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शिक्षकों पर हर दिन बच्चों को स्कूल लाने का जिम्मा
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बलरामपुर। शिक्षकों पर हर दिन बच्चों को स्कूल लाने की जिम्मेदारी है। स्कूलों में बच्चों की संख्या में कमी पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। कोरोना काल के लर्निंग गैप को समाप्त करने की तैयारियां की जा रही हैं। निरीक्षण में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों के शैक्षिक गतिविधियों में सुधार न पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह बातें बीएसए डॉ. रामचंद्र ने सोमवार को नगर संसाधन केंद्र परिसर के जूनियर हाईस्कूल नगर पालिका में जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कही।
प्रशिक्षण कार्यशाला में सभी शिक्षकों को सलाह दी गई कि कोरोना काल में प्रभावित होने वाली शिक्षा में सुधार करना है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य है कि बच्चे स्कूल हर दिन आएं। बच्चों को रोजाना स्कूल लाने के लिए शिक्षकों को प्रयास करना होगा।
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जिले के सभी10 शिक्षा क्षेत्रों में दो-दो एआरपी को प्रशिक्षित किया जाएगा जो अपने अपने शिक्षा क्षेत्रों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता निरंकार पांडेय के मार्गदर्शन में एआरपी को पतीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स अरुण मिश्र, मनोज तिवारी, उस्मान, शैलेंद्र सिंह व सुबोध श्रीवास्तव एआरपी को प्रशिक्षित करेंगे।
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यह बातें बीएसए डॉ. रामचंद्र ने सोमवार को नगर संसाधन केंद्र परिसर के जूनियर हाईस्कूल नगर पालिका में जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कही।
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प्रशिक्षण कार्यशाला में सभी शिक्षकों को सलाह दी गई कि कोरोना काल में प्रभावित होने वाली शिक्षा में सुधार करना है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य है कि बच्चे स्कूल हर दिन आएं। बच्चों को रोजाना स्कूल लाने के लिए शिक्षकों को प्रयास करना होगा।
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जिले के सभी10 शिक्षा क्षेत्रों में दो-दो एआरपी को प्रशिक्षित किया जाएगा जो अपने अपने शिक्षा क्षेत्रों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता निरंकार पांडेय के मार्गदर्शन में एआरपी को पतीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स अरुण मिश्र, मनोज तिवारी, उस्मान, शैलेंद्र सिंह व सुबोध श्रीवास्तव एआरपी को प्रशिक्षित करेंगे।