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Balrampur News: 41 डिग्री कॉलेजों की शुरू हुई जांच, मिलीं खामियां
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बलरामपुर के शक्ति स्मारक महाविद्यालय में जांच करती टीम ।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर। जिले में संचालित डिग्री कॉलेजों और निजी शिक्षण संस्थानों में शुक्रवार को प्रशासनिक टीम की जांच से खलबली मच गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर जांच शुरू हुई है। 41 कॉलेज जांच के दायरे में हैं। जांच का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। हाल ही में बाराबंकी में फर्जी डिग्री के प्रकरण के बाद शासन ने कॉलेजों की जांच का फरमान जारी किया था।
जांच के दायरे में कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के प्रबंधन वाला शक्ति स्मारक संस्थान भी शामिल है। शुक्रवार को जिले में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) हेमंत गुप्त, क्षेत्राधिकारी (सीओ) ज्योतिश्री और खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अशोक पाठक के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने शहर के प्रमुख कॉलेजों में औचक निरीक्षण किया। टीम ने शक्ति स्मारक संस्थान, सीएमएस गर्ल्स डिग्री कॉलेज, एमएलके पीजी कॉलेज, ग्रामीण भारत महिला महाविद्यालय और स्वामी विवेकानंद डिग्री कॉलेज पहुंचकर सभी अभिलेखों, नामांकन रजिस्टर, मान्यता पत्र और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की गहन पड़ताल की।
निरीक्षण के दौरान कॉलेज प्रबंधन से संचालित कोर्स की मान्यता से संबंधित सवाल भी पूछे गए। टीम ने संस्थान में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या और अभिलेखों का मिलान भी किया। एसडीएम हेमंत गुप्ता ने बताया कि जांच के दौरान कई संस्थानों में अभिलेखों में विसंगतियां पाई गई हैं, जिनकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। बताया जा रहा है कि किसी भी कॉलेज में बिना मान्यता के कोर्स संचालित पाए जाने पर संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही छात्रों की जमा की गई फीस ब्याज सहित वापस कराई जाएगी। जांच के दौरान हर संस्थान से शपथ पत्र लिया जा रहा है कि वह केवल उन्हीं कोर्सों का संचालन कर रहा है जिन्हें नियामक निकाय, विश्वविद्यालय या बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। साथ ही सभी कोर्सों की सूची और मान्यता पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।
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जांच के बाद अभिलेख सही करने में जुटे संस्थान
जिले के शिक्षण संस्थानों में जांच के बाद अभिलेखों को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक कुछ संस्थानों में प्रारंभिक जांच में दस्तावेज अधूरे मिले हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच औपचारिकता नहीं होगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए यह सख्त कदम है। किसी भी कॉलेज में मान्यता संबंधी या प्रवेश प्रक्रिया में गड़बड़ी पाई जाती है, तो न केवल संस्थान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी बल्कि जिम्मेदार प्रबंधक और संचालकों पर भी कार्रवाई तय होगी।
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जांच के दायरे में कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के प्रबंधन वाला शक्ति स्मारक संस्थान भी शामिल है। शुक्रवार को जिले में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) हेमंत गुप्त, क्षेत्राधिकारी (सीओ) ज्योतिश्री और खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अशोक पाठक के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने शहर के प्रमुख कॉलेजों में औचक निरीक्षण किया। टीम ने शक्ति स्मारक संस्थान, सीएमएस गर्ल्स डिग्री कॉलेज, एमएलके पीजी कॉलेज, ग्रामीण भारत महिला महाविद्यालय और स्वामी विवेकानंद डिग्री कॉलेज पहुंचकर सभी अभिलेखों, नामांकन रजिस्टर, मान्यता पत्र और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की गहन पड़ताल की।
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निरीक्षण के दौरान कॉलेज प्रबंधन से संचालित कोर्स की मान्यता से संबंधित सवाल भी पूछे गए। टीम ने संस्थान में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या और अभिलेखों का मिलान भी किया। एसडीएम हेमंत गुप्ता ने बताया कि जांच के दौरान कई संस्थानों में अभिलेखों में विसंगतियां पाई गई हैं, जिनकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। बताया जा रहा है कि किसी भी कॉलेज में बिना मान्यता के कोर्स संचालित पाए जाने पर संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही छात्रों की जमा की गई फीस ब्याज सहित वापस कराई जाएगी। जांच के दौरान हर संस्थान से शपथ पत्र लिया जा रहा है कि वह केवल उन्हीं कोर्सों का संचालन कर रहा है जिन्हें नियामक निकाय, विश्वविद्यालय या बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। साथ ही सभी कोर्सों की सूची और मान्यता पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।
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जांच के बाद अभिलेख सही करने में जुटे संस्थान
जिले के शिक्षण संस्थानों में जांच के बाद अभिलेखों को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक कुछ संस्थानों में प्रारंभिक जांच में दस्तावेज अधूरे मिले हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच औपचारिकता नहीं होगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए यह सख्त कदम है। किसी भी कॉलेज में मान्यता संबंधी या प्रवेश प्रक्रिया में गड़बड़ी पाई जाती है, तो न केवल संस्थान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी बल्कि जिम्मेदार प्रबंधक और संचालकों पर भी कार्रवाई तय होगी।