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खामियों पर पशु चिकित्सक को लगाई फटकार
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तुलसीपुर (बलरामपुर)। अमर उजाला माई सिटी पेज नंबर चार पर लीड के रुप 10 फरवरी 2020 को छपी खबर ‘खुद बीमार पड़ा तुलसीपुर का पशु अस्पताल’ का संज्ञान लेकर अपर निदेशक पशु पालन डॉ. अनिरुद्ध सिंह कुशवाहा ने बुधवार को औचक निरीक्षण किया। खामियां पाए जाने पर पशु चिकित्सक डॉ. धर्मेंद्र कुमार मिश्र को कड़ी फटकार लगाई। एक सप्ताह के अंदर पशु अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं चिकित्सक को चाक चौबंद कराने का निर्देश दिया।
मौके पर पहुंचे अपर निदेशक ने बताया कि मंडलायुक्त देवीपाटन मंडल महेंद्र कुमार के निर्देश पर उन्होंने तुलसीपुर के पशु अस्पताल का अमर उजाला में छपी खबर का संज्ञान लेकर औचक निरीक्षण किया है। औचक निरीक्षण के दौरान अपर निदेशक को टीकाकरण रजिस्टर पशु अस्पताल में नहीं मिला। स्टॉक रजिस्टर भी आधा अधूरा ही पाया गया। पीपी रजिस्टर भी अपूर्ण मिला।
नियमों को ताक पर रखकर पशुधन प्रसार अधिकारी अनिल साहनी जिनकी तैनाती बनकटवा में है उन्हें भौतिक स्टॉक की जिम्मेदारी दी गई थी जबकि यह जिम्मेदारी फार्मासिस्ट को वहन करनी होती है। इन्हीं खामियों को लेकर अपर निदेशक ने पशु चिकित्साधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल फार्मासिस्ट को चार्ज दिलाने का आदेश दिया। अस्पताल प्रांगण की साफ सफाई कराने और सभी व्यवस्थाओं को चाक चौबंद कराने के लिए पशु अस्पताल के मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टॉफ को एक सप्ताह की जिम्मेदारी दी गई।
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अपर निदेशक के औचक निरीक्षण के दौरान तमाम शिकायतकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर दवाएं उपलब्ध न होने, टीकाकरण न कराने और समस्याओं का निस्तारण न किए जाने की शिकायत की। एक सप्ताह में समस्याओं का निराकरण न होने पर अपर निदेशक ने पशु अस्पताल के मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टॉफ के खिलाफ विधिक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी है।
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मौके पर पहुंचे अपर निदेशक ने बताया कि मंडलायुक्त देवीपाटन मंडल महेंद्र कुमार के निर्देश पर उन्होंने तुलसीपुर के पशु अस्पताल का अमर उजाला में छपी खबर का संज्ञान लेकर औचक निरीक्षण किया है। औचक निरीक्षण के दौरान अपर निदेशक को टीकाकरण रजिस्टर पशु अस्पताल में नहीं मिला। स्टॉक रजिस्टर भी आधा अधूरा ही पाया गया। पीपी रजिस्टर भी अपूर्ण मिला।
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नियमों को ताक पर रखकर पशुधन प्रसार अधिकारी अनिल साहनी जिनकी तैनाती बनकटवा में है उन्हें भौतिक स्टॉक की जिम्मेदारी दी गई थी जबकि यह जिम्मेदारी फार्मासिस्ट को वहन करनी होती है। इन्हीं खामियों को लेकर अपर निदेशक ने पशु चिकित्साधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल फार्मासिस्ट को चार्ज दिलाने का आदेश दिया। अस्पताल प्रांगण की साफ सफाई कराने और सभी व्यवस्थाओं को चाक चौबंद कराने के लिए पशु अस्पताल के मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टॉफ को एक सप्ताह की जिम्मेदारी दी गई।
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अपर निदेशक के औचक निरीक्षण के दौरान तमाम शिकायतकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर दवाएं उपलब्ध न होने, टीकाकरण न कराने और समस्याओं का निस्तारण न किए जाने की शिकायत की। एक सप्ताह में समस्याओं का निराकरण न होने पर अपर निदेशक ने पशु अस्पताल के मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टॉफ के खिलाफ विधिक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी है।