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Balrampur News: प्रधान व आशा के संयुक्त खातों से खर्च धनराशि की जांच शुरू
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बलरामपुर। ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई व स्वच्छता पर खर्च होने वाले बजट की जांच-पड़ताल शुरू हो गई है। उप निदेशक पंचायत ग्राम प्रधान व आशा, एएनएम व सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के संयुक्त खातों से बजट किस मद में खर्च हुआ है, कितना बजट बचा है, इसका विवरण तलब किया है। खर्च का ब्योरा मांगे जाने से ग्राम पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय तक के कार्यालयों में फाइलों की पड़ताल शुरू हो गई है।
ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई व स्वच्छता के मद में अनटाइड फंड से बजट दिया जाता है। इसके लिए जिले की सभी 793 ग्राम पंचायतों में तीन खातों का संचालन किया जाता है। ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति के तहत ग्राम प्रधान व आशा का संयुक्त खाता होता है, इसमें प्रति वर्ष 10 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसी तरह जन आरोग्य समिति खाता का संचालन ग्राम प्रधान व सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के संयुक्त हस्ताक्षर से होता है। इसमें प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये फंड आता है। वहीं अनटाइड खाते का संचालन प्रधान व एएनएम के संयुक्त हस्ताक्षर से होता है, इस खाते में भी प्रति वर्ष 10 हजार रुपये स्वच्छता पर खर्च करने के लिए आते हैं। उप निदेशक पंचायत ने तीनों खातों में उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष अब तक खर्च किए गए पैसे का विवरण तलब किया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि अभी हमें इस संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई व स्वच्छता के मद में अनटाइड फंड से बजट दिया जाता है। इसके लिए जिले की सभी 793 ग्राम पंचायतों में तीन खातों का संचालन किया जाता है। ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति के तहत ग्राम प्रधान व आशा का संयुक्त खाता होता है, इसमें प्रति वर्ष 10 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसी तरह जन आरोग्य समिति खाता का संचालन ग्राम प्रधान व सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के संयुक्त हस्ताक्षर से होता है। इसमें प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये फंड आता है। वहीं अनटाइड खाते का संचालन प्रधान व एएनएम के संयुक्त हस्ताक्षर से होता है, इस खाते में भी प्रति वर्ष 10 हजार रुपये स्वच्छता पर खर्च करने के लिए आते हैं। उप निदेशक पंचायत ने तीनों खातों में उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष अब तक खर्च किए गए पैसे का विवरण तलब किया है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि अभी हमें इस संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।