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जीएसटी छापा : 10 करोड़ का कारोबार प्रभावित
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बलरामपुर। जीएसटी छापे की डर की वजह से बीते पांच दिनों से कारोबार पर खासा असर पड़ा है। इस अवधि में व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं। जिससे करीब दस करोड़ रुपये का टर्नओवर प्रभावित हुआ है। हालांकि सोमवार को दोपहर में छापे पर रोक की सूचना आने के बाद बाजार में रौनक लौट आई।
कर चोरी रोकने के लिए राज्य कर विभाग की टीम जिले में पांच दिनों से अभियान चला रही थी। दुकानों पर छापे मारे गए और अभिलेख एकत्र किए गए। छापे की डर से जीएसटी की टीम के आने की खबर लगते ही दुकानें बंद हो जातीं थीं। बड़े से लेकर छोटे व्यापारी तक दहशत में थे। इसका कारोबार पर सबसे ज्यादा असर पड़ा।
जिला उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष रमेश पाहवा ने बताया कि छापे की वजह से दुकानों बंद रहीं और इस अवधि में करीब दस करोड़ रुपये का टर्नओवर प्रभावित हुआ है। सरकारी राजस्व पर भी खासा असर पड़ा है।
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अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संजय मोदी भी छापे की वजह से दुकानों के बंद होने से कारोबार पर असर पड़ने की बात कह रहे हैं। वहीं सदर विधायक पल्टूराम ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर व्यापारियों की समस्या से अवगत कराया है।
जीएसटी टीम के आने की आहट से सोमवार सुबह से ही उतरौला कस्बे में दुकानें बंद रहीं। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत उन लोगों को हुई, जिनके यहां शादी थी। कपड़ा समेत अन्य सामान खरीदने के लिए उनको समस्या का सामना करना पड़ा। हालांकि दोपहर बाद दुकानें खुल गईं।
श्रीराम जानकी मंदिर सभागार में एकत्र हुए व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने छापे पर रोक के फैसले का स्वागत किया है। अध्यक्ष रामजी आर्य व महामंत्री रूप चंद्र गुप्ता ने व्यापारियों को निर्भीक होकर व्यापार करने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रभारी श्याम बिहारी अग्रहरि, विनय सेठी, ओम प्रकाश चौरसिया, राजेश बरनवाल, निजामुद्दीन सभासद, पटेश्वरी प्रसाद व राम गोपाल गुप्ता समेत अन्य मौजूद रहे।
राज्य कर के सहायक आयुक्त मोहम्मद इम्तियाज सिद्दीकी ने कहा कि व्यापारियों को डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। बेहिचक होकर कारोबार करें। नियम के अनुरूप जीएसटी का पंजीकरण कराकर प्रक्रिया का पालन करें।
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कर चोरी रोकने के लिए राज्य कर विभाग की टीम जिले में पांच दिनों से अभियान चला रही थी। दुकानों पर छापे मारे गए और अभिलेख एकत्र किए गए। छापे की डर से जीएसटी की टीम के आने की खबर लगते ही दुकानें बंद हो जातीं थीं। बड़े से लेकर छोटे व्यापारी तक दहशत में थे। इसका कारोबार पर सबसे ज्यादा असर पड़ा।
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जिला उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष रमेश पाहवा ने बताया कि छापे की वजह से दुकानों बंद रहीं और इस अवधि में करीब दस करोड़ रुपये का टर्नओवर प्रभावित हुआ है। सरकारी राजस्व पर भी खासा असर पड़ा है।
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अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संजय मोदी भी छापे की वजह से दुकानों के बंद होने से कारोबार पर असर पड़ने की बात कह रहे हैं। वहीं सदर विधायक पल्टूराम ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर व्यापारियों की समस्या से अवगत कराया है।
जीएसटी टीम के आने की आहट से सोमवार सुबह से ही उतरौला कस्बे में दुकानें बंद रहीं। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत उन लोगों को हुई, जिनके यहां शादी थी। कपड़ा समेत अन्य सामान खरीदने के लिए उनको समस्या का सामना करना पड़ा। हालांकि दोपहर बाद दुकानें खुल गईं।
श्रीराम जानकी मंदिर सभागार में एकत्र हुए व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने छापे पर रोक के फैसले का स्वागत किया है। अध्यक्ष रामजी आर्य व महामंत्री रूप चंद्र गुप्ता ने व्यापारियों को निर्भीक होकर व्यापार करने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रभारी श्याम बिहारी अग्रहरि, विनय सेठी, ओम प्रकाश चौरसिया, राजेश बरनवाल, निजामुद्दीन सभासद, पटेश्वरी प्रसाद व राम गोपाल गुप्ता समेत अन्य मौजूद रहे।
राज्य कर के सहायक आयुक्त मोहम्मद इम्तियाज सिद्दीकी ने कहा कि व्यापारियों को डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। बेहिचक होकर कारोबार करें। नियम के अनुरूप जीएसटी का पंजीकरण कराकर प्रक्रिया का पालन करें।