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या किए जाने पुष्टि की गई। पुलिस ने विवेचना के बाद राम गोपाल तिवारी व राम अनुज तिवारी को दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने सात गवाहों को न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम विपिन कुमार प्रथम ने राम गोपाल तिवारी व राम अनुज तिवारी को अजय की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व प्रत्येक को एक लाख 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने दोनों पर लगाए गए जुर्माने में से 25-25 हजार रुपये मृतक अजय के वारिस को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया।