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Balrampur News: महिला को जिंदा जलाकर मारने वाले पति व भतीजे को आजीवन कारावास
Sun, 31 May 2026 10:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 31 May 2026 10:44 PM IST
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बलरामपुर। उतरौला क्षेत्र में पत्नी और बेटी पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने तथा पत्नी की मौत के मामले में जिला जज उत्कर्ष चतुर्वेदी ने पति और भतीजे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर 1.75-1.75 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। करीब एक वर्ष पहले हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था।
महदेइया बाजार बनगवा निवासी डब्लू ने 11 मई 2025 को कोतवाली उतरौला में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसके पिता कल्लू उर्फ मकसूद अहमद और ममेरे भाई हसरुद्दीन कुरैशी उर्फ हसरु ने उसकी मां और बहन पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी थी। आग की चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गई थीं। घटना के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मां की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की विवेचना तत्कालीन अपराध निरीक्षक मृत्युंजय सिंह ने की। जांच के दौरान घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के साथ गवाहों के बयान संकलित किए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष साक्ष्य और गवाह पेश किए। सभी तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद जिला जज उत्कर्ष चतुर्वेदी ने कल्लू उर्फ मकसूद अहमद और हसरुद्दीन कुरैशी उर्फ हसरु को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 1,75,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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महदेइया बाजार बनगवा निवासी डब्लू ने 11 मई 2025 को कोतवाली उतरौला में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसके पिता कल्लू उर्फ मकसूद अहमद और ममेरे भाई हसरुद्दीन कुरैशी उर्फ हसरु ने उसकी मां और बहन पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी थी। आग की चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गई थीं। घटना के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मां की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की विवेचना तत्कालीन अपराध निरीक्षक मृत्युंजय सिंह ने की। जांच के दौरान घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के साथ गवाहों के बयान संकलित किए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष साक्ष्य और गवाह पेश किए। सभी तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद जिला जज उत्कर्ष चतुर्वेदी ने कल्लू उर्फ मकसूद अहमद और हसरुद्दीन कुरैशी उर्फ हसरु को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 1,75,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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