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Balrampur News: 30 वर्ष से अधिक उम्र वालों की बनेगी हेल्थ प्रोफाइल, गांव-गांव होगी जांच
Fri, 10 Jul 2026 11:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 10 Jul 2026 11:27 PM IST
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बलरामपुर। कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और अन्य गैर संचारी बीमारियों की समय रहते पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग विशेष अभियान शुरू करने जा रहा है। इसके तहत जिले में 30 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी लोगों की निशुल्क स्वास्थ्य जांच की जाएगी। जांच के दौरान गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों का विवरण ई-कवच पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा, ताकि उनके उपचार और फॉलोअप की नियमित निगरानी की जा सके।
बदलती जीवनशैली के कारण कम उम्र में भी लोग मधुमेह, हृदय रोग, ब्रेन स्ट्रोक और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जागरूकता के अभाव में अधिकांश लोग नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं कराते, जिससे बीमारी का पता देर से चलता है और उपचार कठिन हो जाता है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों की स्क्रीनिंग कराने का निर्णय लिया है।
अभियान के तहत जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में शिविर लगाए जाएंगे। प्रशिक्षित आशा और एएनएम गांव-गांव जाकर लोगों की जांच करेंगी। अभियान की पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के लिए जांच, उपचार और फॉलोअप से जुड़ा पूरा विवरण प्रतिदिन ई-कवच (एनपी-एनसीडी) पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
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गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान होने से मरीजों का उपचार जल्द शुरू किया जा सकेगा। नियमित स्क्रीनिंग से बीमारी के जोखिम को कम करने और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
— डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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बदलती जीवनशैली के कारण कम उम्र में भी लोग मधुमेह, हृदय रोग, ब्रेन स्ट्रोक और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जागरूकता के अभाव में अधिकांश लोग नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं कराते, जिससे बीमारी का पता देर से चलता है और उपचार कठिन हो जाता है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों की स्क्रीनिंग कराने का निर्णय लिया है।
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अभियान के तहत जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में शिविर लगाए जाएंगे। प्रशिक्षित आशा और एएनएम गांव-गांव जाकर लोगों की जांच करेंगी। अभियान की पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के लिए जांच, उपचार और फॉलोअप से जुड़ा पूरा विवरण प्रतिदिन ई-कवच (एनपी-एनसीडी) पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
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गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान होने से मरीजों का उपचार जल्द शुरू किया जा सकेगा। नियमित स्क्रीनिंग से बीमारी के जोखिम को कम करने और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
— डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी