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Balrampur News: होम्योपैथी से दूर हुई यूरिन लीकेज की समस्या
Wed, 07 Jan 2026 11:01 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 07 Jan 2026 11:01 PM IST
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बलरामपुर। होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति अब असाध्य बीमारियों में भी रामबाण साबित हो रही है। जो बीमारी एलोपैथ के चिकित्सक नहीं दूर कर पाए, उसमें होम्योपैथी की दवाएं कारगर साबित हुई हैं। राजकीय होम्योपैथी चिकित्सालय में चिकित्सक ने छह महीने के इलाज में नौ साल की बच्ची की यूरिन लीकेज संबंधी बीमारी दूर की है। बच्ची अब पूरी तरह स्वस्थ है।
हरैया सतघरवा ब्लॉक क्षेत्र के मथुरा बाजार निवासी मो. अशफाक की नौ साल की बेटी सिधरा फातमा को करीब पांच सालों से यूरिन लीकेज की बीमारी थी। मो. अशफाक ने बताया कि उनकी बेटी जब तीन साल की हुई तो यूरिन लीकेज की समस्या का पता चला। वह यूरिन को नियंत्रित नहीं कर पाती थी। सोते-खाते, चलते-फिरते हमेशा यूरिन बाहर निकल जाता था।
जब समस्या गंभीर हो गई तब उन्होंने अपनी बेटी का इलाज लखनऊ स्थित विवेकानंद और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कराया। दोनों अस्पताल में डेढ़-डेढ़ साल तक इलाज हुआ। 15-15 दिन वार्ड में उनकी बेटी भर्ती थी। इसके बाद भी समस्या दूर नहीं हुई। इसके बाद लखनऊ में दो यूरोलॉजिस्ट से फातमा का इलाज कराया। एक यूरोलॉजिस्ट ने कैथेटर लगाने का सुझाव दिया।
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करीब दो साल तक कैथेटर की मदद से फातमा यूरिन निकालती थी। यूरिन लीकेज की समस्या के कारण फातमा स्कूल नहीं जा पा रही थी। कैथेटर लगा होने के कारण वह स्कूल जाने से शर्माती थी। करीब छह महीने पहले राजकीय होम्योपैथी चिकित्सालय में चिकित्साधिकारी डॉ. अभय प्रजापति को दिखाया। छह महीने लगातार इलाज करने के बाद अब फातमा की यूरिन लीकेज की समस्या धीरे-धीरे खत्म हो गई है। लखनऊ में इलाज कराने में डेढ़ लाख रुपये से अधिक खर्च हो गया, लेकिन आराम नहीं हुआ। होम्योपैथी चिकित्सालय में सरकारी दवा से ही अच्छा इलाज हो गया।
रिपोर्ट के आधार पर शुरू किया इलाज
राजकीय होम्योपैथी चिकित्सालय के चिकित्साधिकारी डॉ. अभय प्रजापति ने बताया कि यूरिन लीकेज एक आम समस्या है। व्यक्ति यूरिन पर नियंत्रण खो देता है। यह कमजोर मांसपेशियों के कारण होता है। चिकित्साधिकारी ने बताया कि विवेकानंद व राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चिकित्सकों की रिपोर्ट के आधार पर दवा शुरू किया था। छह महीने तक दवा चलने के बाद उसके पिता लीकेज की समस्या दूर होने की बात कर रहे हैं।
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हरैया सतघरवा ब्लॉक क्षेत्र के मथुरा बाजार निवासी मो. अशफाक की नौ साल की बेटी सिधरा फातमा को करीब पांच सालों से यूरिन लीकेज की बीमारी थी। मो. अशफाक ने बताया कि उनकी बेटी जब तीन साल की हुई तो यूरिन लीकेज की समस्या का पता चला। वह यूरिन को नियंत्रित नहीं कर पाती थी। सोते-खाते, चलते-फिरते हमेशा यूरिन बाहर निकल जाता था।
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जब समस्या गंभीर हो गई तब उन्होंने अपनी बेटी का इलाज लखनऊ स्थित विवेकानंद और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कराया। दोनों अस्पताल में डेढ़-डेढ़ साल तक इलाज हुआ। 15-15 दिन वार्ड में उनकी बेटी भर्ती थी। इसके बाद भी समस्या दूर नहीं हुई। इसके बाद लखनऊ में दो यूरोलॉजिस्ट से फातमा का इलाज कराया। एक यूरोलॉजिस्ट ने कैथेटर लगाने का सुझाव दिया।
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करीब दो साल तक कैथेटर की मदद से फातमा यूरिन निकालती थी। यूरिन लीकेज की समस्या के कारण फातमा स्कूल नहीं जा पा रही थी। कैथेटर लगा होने के कारण वह स्कूल जाने से शर्माती थी। करीब छह महीने पहले राजकीय होम्योपैथी चिकित्सालय में चिकित्साधिकारी डॉ. अभय प्रजापति को दिखाया। छह महीने लगातार इलाज करने के बाद अब फातमा की यूरिन लीकेज की समस्या धीरे-धीरे खत्म हो गई है। लखनऊ में इलाज कराने में डेढ़ लाख रुपये से अधिक खर्च हो गया, लेकिन आराम नहीं हुआ। होम्योपैथी चिकित्सालय में सरकारी दवा से ही अच्छा इलाज हो गया।
रिपोर्ट के आधार पर शुरू किया इलाज
राजकीय होम्योपैथी चिकित्सालय के चिकित्साधिकारी डॉ. अभय प्रजापति ने बताया कि यूरिन लीकेज एक आम समस्या है। व्यक्ति यूरिन पर नियंत्रण खो देता है। यह कमजोर मांसपेशियों के कारण होता है। चिकित्साधिकारी ने बताया कि विवेकानंद व राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चिकित्सकों की रिपोर्ट के आधार पर दवा शुरू किया था। छह महीने तक दवा चलने के बाद उसके पिता लीकेज की समस्या दूर होने की बात कर रहे हैं।