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31 चौकियों से की जाएगी बाढ़ पीड़ितों की मदद
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बलरामपुर। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने सोमवार को बताया कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। 31 चौकियों से बाढ़ पीड़ितों को मदद पहुंचाई जाएगी। 18 राहत केंद्रों से बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री भेजी जाएगी। कंट्रोल रूम से बाढ़ की निगरानी की जाएगी। एसडीआरएफ व फ्लड पीएसी तैनात कर दी गई है।
एडीएम ने बताया कि दो दिन पूर्व भारी बारिश से खरझार सहित अन्य कई पहाड़ी नालों व राप्ती नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। जिसके चलते सदर तहसील के हरैया सतघरवा ब्लॉक में 28 गांव, तुलसीपुर तहसील के 20 गांव और उतरौला तहसील का एक गांव प्रभावित हुआ है। तीनों तहसीलों के एसडीएम व तहसीलदारों को बचाव कार्य में लगा दिया गया है।
राजस्व कर्मियों व अन्य विभागों के कर्मचारियों से भी राहत कार्य में सहयोग लिया जा रहा है। सोमवार को बारिश न होने के कारण राप्ती नदी व पहाड़ी नालों का जलस्तर कम हो गया है। इस समय केवल एक गांव जलमग्न है। गांव में नाव उपलब्ध करा दी गई है। जलभराव वाले स्थानों पर फॉगिंग व साफ-सफाई के कार्य संबंधित अफसरों की तरफ से कराए जा रहे हैं। राप्ती नदी का जलस्तर वर्तमान में डेंजर लेवल से कम है। नदी की कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों की तरफ से लगातार कार्य किया जा रहा है।
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31 बाढ़ चौकी और 18 बाढ़ राहत केंद्र संचालित करा दिए गए हैं। तीनों तहसीलों में सात नावें भेजी गई हैं। सभी डिप वाले स्थानों पर नाव व ट्रैक्टर उपलब्ध करा दिए गए हैं। मथुरा-ललिया मार्ग कटने से आवागमन बाधित हुआ है। पानी कम होते ही मरम्मत कार्य कराकर आवागमन बहाल कराया जाएगा। बाढ़ से बचाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। डिप व गहरे जलभराव वाले स्थानों पर न जाएं और अपने पशुओं को भी जाने से रोकें। तीनों तहसीलों में बाढ़ कंट्रोल रूम चालू करा दिया गया है। जिला स्तर पर बाढ़ कंट्रोल रूम 05263-232046 व 05263-236250 पर फोन करके संपर्क कर सकते हैं।
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एडीएम ने बताया कि दो दिन पूर्व भारी बारिश से खरझार सहित अन्य कई पहाड़ी नालों व राप्ती नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। जिसके चलते सदर तहसील के हरैया सतघरवा ब्लॉक में 28 गांव, तुलसीपुर तहसील के 20 गांव और उतरौला तहसील का एक गांव प्रभावित हुआ है। तीनों तहसीलों के एसडीएम व तहसीलदारों को बचाव कार्य में लगा दिया गया है।
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राजस्व कर्मियों व अन्य विभागों के कर्मचारियों से भी राहत कार्य में सहयोग लिया जा रहा है। सोमवार को बारिश न होने के कारण राप्ती नदी व पहाड़ी नालों का जलस्तर कम हो गया है। इस समय केवल एक गांव जलमग्न है। गांव में नाव उपलब्ध करा दी गई है। जलभराव वाले स्थानों पर फॉगिंग व साफ-सफाई के कार्य संबंधित अफसरों की तरफ से कराए जा रहे हैं। राप्ती नदी का जलस्तर वर्तमान में डेंजर लेवल से कम है। नदी की कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों की तरफ से लगातार कार्य किया जा रहा है।
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31 बाढ़ चौकी और 18 बाढ़ राहत केंद्र संचालित करा दिए गए हैं। तीनों तहसीलों में सात नावें भेजी गई हैं। सभी डिप वाले स्थानों पर नाव व ट्रैक्टर उपलब्ध करा दिए गए हैं। मथुरा-ललिया मार्ग कटने से आवागमन बाधित हुआ है। पानी कम होते ही मरम्मत कार्य कराकर आवागमन बहाल कराया जाएगा। बाढ़ से बचाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। डिप व गहरे जलभराव वाले स्थानों पर न जाएं और अपने पशुओं को भी जाने से रोकें। तीनों तहसीलों में बाढ़ कंट्रोल रूम चालू करा दिया गया है। जिला स्तर पर बाढ़ कंट्रोल रूम 05263-232046 व 05263-236250 पर फोन करके संपर्क कर सकते हैं।