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Balrampur News: इमाम हुसैन की याद में सजा लंगर, भाईचारे और इंसानियत का दिया संदेश
Wed, 15 Jul 2026 10:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 15 Jul 2026 10:42 PM IST
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फोटो-38-बलरामपुर के नगर पालिका रोड पर आयोजित लंगर में मौजूद अकीदतमंद ।-संवाद
बलरामपुर। मुहर्रम के उपलक्ष्य में मंगलवार की रात हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में नगर पालिका के निकट अकीदतमंदों की तरफ से लंगर का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने लंगर ग्रहण हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को याद किया। लंगर में राहगीरों और जरूरतमंदों को भी भोजन कराया गया।
आयोजकों ने बताया कि कर्बला की जंग में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों ने इंसाफ, सच्चाई और मानवता की रक्षा के लिए अपनी शहादत दी थी। उनकी याद में प्रत्येक वर्ष यहां लंगर का आयोजन किया जाता है, इससे समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सेवा की भावना को बढ़ावा मिलता है। अकीदतमंद गुलाम अशरफ, इमरान, लक्की, अनीस, चांदे और कुनई ने कहा कि लंगर केवल भोजन वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि इंसानियत और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इसमें हर धर्म और वर्ग के लोग शामिल होकर आपसी सौहार्द का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी आज भी अन्याय के खिलाफ संघर्ष और मानवता की रक्षा की प्रेरणा देती है। देर रात तक लंगर का सिलसिला चलता रहा। बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धापूर्वक लंगर ग्रहण कर कर्बला के शहीदों को याद किया।
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आयोजकों ने बताया कि कर्बला की जंग में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों ने इंसाफ, सच्चाई और मानवता की रक्षा के लिए अपनी शहादत दी थी। उनकी याद में प्रत्येक वर्ष यहां लंगर का आयोजन किया जाता है, इससे समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सेवा की भावना को बढ़ावा मिलता है। अकीदतमंद गुलाम अशरफ, इमरान, लक्की, अनीस, चांदे और कुनई ने कहा कि लंगर केवल भोजन वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि इंसानियत और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इसमें हर धर्म और वर्ग के लोग शामिल होकर आपसी सौहार्द का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी आज भी अन्याय के खिलाफ संघर्ष और मानवता की रक्षा की प्रेरणा देती है। देर रात तक लंगर का सिलसिला चलता रहा। बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धापूर्वक लंगर ग्रहण कर कर्बला के शहीदों को याद किया।
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